My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 4

My trophy Wife ! Love story in Hindi 4

कहानी के तीसरे भाग में आपने पढ़ा कि आदित्य और कनिका के बीच बहस हो जाती है क्योंकि कनिका बिना बताएं घर से चली गई थी इससे आदित्य डर गया और उसे गुस्से में बातें सुना दी। अगली सुबह उससे जब माफी मांगी तो उसने माफ कर दिया था । रात में सिद्धार्थ , आदित्य और कनिका तीनों पार्टी के लिए निकल गएं थे ।
वापस आने पर कनिका आदित्य के बेडरूम में सोने चली गई थी क्योंकि सिद्धार्थ को शक हो गया है कि दिन साथ में नहीं सोते है ।

आदित्य को आज सुबह जल्दी ही इमरजेंसी कॉल पर हॉस्पिटल जाना पड़ा था इसीलिए कनिका को नाश्ते की कोई फिक्र नहीं करनी थी । बड़ी देर तक वो अलमस्त सोई ही रही । सारे कमरे में उसे आदित्य की खुशबू आ रही थी । सच कहा जाए तो सालभर से इतनी गहरी नींद नहीं आई थी उसे जितनी आज आदित्य के बिस्तर पर लेट कर आई । 11 बजे के बाद घर में आए हुए मेहमान सिद्धार्थ का खयाल आते ही उसने खुद को बिस्तर से नीचे धकेला और बाथरूम की तरफ भागी।

शॉवर लेने के बाद जब वो कमरे में आई तो खिड़कियों से एक अलग ही मौसम का दीदार हुआ । खिड़कियों के कांच पर बारिश की फुहार पड़ रही थी । तेज हवा चारों तरफ खड़े पेड़ो को झुलाकर झुकाए दे रही थी । अचानक ही कनिका को आदित्य की फिक्र होने लगी । पता नहीं सुबह जब वो निकले थे तो मौसम कैसा था ? अगर मौसम खराब था तो हॉस्पिटल पहुंच भी पाएं होंगे ठीक से ? कनिका ने थोड़ा हिम्मत करके आदित्य को कॉल किया ।

शायद किसी जूनियर डॉक्टर ने फोन उठाया था और बता दिया था कि सर अभी ऑपरेशन में बिजी हैं।
ये जानकर कनिका ने राहत की साँस ली और अपने बालों को सुखाते हुए पूजाघर में चली गई।
जब वो किचन गई तो देखा सिद्धार्थ प्याज काटने में व्यस्त है।

अरे तुम क्यों कर रहे हो ये सब ? माहेश्वरी को बुला देते …शांता …! रुको मैं बुला कर लाती हूँ दोनों को ।
नहीं भाभी उन्हें मैंने ही भेजा है किचन से बाहर ।
क्यों ?
मैं आपके लिए अपने हाथों से कुछ बनाना चाहता था । इतना अच्छा मौसम देखा तो सोचा चाय पकोड़ा ही बना दूं। सिद्धार्थ ने अपनी आस्तीन से अपने आँसू पोछे।

पहले कभी बनाया है ?
नहीं ये आपकी दया से पहला प्रयास है मेरा ।
रहने ही दो तुम मैं बना दूंगी तुम्हारे लिए । कनिका ने उसके हाथ से चाकू ले लिया ।

बाहर के मौसम के मद्देनजर सिद्धार्थ ने retro romantic song भी बजा दिया ।
“तुम कितनी खूबसूरत हो, ये मेरे दिल से पूछो तुम। ” गाने बजे तो थोड़ी ही देर में कनिका गुनगुनाने भी लगी ।
गैस की आँच को धीमा करके सिद्धार्थ ने गर्दन झुका कर कनिका से पूछा –
भाभी डांस ?

कनिका ने मुस्कुराते हुए बेसन से भरे हाथ उसे दिखाएं –
कैसे करूं ? उसकी आवाज में एक खुलापन और चंचलता झलक आई ।
मैं हूँ न ! सिद्धार्थ ने कनिका का हाथ कलाई से नीचे पकड़ कर उसे स्पिन किया ।
कनिका खिलखिला कर हँस पड़ी ।

सिद्धार्थ तुम्हारे कपड़े गंदे हो जाएंगे ।
तो क्या हुआ लॉन्ड्री आपसे ही करवा लूंगा । सिद्धार्थ ने कनिका का दूसरा हाथ भी कलाई के नीचे से ही पकड़ा ताकि हथेलियों में लगा हुआ बेसन उसे न लग जाएं।
उसका एक हाथ अपने कंधे पर रख कर उसे हौले हौले थिरकने दे रहा था ।

“छुपाना भी नहीं आता , जताना भी नहीं आता , हमें तुमसे मोहब्बत है , बताना भी नहीं आता !”
कनिका ने जिस मासूमियत के साथ सिद्धार्थ के साथ डांस करना शुरू किया था वो धीरे धीरे जाती रही। उसकी जगह थोड़ी सी शर्म , थोड़ी सी मदहोशी आ गई थी उसकी आँखों में। सिद्धार्थ ने आहिस्ते से उसकी कमर को अपनी हथेलियों से थामा तो कनिका ये भी भूल गई कि कड़ाही में पकोड़े चढ़े हुए है ।

जादू है नशा है , मदहोशियां…तुझको भुला के अब जाऊं कहाँ!!
सिद्धार्थ ने अपनी उंगलियों से उसकी गर्दन को छुआ तो वो सिसक के बोल पड़ी ..
आदि… त्य… ! सिद्धार्थ ने इस नाम को सिरे से अनसुना कर दिया और उसे धीरे धीरे छूता ही रहा ।

कनिका …! किचन ने बाहर आई एक तेज आवाज ने उसे सचेत किया । उसकी आँखें खुली तो देखा सिद्धार्थ के होंठ उसके होठों के बिल्कुल करीब हैं। उसने सिद्धार्थ को धक्का देकर पीछे किया ।

दूर हटो मुझसे । इतना कहकर वो किचन से बाहर की तरफ भागी । सिद्धार्थ भी होश में आया तो किचन में जलने की महक फैल चुकी थी । उसने तुरंत ही गैस को बंद किया । अब उसकी नजर खुद पर गई । उसकी शर्ट पर जगह जगह बेसन के निशान लग चुके थें। उसने शर्ट साफ करने के लिए टिश्यू पेपर निकाले लेकिन जैसे ही उसे समझ आया कि बाहर जो आवाज आई थी वो आदित्य की है , उसने तुरंत ही टिश्यू पेपर वापस रख दिए और वैसे ही बाहर निकल आया।

ये श्वेता हैं इनके बारे में तुमको बताया है पहले भी ।
Hello ! कनिका ने अपना हाथ आगे बढ़ाया लेकिन हाथों में अभी भी बेसन लगा हुआ था तो उसने हाथ वापस खींच लिए ।
माफ करना दरअसल पकोड़े बना रही थी , इन्होंने इतनी तेज आवाज दी कि ऐसे ही भाग आई ।
मुझे लगा बारिश में तुमको सुनाई न दे शायद । फिर पता भी नहीं था कि तुम किचन में होगी ।

शांता ने दो तौलिया लाकर श्वेता और आदित्य को दे दी थी।
कनिका इन्हें कपड़े बदलवा दो जाकर और भूख भी लगी है हमें अगर कुछ हो तो लगवा दो टेबल पर प्लीज।
भाभी पकोड़े तो जल गए हैं मुझसे । सिद्धार्थ आदित्य के सामने आकर खड़ा हुआ ।

अरे श्वेता जी । Hi,  How are you ? उसने श्वेता से हाथ मिलाया ।
तुम भी किचन में ही थे ? ये सवाल पूछा तो सिद्धार्थ से गया था लेकिन जान कनिका की निकल गई । बेसन कनिका के हाथों के अलावा सिद्धार्थ के कपड़ों पर भी लगा हुआ था जबकि सिद्धार्थ के हाथ बिल्कुल साफ थे।

दरअसल भाभी मेरे लिए कुछ बनाना चाहती थी इसीलिए मैं उनकी हेल्प करने गया था किचन में । हेल्प करते हुए हमने थोड़ा डांस भी किया क्योंकि कल रात की पार्टी का खुमार अभी तक था ।
हाँ वो तो दिख ही रहा है।
आप तो ऐसे बोल रहें हैं जैसे हम दोनों किचन में आपकी पीठ पीछे आपको धोखा देने का प्लॉन बना रहे हो ! देखा भाभी आपके पति आप पर कितना शक करते हैं?

सिद्धार्थ एक बात मैं तुम्हें बता दूँ कि मुझे हर वक्त का मजाक बिल्कुल भी नहीं पसंद । इसीलिए बोलने से पहले थोड़ा सोच लिया करो और तुम मिसेज कनिका आदित्य कपूर श्वेता के कपड़े बदलवाने के साथ अपनी भी साड़ी चेंज कर लो जाकर । पता नहीं खाने वाली चीजों को कपड़े पर लगाने का क्या शौक है लोगो को । आदित्य बड़बड़ाता हुआ लिविंग एरिया से निकल गया ।

कनिका अंदर से कांप गई थी और उसकी आँखें रोना चाहती थी । अचानक से श्वेता को देखने पर उसे गुस्सा भी आ रही थी लेकिन उसने अपने सारे emotion काबू में रखे।
आइए । श्वेता को अपने पीछे उसने बुलाया ।

खाने की टेबल पर सिद्धार्थ लगातार पकौड़ों की तारीफ किए जा रहा था ।
भाभी कसम से दिल कर रहा है कि आपके हाथ चूम लूं। पता नहीं इतनी अच्छी कुकिंग स्किल आपने सीखी कहाँ से हैं।
सिद्धार्थ की आवाज कनिका को अपने कानों में गर्म पारे जैसी लग रही थी फिर भी उसने कुछ कहने के बजाय चुप रहना ही जरूरी समझा ।
श्वेता आप भी लीजिए न , भाई आप भी खा कर देखो ।

नहीं मुझे जरूरत नहीं है मैं ऑयली फूड नहीं खाता । आदित्य ने सीधे और सपाट लहजे में कहा ।
यार आप तो भाभी की बनाई किसी चीज की कदर नहीं करते कहीं ऐसा तो नहीं कि आप भाभी की भी कदर नहीं करतें हैं? इतना कह कर वो खुद ठहाका मार कर हँसा । आदित्य ने उसे घूर कर देखा ।
Sorry It’s just a joke !

श्वेता तुम खाना खाने के बाद मेरी कार में बैठो चलकर मैं थोड़े डॉक्यूमेंट चेक करके आ रहा हूँ। आदित्य अपना खाना खत्म करके टेबल से उठ गया ।
कनिका भी उसके पीछे-पीछे बेडरुम तक गई ।
कोई बात हुई है क्या मुझसे ?
नहीं तो ।
तो आप सही से बात क्यों नहीं कर रहें मुझसे ?

My trophy Wife ! Love story in Hindi
My trophy Wife ! Love story in Hindi

फुर्सत मिले तो बात भी करूं अभी तुम खुद ही देख लो मेहमान हैं घर पर तो इनके सामने क्या बात करूं ?
श्वेता क्यों आईं हैं?
उसके पति का एक्सीडेंट हुआ है तो …
तो आपसे ट्रीटमेंट करवाने आईं हैं उनका ?
हाँ।

सही है फिर । तुम उनके पति की जी जान लगाकर सेवा करो , पूरे मन से श्वेता की जरूरतों का ख्याल रखो क्योंकि तुम्हारी Ex हैं इतना तो कर ही सकते हो उनके लिए।

ये तुम typical indian wives की तरह क्यों बर्ताव कर रही हो ? उसे मेरी जरूरत थी और कुछ रिश्ता हो या न हो इंसानियत के नाते और डॉक्टर होने के कारण उसकी मदद करना मेरी जिम्मेदारी है। आदित्य ने अपना कोट उठाया और कमरे से निकल गया । कनिका बड़ी देर तक फर्श को ताकती रही ।

कनिका को घर में रहना मुश्किल लग रहा था । कमरे में बैठे- बैठे उसका दम घुटा जा रहा है । उसने खिड़की से झांक कर देखा बारिश थम चुकी थी । उसने अपना ओवरकोट पहना और घर से निकल गई ।

रात 9 बजे के करीब सिद्धार्थ का फोन आने पर आदित्य घर पर आया ।
मैंने तुमसे कहा था कि उनके साथ ही जाना । घर आते ही आदित्य सिद्धार्थ पर भड़क गया ।

वो किसी को बिना बताएं गईं हैं, आज तो ड्राइवर तक को साथ नहीं ले गईं। अब बताइए मैं कैसे चला जाता ? मैं तो आपसे बोल ही रहा हूँ कि उनका ध्यान रखिए । जब तक थोड़ी बहुत सख्ती नहीं करेंगे वो हाथ से निकलती जाएंगी। ऊपरवाला न करें कहीं किन्हीं गलत लोगों के हाथों में पड़ गई तो …
खबरदार जो उल्टी सीधी बातें बोलने की कोशिश भी की तो ! ….वो मेरी बीवी है और मुझे पता है कि उसके साथ कैसे पेश आना है ।

मेरा मतलब आप गलत समझ रहें हैं जिस तरह का उनका स्वभाव होता जा रहा है उन हालातों में कुछ दिन तो सख्ती से पेश आना ही पड़ेगा आपको वरना कहीं ऐसा न हो कि आपको बाद में पछताना पड़ जाए ।
हाँ ठीक है मैं देख लूंगा । आदित्य 25 वीं बार कनिका को फोन करने में व्यस्त हो गया ।

कनिका का फोन इस बार भी न मिलने पर आदित्य ने एक एक करके उसके जान पहचान वालों को फोन करना शुरू किया। तब तक उसकी स्क्रीन पर एक Unknown number show होने लगा । आदित्य ने तुरंत कॉल pick की ।

मैं अपनी दोस्त के घर पर हूँ मेरा फोन घर पर ही रह गया है । सोचा तुम परेशान हो रहे होगे तो उसके नंबर से कॉल करके बता दूँ।
जी नहीं मैं क्यों परेशान हूँ? होता ही कौन हूँ परेशान होने वाला ? आपने दया कर दी बता कर वरना इसकी भी कोई जरूरत नहीं थी ।

तुम इतना ड्रामैटिक क्यों हो रहे हो ? सिर्फ एक रात के लिए आई हूँ शालू के घर जानते तो हो उसे तुम । अपने घर से 5 किलोमीटर पर तो घर है उनका ।
नहीं मैं किसी शालू को नहीं जानता और न मुझे किसी पर भरोसा है तुम अभी और इसी वक्त तैयार हो मैं तुम्हें लेने आ रहा हूँ।

मैं खुद आ जाऊंगी सुबह …
मैंने कहा न मैं आ रहा हूँ।
मैं नहीं आऊंगी क्योंकि मैने उससे वादा किया है …..
I don’t care ! वादा करने से पहले पूछना चाहिए था मुझसे ।

इसका क्या मतलब हुआ मेरी कोई अपनी पर्सनल लाइफ नहीं हो सकती , उसके लिए भी मुझे तुम्हारी परमिशन लेनी पड़ेगी ?
मैं कोई बहस नहीं चाहता इस वक्त समझ गई । अब मुझे सीधी तरफ अपनी लोकेशन भेजो वरना IP address निकलवाने में मुझे ज्यादा टाइम नहीं लगेगा । इतना कहकर आदित्य ने फोन काट दिया ।

My trophy Wife ! Love story in Hindi 4
My trophy Wife ! Love story in Hindi 4

तुम डिनर कर लो मैं कनिका को लेने जा रहा हूँ।
मैं भी चलता हूँ न वापसी में साथ में कर लेंगे डिनर ।
Ok !…fine चलो।

कनिका अपनी दोस्त के घर के बाहर ही खड़ी थी ताकि अगर कोई बहसबाजी हो तो किसी के सामने न हो । जैसे ही कार रुकी वो चुपचाप बैठ गई । आदित्य के बगल में सिद्धार्थ को देखकर उसका गुस्सा और भी भड़क गया । कार में बैठते ही उसने विंडो ओपन कर ली ।

उसे बंद करो बाहर ठंडी है । आदित्य ने बिना पीछे देखे कहा।
साँस तो अपनी मर्जी से लेने दो । कनिका फिर भी खिड़की से बाहर देखती रही ।
देखो अभी मैं बहुत गुस्से में हूँ इसीलिए मुझसे बहस करने की कोई जरूरत नहीं है। मैं नहीं चाहता कि कुछ ऐसा कह दूं जो तुम्हें बुरा लग जाएं।

इतना कह लिया है पहले ही अभी भी कुछ बाकी है ?
भाभी प्लीज ! देखिए भाई कितना परेशान हैं आपके लिए इसके बाद भी बहस करना जरूरी है क्या ? सिद्धार्थ ने उसे प्यार से समझाया ।
मैं कोई बहस नहीं कर रही किसी से !

हाँ तो मैं कर रहा हूँ न । यही बचा ही है मेरे पास पहले हॉस्पिटल जाऊं फिर ऑफिस और उसके बाद घर आकर तुमसे बहस बाजी करूं । आदित्य ने कार की स्पीड तेज कर दी ।
इन सब के अलावा तुमको आता भी तो कुछ नहीं है। झगड़े की जगह प्यार से दो बोल कहकर भी बात हो सकती है लेकिन नहीं ….
हाँ नहीं है मेरे पास प्यार तो ?
भाई शांत हो जाओ औरतों से ऐसे बात नहीं करनी चाहिए और फिर वो आपकी बीवी हैं।

तुम्हें कोई जरूरत नहीं है उन्हें कुछ भी सिखाने की सिद्धार्थ । बेहतर होगा तुम अपना मुंह बंद ही रखो ।कनिका ने एकदम से तेज आवाज में कहा।
अरे आप तो मुझपर ही भड़क गई वो भी भाई के सामने ! लगता है आप मेरे बहाने से मेरे बड़े भाई को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहीं हैं।

तुम्हारा दिमाग तो ठीक है ? ऐसी घटिया बातें …
कनिका… आदित्य ने उसे टोका ।
तुम होते कौन हो पति पत्नी के बीच में बोलने वाले ? क्या हक है तुम्हारा इस तरह बोलने का ? तमीज नहीं सिखाई घरवालों ने की जब …..
कनिका…. आदित्य कस कर चीखा और कार वहीं रुक गई।

भाई है मेरा और उसे पूरा हक है मेरे मामले में बोलने का। जिस तरह की लापरवाही तुम कर रही हो उसके बाद तो मामूली रिश्तेदार भी मुझे समझाने चले आयेंगे और मैं उन सबकी सुनूंगा भी क्योंकि तुम्हें जरा भी अहसास नहीं है कि बाहर कितना ज्यादा खतरा है। कैसे लोग भरे पड़े है कि मौका मिलते ही तुम्हारी खूबसूरती और मेरा पैसा बर्बाद करना चाहते हैं।

तुम मेरी जिंदगी की सबसे कमजोर नब्ज बन चुकी हो समझी तुम । और हाँ आज के बाद तुम जब भी घर से बाहर जाओगी सिद्धार्थ तुम्हारे साथ जाएगा । अब अगर तुममें जरा सी भी समझदारी बची हो तो शांति से बैठ जाओ वरना मैं तो पागल ही हो जितना मन हो चिल्ला लो मुझपर ।

और भीतर जो खतरा महसूस होता है उसका क्या करूं ? ये सवाल कनिका के मन में तैरता रहा ठीक उसी तरह जिस तरह उसकी आंखों में आँसू तैर रहें थें।

बाहर बारिश शुरू हो चुकी थी और अंदर भी ।

Wait for part 5

Leave a comment