‘My simple Husband ! Dilemma of a wife’ love story

‘My simple Husband ! Dilemma of a wife’ love story

अदिति सुबह घर से ऑफिस आई थी तब उसका मूड बिल्कुल ठीक था लेकिन जबसे बाथरूम में गई और वहाँ सुमि को देखा तब से उसे फिर से अपनी किस्मत पर गुस्सा आने लगा । पता नहीं क्यों सुमि की किस्मत इतनी अच्छी लिखी है भगवान ने ?

सुमि के father खानदानी रईस इंसान हैं और उसके पापा किराना स्टोर चलाते है । दोनों ने साथ ही कॉलेज कंप्लीट किया । कॉलेज में सुमि हमेशा टॉपर रही , अदिति यहाँ भी उसके मुकाबले नहीं टिकी । जॉब भी सुमि को पहले मिली और प्रमोशन भी । अदिति की किस्मत ने तो पर्सनल लाइफ में भी उसका साथ नहीं दिया ।

स्ट्रिप डांस की शौकीन अदिति की शादी Classical Indian Dance तक को भी ठीक से न जानने वाले आशुतोष से कर दी गई और यहाँ भी बाजी सुमि मार ले गई । उसने love marriage की है एक साल पहले । सुमि के इस एक साल की शादी ने अदिति की ढाई साल वाली शादी को हिला के रखा हुआ है ।

कॉलेज टाइम में दोनों सहेलियों के बड़े ख्वाब रहें थें । Erotic books पढ़ना, English couple dance देखना और French kiss की प्रैक्टिस करना , अपने फ्री टाइम में दोनों यही किया करती थीं। जिस दौर में लड़कियों ने K drama देखना शुरू किया था उस दौर में दोनों ने इटालियन माफिया वाली मूवीज और सीरीज देख के खत्म कर दिया था ।

जाहिर सी बात है इतना सब करने के बाद अपने-अपने Husbands से उनकी Expectations तो high होनी ही थी लेकिन अदिति के Simple Husband न ऐसे ट्रेंड को जानते थें और न ट्रेडिशनल के अलावा कुछ सोच या देख सकते थें।

Arrange marriage होने की वजह से शुरुआत में अदिति ने कुछ भी नहीं कहा लेकिन धीरे धीरे उसे Simple सेक्स से बोरियत हो गई तो उसने हिंट देना शुरू किया लेकिन कुछ खास फायदा हुआ नहीं । हफ्ते में मुश्किल से तीन बार ही दोनों में कुछ होता वो भी सादा सा। ऐसा नहीं है कि आशुतोष ने सिर्फ अपनी जरूरत का ध्यान रखा हो वो अदिति का भी खयाल रखता था।

फिर भी उसकी समझ के बाहर था कि कभी कभी उसकी wife छोटी छोटी बातों पर बेवजह का गुस्सा करने लगती है। अदिति खुद भी जानती है कि वो सेटिस्फाई है फिर भी शायद उसे अपने सेटिस्फेक्शन से ज्यादा fictional Way में हुई चीजें ज्यादा एक्साइटेड फील देती हैं ।

'My simple Husband ! Dilemma of a wife' love story
‘My simple Husband ! Dilemma of a wife’ love story

दूसरी तरफ सुमि है रोज कोई न कोई love bite लेकर ऑफिस आ जाती है और फिर बाथरूम में जाकर उस पर मेकअप लगाती है । कभी गर्दन , कभी गाल तो कभी सीने पर कोई न कोई नया निशान सुमि की बॉडी पर रोज ही उभरता है । दोपहर में जब सब लंच करते है उस वक्त सुमि अपनी नींद पूरी करती है ।

ये सब देख कर अदिति को और जलन होने लगी है , बिना बात के ही आशुतोष से झगड़े भी बढ़ने लगे है । एक ताना जैसे देने लगी है कि सुमि के husband को देखो वो कैसे है , उनके जैसा बनो। आशुतोष बस यही कहता कि वो जैसा है वैसा ही ठीक है । रही पैसा कमाने की बात तो धीरे धीरे वो भी अच्छा पैसा कमाने ही लगेगा।

तुम्हें हर बात पर पैसा ही सूझता है । वो ऐसे ही गुस्सा कर बात खत्म कर दिया करती है ।
सुमि के पास बड़ा सा बंगला है जिसमें सिर्फ वो और उसके Husband ही रहते हैं और अदिति के पास  दो मंजिला 4BHK है जिसमें आशुतोष के पेरेंट्स भी रहते है।

अदिति की दो तीन और भी सहेलियां हैं उनमें जब सुमि की बात होती है तो सब उसे lucky बोलते है लेकिन जब अदिति की बात आती है तो सबके चेहरे के भाव ही बता देते है कि उनकी Married life उससे काफी बेहतर है । उसकी एक फ्रेंड ने उसे सजेस्ट किया था कि वो boss को फंसा ले । तो उसने मना कर दिया था कि Cheat नहीं कर सकती वो आशुतोष पर ।

उसकी दूसरी फ्रेंड ने सलाह दे डाली कि तो फिर तलाक ले लो तब Boss को फंसा लेना तब थोड़े cheating मानी जाएगी । उस वक्त तो अदिति ने अनसुना का दिया था लेकिन घर आकर इस बात को उसने एक बार सोचा जरूर था ।

आशुतोष ने सारी कोशिश करके देख ली थी लेकिन अदिति खुश हो ही नहीं रही थी । उसने एक बार हिम्मत करके उससे पूछ भी लिया था कि क्या वो अदिति को सेटिस्फाइ नहीं कर पा रहा है ? अब अदिति क्या जवाब दे क्योंकि ऐसा था ही नहीं ।
ऐसा तो बिल्कुल भी नहीं है … अदिति ने कहा ।
सच में ?

हाँ!  इसके आगे अदिति खुद उन चीजों को एक्सप्लेन नहीं कर पाई जो उसके दिमाग में थी । कितना अजीब लगेगा कहते हुए कि सेटिस्फेक्शन तो है लेकिन जिस तरीके से वो नहीं उसे किसी दूसरे तरीके से सेटिस्फेक्शन चाहिए । आशुतोष इधर से ध्यान हटाकर अपनी बाकी गलतियों की तरफ ध्यान देने लगा ।

Sunday के दिन सुबह ही सुमि का कॉल आता है अदिति को और वो उसे दोपहर में मिलने बुलाती है ।
अदिति और सुमि दोनों ही दोपहर में किसी से मिलने निकल जाती हैं।
हम कहाँ जा रहें हैं? अदिति ने पूछा ।
मेरी वकील के पास । सुमि ने गाड़ी चलाते हुए जवाब दिया।
वकील के पास ? कोई मैटर हुआ है क्या ?

मैं रवि से तलाक लेने जा रही हूँ।
रवि भाई साहब से ? अदिति का मुंह खुला का खुला रह गया ।
पागल हो क्या तुम ऐसा क्यों कर रही हो ? जानती हो ऐसा पति सबको नहीं मिलता ।
भगवान से दुआ भी है कि किसी को ऐसा मिले भी न ।
ऐसा क्यों बोल रही हो यार वो मारते हैं तुम्हें क्या ?
नहीं ।

तो दूसरी लड़कियों से चक्कर है ?
नहीं ।
तो फिर ?
अभी थोड़ी देर में तुम्हें पता चल जाएगा ।

सीमा जी काफी जानी जामी वकील हैं और उनसे मिलने का ये मौका अदिति को पहली बार मिला ।
मैंने फोन पर सुनी थी तुम्हारी बात लेकिन आमने सामने बात करना ज्यादा ठीक रहता है । सामने सीमा जी बैठी थी और सोफे पर सुमि और अदिति ।
तो बताओ तलाक का आधार क्या रहेगा ? सीमा जी ने अपने फोन का रिकॉर्डर स्टार्ट करके रख दिया ।

मैं थक गई हूँ ये रिश्ता निभाते हुए । ये सच है कि शादी को सिर्फ एक ही साल हुआ है लेकिन एक ही साल में मैने इतना झेल लिया है कि आगे की जिंदगी के लिए सोचते ही कांप जाती हूँ।
ऐसा क्या हुआ शादी के एक ही साल में कि आप ऐसा फैसला लेने पर मजबूर हुई ? क्या आपके Husband ने आपको मारा-पीटा, दहेज की माँग की या कोई और बात है ?

जैसा कि मैंने आपको फोन पर ही बताया था कि इनमें से ऐसा कुछ भी नहीं है । वो मुझसे प्यार भी करता है और मारपीट भी नहीं करता । लेकिन मुझे उसके साथ रहते हुए प्यार की feelings नहीं बल्कि रेप की feeling आती है । मैं क्या चाहती हूँ उससे कोई मतलब ही नहीं है उस इंसान को । ऐसा लगता है कभी-कभी की मैं सिर्फ सेक्स टॉय बन कर रह गई हूँ उसके लिए ।

मुझे महीने में सिर्फ दो दिन की रेस्ट मिलती है जब मेरे पीरियड्स शुरू होते हैं बस … तीसरे दिन तक ही रवि का गुस्सा शुरू हो जाता है । उसे दो दिन इंतजार करना भी पहाड़ लगता हैं। शादी के बाद एक भी.. दिन एक भी दिन ऐसा नहीं गया जब नॉर्मल मुझे उसके सीने पर सर रख के सोने को मिला … बात करते-करते सुमि का गला भर आया उसने टिशू पेपर से अपने आँसू पोछे और फिर बोलना शुरू किया।

मैंने उसे बहुत बार समझाया कि ऐसे मत करो मेरे साथ मुझे हर्ट होता है इसके बाद वो sorry भी बोलता है लेकिन एक दो दिन में ही वो भूल भी जाता है । मुझे उसके साथ सोना न पड़े इसके लिए मैं किचन में देर तक कोई न कोई काम किया करती हूँ फिर भी…. घर पर जब मेहमान होते है तो ज्यादा एग्रेसिवली कुछ नहीं करता था इसीलिए मैं जानबूझ कर कभी उसके पेरेंट्स तो कभी अपने पेरेंट्स को घर पर बुला लेती हूँ लेकिन अब इस बात का भी उसे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

सुमि की बातें सुनते हुए अदिति अंदर तक सिहर जा रही थी । घंटे भर तक उसने जो भी सुना ये लगभग वहीं बातें थी जो उसने कल्पना की थी । कमाल है वो उसके लिए एक सुंदर कल्पना है वो सामने वाले के लिए एक भयानक हकीकत …! अदिति उन दोनों के साथ बैठे हुए भी किसी दूसरी दुनिया में चली गई थी ।
अब आप बताइए आपकी क्या problem है? सीमा जी ने अदिति की तरफ इशारा किया तो वो चौंक पड़ी ।
मेरी ..?

हाँ आप भी तो अपने पति से तलाक लेना चाहती हैं?
नहीं मैम! ये तो बस मेरे साथ आई है इसकी किस्मत मेरे जितनी खराब भी नहीं है । इनके पति बहुत ही प्यार करते हैं इनसे और ध्यान भी बहुत रखते हैं इसका । अगर आशुतोष जैसा पति मुझे मिला होता तो कभी आप तक आने की जरूरत ही न पड़ती मुझे।
अदिति ने ध्यान से सुमि की तरफ देखा वो चाहे जितना भी उससे पीछे थी लेकिन अपनी जिंदगी में , प्यार में उससे आगे निकल चुकी है वो ।

दोनों गाड़ी में जब बैठी तो अदिति ने सुमि के हाथ पर अपना हाथ रखा ।
मुझे तुम्हारे लिए बुरा लगा ।
और मुझ तुम्हारे लिए । सुमि ने अपना हाथ निकाल कर अदिति के हाथ पर रख दिया ।
आशुतोष बहुत अच्छे इंसान हैं उनके साथ झगड़ने की बजाय तुम रिलेशनशिप काउंसलर के पास ले जाओ । जो बातें तुम खुल कर नहीं कह पा रही हो शायद वहाँ उन्हें पता चल जाएं।
मैं ऐसा ही करूंगी सुमि! अदिति ने उसे गले लगा लिया ।

बड़ी देर कर दी आने में ? हम लोग तो चाय भी पी चुके है। शाम को अदिति कमरे में आई तब आशुतोष अपने लैपटॉप पर काम कर रहा था ।
मम्मी से बोल कर बनवा दूं एक कप चाय ?
खड़े हो । अदिति उसके सामने खड़ी हो गई ।
क्या हुआ ?
खड़े तो हो ।

कोई बात हो गई क्या ? आशुतोष जैसे ही खड़ा हुआ वैसे ही अदिति उसके सीने से लग गई ।
I am sorry and I love you .

'My simple Husband ! Dilemma of a wife' love story
‘My simple Husband ! Dilemma of a wife’ love story

Love you too Jaan पर इतना प्यार किस लिए आ गया अचानक ।
मुझे तुमसे कुछ कहना है ?
क्या ?
क्या तुम मेरे साथ कपल सेशन के लिए चलोगे ?
क्या ये जरूरी है हमारे लिए ।

हाँ शायद से क्योंकि मैं कुछ बातें कह पाने में झिझक महसूस करती हूँ और तुम्हें समझ नहीं आ पाता इसी वजह से ।
जैसे कि क्या ?
जैसे कि हम जो हफ्ते में तीन दिन करते है वो हम 5 दिन भी तो कर सकते है ?
हाँ आप चाहेगी तो 7 दिन भी कर सकते है । आशुतोष ने उसे कसके बाहों में जकड़ा ।
और कुछ कहना ।
बाकी का कल सेशन में ।

तो बस आज इतना ही कहना है ?
हाँ जी ।
मुझे क्यों लग रहा है कि कुछ और भी कहना है ।
क्या ?
You want a soft kiss right ? आशुतोष ने प्यार से उसके चेहरे को ऊपर की तरफ उठा कर चूम लिया ।

ओफ्फो ये आज कल के बच्चे भी न ? अचानक मम्मी के आने से दोनों दूर हट गए ।
मम्मी मैं इसकी आँख में देख रहा था कुछ चला गया था शायद।
चाय लाई थी अदिति के लिए तुम भी पी लेना एक कप उसके साथ बैठ कर । और हाँ आगे से कुछ करना तो दरवाजा बंद करके करना । मम्मी ने मुस्कुरा कर जाते हुए दरवाजा बंद लिया ।
मम्मी तो गई । आशुतोष ने अदिति को दोबारा अपनी तरफ खींच लिया ।

Moral of the story : अपने किसी भी रिश्ते को दूसरे के रिश्ते से कंपेयर नहीं करना चाहिए । हो सकता हो हम जिनके जैसा बनने की कोशिश कर रहे हैं वो किसी और के जैसा बनना चाहते हो । इसीलिए अपने पास मौजूद चीजों से और लोगों से प्यार करते रहें, याद रखें कोई भी परफेक्ट नहीं हो सकता , उनकी कमियों से भी आपको प्यार करना चाहिए ।

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