My trophy Wife ! Romantic Love story in Hindi pt-3

My trophy Wife ! Romantic Love story in Hindi pt-3

My trophy Wife !  कहानी के दूसरे भाग में आपने पढ़ा कि आदित्य और सिद्धार्थ के बीच चेस होता है जिसमें सिद्धार्थ उसे कनिका की कसम देकर हरा देता है । इस वजह से कनिका को उसके लिए कपकेक भी बनाना पड़ता है। किचन में बातचीत के दौरान ही सिद्धार्थ उसे उसका नाम लेकर और ‘ आप ‘ से ‘ तुम ‘ कहने के लिए फोर्स करता है। उसके अगले दिन जब वो अपने पक्षियों को दाना खिला रही होती है तभी सिद्धार्थ पीछे से आकर उसकी आँखें बंद कर देता है , वो इस बात का विरोध करती है।

सिद्धार्थ आदित्य की आदतों को बताते हुए पक्षियों को आजाद करने की कोशिश करता है और कनिका उसे रोकने के लिए लपकती है तो फिसल जाती है । लेकिन सिद्धार्थ उसे अपनी बांहों में भर लेता है। कनिका को ये बिल्कुल अच्छा नहीं लगता इसलिए वो वहाँ से भाग जाती है । अब आगे –

कनिका अपने बेडरूम में पहुंची और जल्दी से तैयार होने लगी । सिद्धार्थ जब तक नाश्ता करके उठा तब तक कनिका कहीं चली गई थी ।
सिद्धार्थ ने भी अपनी कार निकाली और अपने काम के सिलसिले में निकल गया ।
शाम में जब आदित्य घर लौटा तो उसे घर खाली मिला ।

नौकरों से पता चला कि दोनों बाहर गएं हैं। उसे लगा कि दोनों साथ गएं होंगे तो उसने कोई फिक्र नहीं की । लेकिन 45 मिनट के भीतर ही सिद्धार्थ भी वापस आ गया तब पता चला कि वो अकेली निकल गई है कहीं ।
पता नहीं इस लड़की को हो क्या जाता है कभी-कभी। आदित्य ने कनिका का नंबर मिलाया लेकिन स्विच ऑफ आ रहा था ।
भाभी आपको बिना बताएं अक्सर गायब हो जातीं हैं क्या?
नहीं वो कभी ऐसा नहीं करती है ।

हो सकता है कि करतीं हो और आप ध्यान ही नहीं दे पाएं है ।
नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है । तुम उसे जानते नहीं हो जब जान जाओगे तो ऐसा कुछ नहीं बोलोगे । कनिका का फोन बंद आने पर आदित्य ने ड्राइवर को फोन मिलाया।

My trophy Wife ! Romantic Love story in Hindi pt-3
My trophy Wife ! Romantic Love story in Hindi pt-3

कहाँ हो ? तुम्हारी मेमसाब कहाँ हैं ?
बात करने पर पता चला किसी आर्ट गैलरी में पेंटिंग्स देखने गईं हुईं हैं।

जितना देखना दिखाना था देख लिया अपनी मेमसाब को तुरंत वापस लेकर आओ। रात के 8 बज रहें हैं और उन्हें अपनी फिक्र ही नहीं है।
बात तो सही कही आपने । उन्हें अपनी फिक्र करनी चाहिए वरना कुछ हो गया तो बेवजह ही आपका नाम खराब होगा ।
यार इस तरह तो मत बोलो । गॉर्ड उसके साथ रहता है , ड्राइवर पर्सनल है तो क्या हो जाएगा उसे ।

आप भी जानते हो कि बड़े लोगों के दोस्त से ज्यादा दुश्मन होते हैं। वो लोग आप तक तो पहुंच नहीं पाएंगे बेवजह भाभी को ही अपना शिकार बना लेंगे ।
बात तो तुम्हारी भी कुछ हद तक ठीक है यार लेकिन मैं उसके जाने आने पर पाबंदी लगाने का अधिकारी थोड़े हूँ।

आपने उनसे ज्यादा दुनिया देखी है आपको तो अच्छे से पता होगा कि जान बचाने के लिए पाबंदियां लगाना भी जायज़ होता है । वो तो भोली सी है और कोई इनके इसी भोलेपन का फायदा उठा सकता है । सच बताइएगा कितनी ऐसी Surgeries आपने की हैं जिनमें किसी अपने ने ही वार किया हो ?
शांता मेरी ग्रीन टी लाना सर दर्द से फटा जा रहा है। आदित्य सर पकड़ के बैठ गया ।
आप कहें तो मैं एक राउंड लगा कर आऊं ?

नहीं तुम परेशान मत हो , वो आती…! वाक्य खत्म होने से पहले ही कनिका आती दिखाई दी । उसे आता देख कर आदित्य ने राहत की सांस ली और बरामदे में ही उसके सामने खड़ा हो गया ।

कहाँ गईं थी और मुझे बताया क्यों नहीं ?
जरूरी था तुमको बताना ?
जरूरी ? अरे मुझे तो पता है तुम्हारा नेचर लेकिन सिद्धार्थ कितना परेशान हो गया था तुम्हारे लिए ।
बीवी मैं आपकी हूँ फिक्र कोई दूसरा क्यों करें ? कनिका उसे साइड करके जाने लगी ।

अब से तुम बिना मेरी मर्जी के या फिर जब तक सिद्धार्थ है उसी के साथ ही बाहर जाओगी। तुम ऐसे नहीं जाओगी चाहे कोई कितना भी बुलाए । मेरी बात खत्म हुई और मैं इसपर बहस नहीं चाहता ।

कनिका ने गुस्से में पलट कर आदित्य को देखा लेकिन अपने शब्दों को रोकते हुए पलट पड़ी ।
आदित्य भी गुस्से से भरा हुआ अपने म्यूजिक रूम में चला गया । जहाँ उसका गिटार और पियानो रखा है ।

आदर्श पति और पत्नी का नाटक सिद्धार्थ के सामने दो दिन में ही खुल गया था । सिद्धार्थ वहीं लिविंग एरिया में बैठ कर सिगरेट सुलगाने में मस्त हो गया ।

अगले दिन इतवार था । कहीं कोई भागदौड़ कोई जल्दबाजी की जरूरत नहीं है । आज किसी इमरजेंसी केस में ही आदित्य हॉस्पिटल जा सकता है वरना सारे दिन बैठ कर अपना इन्वेस्टमेंट और न्यू डील्स चेक करता है घर पर । Sunday की रात किसी पार्टी में शिकरत करते हुए बीत जाती है ।

Good morning! कनिका के बेड के पास आदित्य चाय लेकर खड़ा था ।
तुम क्यों आएं शांता या माहेश्वरी नहीं आईं है क्या ?
शांता के हाथ से ही चाय लेकर आया हूँ । सोचा तुम गुस्सा होगी कल रात से तो ….
मैं नहीं हूँ गुस्सा । कनिका ने उठकर उसके हाथ से चाय ले ली ।

बात ये है कि मैंने डॉक्टरी के पेशे में जितनी जानें बचाई हैं उससे ज्यादा दुश्मन मैंने Business line में आने के बाद पैदा कर लिए हैं। वो मेरा तो कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे लेकिन तुम्हें बहुत नुकसान पहुंचा सकते हैं ।
तुम्हें फिक्र है मेरी ? कनिका ने बहुत ही मुलायम अंदाज में पूछा ।

फिक्र क्या मेरा मतलब… जिम्मेदारी हो मेरी तो …थोड़ा बहुत देखभाल तो करनी पड़ती है । आदित्य ने जिस तरह जवाब दिया उससे पता चलता था कि वो ऐसे सवालों से बचना चाहता है । इसीलिए वो जल्दी से उसके बेडरूम से निकल भी गया ।

उसका जवाब सुनकर कनिका थोड़ा अपसेट हो गई । क्या ही हो जाता अगर एक बार कह देते की “हाँ तुम्हारी फिक्र है मुझे !” क्या जान निकल जाती शरीर से ? झूठ ही सही लेकिन दो मीठे बोल तो बोले जा सकते थे न? कनिका से चाय नहीं पी गई । एक घूंट पीते ही उसे लगा जैसे कोई करेले का जूस दे गया हो । उसने कप टेबल पर रख दिया और फ्रेश होने चली गई ।

रात में एक पार्टी में चलना है । ऐसा आदित्य ने लंच टाइम में ही कनिका और सिद्धार्थ से बोल दिया था । ताकि शाम को निकलने में देर न हो जाए ।
भाभी ! अंदर आ जाऊं? सिद्धार्थ ने कमरे का दरवाजा नॉक किया ।
हाँ हाँ क्यों नहीं । कनिका ने जल्दी से अपने कपड़े साइड किए जो बेड पर बेतरतीब फैले हुए थे क्योंकि वो डिसाइड नहीं कर पा रही थी कि पार्टी में क्या पहन कर जाना है ।

मैं पूछने आया था कि इन दोनों सूट में से मुझ पर कौन ज्यादा अच्छा लगेगा ? सिद्धार्थ के एक हाथ में मेजेंटा और दूसरे में लाइट ब्ल्यू कलर का सूट था ।
मैं कैसे बता दूँ तुम पर तो दोनों ही जँच रहे हैं ।
आपको कौन अच्छा लग रहा है ?
मुझे ? मेरी पसंद बहुत खराब है ।  तुम अपनी पसंद से ही पहनो कुछ ।
अब तो मैं आप की ही पसंद का पहनूंगा मैं भी तो देखूं जरा आपकी पसंद है कैसी आखिर ।

सिद्धार्थ की पसंद का कुछ पहन लो न ।
इस बार आपकी पसंद का पहन लूं अगली बार उनकी पसंद का पहन लूंगा ।
अब मैं क्या बताऊं यही पहन लो ब्ल्यू वाला ।
Thank you ! वैसे आप क्या पहनेंगी ?
अभी डिसाइड नहीं किया । कनिका वापस से अपने कपड़े देखने लगी।

वैसे मैं एक बात और बोलना चाहता था ।
हाँ बोलो ।
कल के लिए sorry! मुझे पता है मैं बिना सोचे बहुत कुछ बोल जाता हूँ इसीलिए हो सके तो माफ कर देना । बाकी मेरी इंटेंशन बिल्कुल भी गलत नहीं थी ।
कोई बात नहीं । वैसे भी ऐसा कुछ खास नहीं हुआ था जो माइंड करने वाला हो ।

आप गिर रही थीं तो मुझे लगा कि मुझे संभालना चाहिए इसीलिए शायद आपने मुझे कुछ गलत समझ लिया है। उस बात के लिए मैं सच में शर्मिंदा हूँ। आप कहें तो मैं अपने कान पकड़ के घुटनों पर बैठ सकता हूँ। इतना कहकर सिद्धार्थ ने सूट्स को नीचे रखा और सच में काम पकड़ के बैठने लगा।
अरे अरे पागल हो तुम ! कनिका ने तुरंत आकर उसके दोनों हाथ पकड़ लिए ।
क्या कर रहे हो ? अच्छे खासे कपड़े भी नीचे रख दिए अब घुटने भी तुड़वा लो ।

तो आप ने मुझे माफ किया ?
हाँ माफ किया अब जाओ जल्दी से तैयार हो जाओ वरना आदित्य गुस्सा करेंगे ।
मैं कैसे मान लूँ कि आपने माफ कर दिया ?
अब मैं कैसे यकीन दिलाऊं कि माफ कर दिया है ।

ज्यादा कुछ नहीं बस आप …। सिद्धार्थ उसके बेड के पास गया और लाइट ब्ल्यू गाउन की तरफ इशारा करते हुए बोला –
बस आप ये पहन लीजिए ।
नहीं इसको पहले भी एक पार्टी में पहन चुकी हूँ। आदित्य ने दूसरी ड्रेसेस सलेक्ट की है उनमें से ही कोई ….

मतलब आपने मुझे माफ नहीं किया है न ? हाँ माफ क्यों करेंगी कोई रिश्ता तो मानती नहीं है आप मेरे साथ जो अपने की गलती समझ कर अनदेखा कर दें ।
मैं पहन लूँगी। कनिका ने उसके उदास चेहरे को देखते ही हामी भर दी ।
वैसे एक बात पूछूं आपसे ? थोड़ी पर्सनल है । दरवाजे तक पहुंच कर वो फिर घूमा।

अगर जवाब देने लायक होगी तो जवाब जरूर दूंगी।
आप दोनों अलग अलग बेडरूम में क्यों सोते हैं?

अलग-अलग कहाँ…. ये तो मेरे रेडी होने का कमरा है। देखो न heels, watches , Earning, dresses , necklaces , bracelets और बाकी सारी accessories रखी हुई है । कितनी मेहनत से मैंने अपना वॉर्डरोब तैयार किया है । अब इन सब के बाद यहाँ उनके सामान की जगह ही नहीं बचती है । कनिका ने इतना सब कुछ बताया लेकिन सिद्धार्थ की नजर बेड पर ही थी ।

हाँ कभी-कभी जब वो लेट नाइट वर्क करते है तो मैं यहीं सो जाती हूँ क्योंकि लाइट में मुझे नींद नहीं आती हैं।
याने कि चिंता की कोई बाद नहीं है मैं तो बेवजह डर गया था कि कहीं कोई लडाई तो नहीं चल रही है।
नहीं ऐसा कुछ नहीं है । अब तुम तैयार होने जा सकते हो।

आदित्य और कनिका लगभग हर पार्टी में ट्विनिंग करके जाते थें। उसने कनिका के कमरे में इसीलिए white color की ड्रेसेस रखवा दी थी। मगर आज जब वो तैयार होकर आई तो वो और सिद्धार्थ कपल लग रहें हैं। क्योंकि आदित्य ने white suit पहन रखा है। सिद्धार्थ ने आज पहली बार उसे इतना तैयार देखा और देखता ही रह गया ।

आज तुम दोनों ने ट्विनिंग कर ली ? बता देते यार मैं भी देवर भाभी के ग्रुप में शामिल हो जाता । आदित्य हल्के से मुस्कुराया कनिका को देख कर और उसका हाथ अपने हाथों में थाम लिया । सिद्धार्थ ने तुरंत अपना चश्मा पहन लिया ।

पार्टी में भी कुछ लोगों ने कनिका और सिद्धार्थ को कपल वाइब वाला बताया ।

My trophy Wife ! Romantic Love story in Hindi pt-3
My trophy Wife ! Romantic Love story in Hindi pt-3

पता नहीं किस नजर से आप लोग देख रहें हैं , मुझे तो दोनों जुड़वां भाई- बहन दिखाई पड़ते हैं। कनिका की कमर में हाथ डालकर उसे अपने करीब खींचते हुए आदित्य ने इस अदा से ये बात कही कि सभी उसके मुरीद हो गएं।
बात तो ठीक कहीं कपूर साहब आपने। सिद्धार्थ जी आपके भाई कम साले ज्यादा लग रहें हैं आज ।

इतनी खूबसूरत महिला के साथ आप लोगों को करीबी दिखाने का मौका नहीं मिला इसका मतलब ये थोड़े है कि मुझे भी अपनी करीबी मत दिखाने दो । भाभी है मेरी याने कि 50% कि दावेदारी तो हम भी रखते हैं इनपर । हैं न भाभी ! सिद्धार्थ ने मुस्कुराते हुए उसके कंधे पर हाथ रखा तो कनिका ने सहज दिखने के लिए मुस्कुराते हुए ही कहा –

हाँ क्यों नहीं । …मैं जरा अपनी दोस्त से मिलकर आती हूँ। कनिका उन दोनों के बीच से निकल गई ।
भाई आपको बुरा तो नहीं लगा ?
किस बात का ?
मेरे मजाक का ।
इसमें बुरा लगने की क्या बात है ? हँसी मजाक तो चलता रहता है ।

देर रात तीनों पार्टी से लौटे । सिद्धार्थ की ही मौजूदगी में कनिका आदित्य के बेडरूम में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया ।
तुम गलत कमरे में आ गई हो। आदित्य शर्ट उतार रहा था कनिका को देख कर उसने दोबारा से बटन बंद करनी शुरू कर दी ।
जानती हूँ तुम्हारा कमरा है ।
तो फिर ? सिद्धार्थ अपने कमरे में चला गया की लिविंग रूम में बैठ गया है ?
ऊपर की तरफ ही गएं तो हैं।
हाँ तो अपने कमरे में ही गया होगा तुम भी अपने कमरे में जा सकती हो ।

वो मैं बोल रही थी कि कुछ दिन इसी कमरे में दोनों लोग साथ सोते हैं…नहीं मेरा मतलब अलग-अलग।
कोई बात हुई है क्या ?
सिद्धार्थ को लगता है कि हमारा रिश्ता ठीक नहीं चल रहा और मैं अलग कमरे में सोती हूँ।
तो ये बात तुम्हें पहले बतानी चाहिए थी, मैंने भी कुछ दिमाग नहीं लगाया । चलो ठीक है अगर तुम्हें कोई परेशानी न हो तो तुम मेरे कमरे में सो सकती हो ।
Thank you !

तुम बेड पर सो जाना मैं नीचे बिछा लूंगा ।
पहले कभी नीचे सोए हो ? की आज ही सो जाओगे । मैं नीचे सो जाऊंगी और तुम बेड पर ही सोना ।
हाँ जैसे कि तुमने तो नीचे सोने का कोर्स ही किया हुआ है। डबल बेड है दोनों लोग सो सकतें हैं बीच में पार्टीशन लगा देंगे कुछ । Don’t worry मैं कुछ करूंगा नहीं ।

इसी बात का तो रोना है । कनिका धीरे से बुदबुदाई।
कुछ कहा तुमने ?
नहीं तो । अपनी ज्वेलरी उतार कर कनिका बेड के एक कोने से चिपक गई ।
आदित्य भी अपने कपड़े बाथरूम में जाकर चेंज करता है और आकर बेड के दूसरे कोने में लेट जाता है ।
दोनों को देख कर लग रहा था कि स्कूल के टाइम पर जो एक हाथ का फासला रखना सिखाया जाता है उसका इस्तेमाल आज किया हो दोनों ने ।

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