My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 5
My trophy Wife ! Love story in Hindi Part-4 में आपने पढ़ा कि आदित्य सुबह जल्दी ही हॉस्पिटल निकल जाता है । बाहर बारिश हो रही थी इसीलिए सिद्धार्थ पकोड़े बनाने की कोशिश कर रहा था। कनिका ने देखा तो खुद बनाने लगी । मौका देखकर सिद्धार्थ ने रोमांटिक सॉन्ग्स भी बजा दिए और दोनों डांस करते हुए थोड़ा बहक भी गए थे कि तभी आदित्य की आवाज सुनाई दी ।
सिद्धार्थ ने इस मौके का फायदा उठा कर बेसन लगी शर्ट में ही आदित्य के सामने आ गया । आदित्य इस बात से थोड़ा गुस्सा भी नजर आया । कनिका भी श्वेता के आने से गुस्सा थी । सिद्धार्थ से बचने के लिए आदित्य के जाते ही कनिका घर से निकल जाती हैं। रात में जब ये बात आदित्य को पता चलती है तो वो गुस्से में उसे लेने निकल जाता है । वापसी में आते हुए फिर से दोनों में झगड़ा हो जाता है और कनिका रोते हुए कार में चुपचाप बैठी रहती है।
अब आगे –
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My trophy Wife ! Romantic Love story in Hindi
- My trophy Wife! Romantic love story part 2
- My trophy Wife ! Romantic Love story in Hindi pt-3
- My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 4
रात में हुए झगड़े के बाद कनिका अपने बेडरूम में ही सोई । आदित्य भी उसे एक बार भी अपने कमरे में सोने के लिए बुलाने नहीं गया ।
रात में दोनों कितनी देर में सोए थे ये बताना बहुत मुश्किल है लेकिन दोनों जगे सुबह 8 बजे ही थे । जैसे ही घर में श्वेता की हैरान परेशान आवाज गूंजने लगी थी वैसे ही दोनों अपने-अपने कमरों से बाहर निकले ।
फोन कहाँ है तुम्हारा ? मेरा कॉल क्यों नहीं रिसीव किया तुमने ? श्वेता आदित्य को देख कर ऐसे गुस्सा हुई जैसे अपने पति पर गुस्सा हो रही हो ।
पीछे सीढ़ियों पर खड़ी कनिका ने सुना और खुद पर ही हँस पड़ी । आज तक उसने कभी आदित्य पर इतना हक नहीं जता पाया है जितना उसकी Ex दिखा रही है ।
बात क्या हुई तुम बहुत परेशान लग रही हो ?
सुबह सुबह उनकी तबियत फिर बिगड़ने लगी है इसीलिए कॉल कर रही थी तुम्हें । Please जल्दी चलो यार ।
हाँ चलो ।
इसी तरह जाओगे ? शर्ट तो पहन लो ! कनिका की आवाज सुनते ही आदित्य ने खुद को बनियान की तरफ देखा और फिर कनिका की तरफ । वो जल्दी से कपड़े लेने भाग गई थी ।
शर्ट उसे देते हुए कनिका ने फोन का चार्जर भी दे दिया ।
फोन स्विच ऑफ है । इससे ज्यादा वो कुछ नहीं बोली। आदित्य ने उसके उतरे हुए चेहरे को देखा तो थम सा गया। उसका मुंह हल्का सा खुला जैसे कुछ कहना चाहता हो लेकिन श्वेता ने उसे पकड़ कर खींच लिया ।
अब चलो भी ।
बात आदित्य के गले में ही अटक के रह गई ।
कनिका अपने आँसू पोंछ कर जैसे ही पीछे मुड़ी देखा तो सिद्धार्थ उसे ही खड़ा देख रहा है । ये देख कर कनिका कमरे में जाने के बजाय किचन में चली गई ।
भाभी बात कर सकता हूँ आपसे ? सिद्धार्थ किचन में भी आ गया ।
नहीं ।
आप मुझपर इतना गुस्सा क्यों रहती है ? माना कल मुझसे गलती हुई थी लेकिन क्या वो गलती अकेले मेरी थी ? देखिए मैं आपको दोष नहीं देना चाहता पर आप भी तो समझिए कि मैंने जानबूझ कर ऐसा नहीं किया था।
क्या नहीं किया था तुमने जानबूझ कर ? डांस के टाइम जो हुआ हम उसकी बात नहीं करते लेकिन जब तुम सबके सामने किचन से बेसन लगी हुई शर्ट पहनकर निकले वो क्या था ? खाने के टाइम जब बार-बार मेरी तारीफ किए जा रहे थे वो क्या था ?आदित्य छोटे बच्चे हैं जो उन्हें समझ नहीं आएगा ?
भाभी यार सभी जानते है कि मैं कुछ भी करने से पहले जरा भी नहीं सोचता और शायद यही गलती है मेरी ।
पहली बात मैं तुम्हारी यार नहीं बड़े भाई की पत्नी हूँ और दूसरी बात जो तुम ये उन्हें मेरे खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हो ये मत करो ।

क्या…? आप मुझ पर इतना बड़ा इल्जाम लगा रही हैं? ठीक है अब मैं कुछ नहीं कहूंगा बल्कि आज ही अपना सामान पैक कर के निकल जाऊंगा । मुझे लगा था मेरी नादानियों को माइंड नहीं करेंगी लेकिन आपने तो सारी हदें पार कर दी । खैर मैं सिर्फ एक अच्छे दोस्त की हैसियत से आपकी मदद करने की कोशिश कर रहा था कि भाई और श्वेता के रिश्ते का सच पता किया जाए ताकि आपका घर बच सके । लेकिन कोई बात नहीं । कहते कहते सिद्धार्थ की आवाज भारी हो गई और उसने अपनी आँखें बंद कर ली । उसकी आवाज इतनी सच्ची और गहरी लग रही थी कि कनिका को खुद पर ही शक हो गया ।
कहीं जाने को जरूरत नहीं है अभी हफ्ते भर हुआ है तुम्हें आए अगर इतनी जल्दी चले गए तो आदित्य नाराज होंगे।
मैं उन्हें कोई बहाना बना दूंगा लेकिन अब यहाँ रहकर आपका घर और खराब नहीं करूंगा । सिद्धार्थ जाने के लिए मुड़ गया ।
अच्छा सुनो … हो सकता है मैंने ही कुछ ज्यादा सोच लिया है । तुम खुद ही देखो कि इस समय मैं कितना स्ट्रेस में हूँ अगर तुम भी चले गए तो मेरी मदद करने वाला भी कोई नहीं होगा । कनिका असमंजस में थी कि उसपर भरोसा करे या नहीं पर वो श्वेता को इस तरह आदित्य के करीब नहीं देख सकती थी । इसीलिए उसने सिद्धार्थ को रोक लिया ।
मैं आपका स्ट्रेस ही तो दूर करना चाहता हूँ क्योंकि मैं ही वो इंसान हूँ जो जानता है कि श्वेता के मना करने के बाद ही उन्होंने श्वेता को जलाने के लिए आपसे शादी की थी उन्हें तो कभी आपसे प्यार था ही नहीं ।
हाँ ठीक है लेकिन मैं पिछली बातें नहीं करना चाहती मुझे आगे क्या करना चाहिए उसमें मेरी मदद करो । कुछ भी करके मुझे श्वेता की सारी इंफॉर्मेशन निकाल के दो।
Ok मैं कर दूंगा लेकिन बदले में आपको भी वादा करना होगा कि आप मुझे गलत नहीं समझेंगी ।
हाँ मंजूर है ।
मैं पहले ही क्लियर कर दूँ कि मैं सोचता समझता नहीं हूँ ज्यादा कुछ । अभी तक ऐसे ही रहता आया हूँ सबके साथ बिल्कुल फ्रेंडली । इसीलिए अगर मैं बात करते हुए कभी आपके हाथ या कमर पर हाथ रख दूँ तो समझ जाना मैंने बिना किसी इंटेंशन के रखा है । दरअसल जिसके साथ मैं कंफर्टेबल फील करता हूँ फिर कोई परवाह नहीं करता ।
अच्छा किया जो तुमने पहले ही क्लियर कर दिया अब समझ जाऊंगी ।
Thank you भाभीजान ! सिद्धार्थ मुस्कुराते हुए किचन से बाहर निकल गया ।
7 बजे जब आदित्य घर में दाखिल हुआ तब उसने देवर भाभी को लूडो खेलते हुए देखा ।
कौन जीत रहा है भई? आदित्य कुर्सी खींच कर पास में ही बैठ गया ।
ये तो तुम्हारी भाभी जीत रहीं हैं यार । देखो 90 पर पहुंच गई हैं दो ही पासे में 100 तक, हैं न कनिका । आदित्य ने कनिका को बड़ी उम्मीद से देखा कि शायद वो कुछ बोलेगी लेकिन उसने सर तक भी नहीं उठाया अपना ।
जीत तो मेरी ही होगी भाई देखिए 99 का सांप भी तो उनके ही आगे है । अच्छा ये सब छोड़िए बताइए श्वेता के हसबैंड कैसे हैं?
ज्यादा तो नहीं लेकिन हालत कल से थोड़ी बेहतर है ।
लगता है श्वेता अपने डिसीजन पर अभी पछता रहीं होंगी तभी उन्हें अपने पति के एक्सीडेंट का इतना दुख नहीं है ।
किसने कहा कि वो दुखी नहीं है या उसे कोई फर्क नहीं पड़ता है ।
वो मुझे रोते हुए नहीं दिखी। आज हॉस्पिटल भी गया था तब भी उदासी नहीं दिखी उनके चेहरे पर ।
इंसान अपना दुख उसी से कहता है जो उसे समझता है । पता है जैसे ही मैं कल मुझे देखा तुरंत लिपट कर रोने लगी थी और तब मैंने उसे समझाया …… !
कनिका को 99 के सांप ने काट लिया और वो अपना खेल छोड़कर खड़ी हो गई ।
लगता है मैं हार गई सिद्धार्थ ..! कनिका की आवाज भारी थी । वो इसके आगे एक भी शब्द बोले बिना निकल गई ।
आदित्य अपना सर पकड़ के बैठ गया । पता नहीं उससे ऐसी ही गलतियां बार बार क्यों हो रहीं है।
आपको क्या जरूरत थी ये बोलने की ? बाहर चाहे जिस भी औरत को गले लगाएं, घुमाएं या कुछ भी करे लेकिन कम से कम बीवी के सामने तो ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए ।
अरे यार वो सिर्फ दोस्त है मेरी । गलती से निकल गई बात इसमें ऐसा गुस्सा थोड़े दिखाना चाहिए । आदित्य भी उठकर अपने कमरे की ओर निकल गया ।
सिद्धार्थ बहुत देर तक 99 के साँप पर उंगली घुमाते हुए मुस्कुराता रहा ।
यहीं सोना है तुम्हें ? आदित्य थोड़ा हिम्मत करके कनिका के बेडरुम में गया । कनिका ने उसे देखा और अपना बिस्तर सेट करती रही ।
तुमने कहा था कि कुछ दिन तुम्हें मेरे बेडरूम में सोना चाहिए ताकि सिद्धार्थ को कोई शक न हो ।
अब शक करने को उसके पास बचा ही क्या है सबकुछ तो खुल कर सामने है ।
Look I’m sorry ! कल मैंने जो भी कहा वो मेरे कहने का मतलब नहीं था । मैं मानता हूँ कि मुझे ऐसे बात नहीं करनी चाहिए थी लेकिन दिन भर का थका हरा जब घर पर आया तो तुम्हें न देख कर पता नहीं क्या हो गया था।
Oh मैं तो भूल ही गई थी कि आपके घोड़ों के बाद सबसे महंगी नस्ल की चीज हूँ। मैं अगर आपको सही सलामत न मिलूं तो कितना ज्यादा घाटा हो जाएगा आपका । इसीलिए गुस्सा होना तो लाज़मी ही है ।
तुम ऐसी बातें कर भी कैसे सकती हो ? मानता हूँ जो लहजा मैंने इस्तेमाल किया वो नहीं करना चाहिए था लेकिन तुम्हें disrespect करने का मेरा कोई इरादा नहीं था ।
कनिका ने उसकी तरफ गहरी आँखों से देखा उसके चेहरे को देख कर जैसे कुछ तलाशने की कोशिश कर रही थी , लेकिन बोली कुछ नहीं ।
मुझे पता है कि तुम श्वेता को लेकर भी अपसेट हो । लेकिन मैं सच बता रहा हूँ हम दोनों के बीच अब वैसा कुछ नहीं है ।
तुम ऑर्डर देते हुए ही अच्छे लगते हो सफाई देते हुए नहीं। तुम्हारे पास हक है कि जो मन हो करो क्योंकि मैं बीवी तो हूँ नहीं तुम्हारी बस दुनिया के लिए मिसेज कपूर जरूर हूँ।
देखो ये दोनों बिल्कुल अलग-अलग बातें है ।
लेकिन दोनों ही सच हैं । इसीलिए मैं सोच रही हूँ कि जब तुमने मुझे बॉयफ्रेंड बनाने की इजाजत दे रखी है तो इसका मतलब साफ है तुम भी कहीं न कहीं वापस श्वेता को अपनी जिंदगी में लाना चाहते हो ।
तुम्हारा दिमाग तो नहीं…..
आप दोनों फिर झगड़ने लगे ? अरे ऐसा कौन करता है यार ! थोड़ा भी प्यार नहीं है आप दोनों में । सिद्धार्थ बेडरूम में आ गया ।
तुम चुप रहो और यहाँ से बाहर जाओ । आदित्य ने उसे गुस्से से बोला ।
वो कहीं नहीं जाएगा । एक पति पत्नी के बीच बोलने का हक आपने ही उसे दिया है । कनिका ने आदित्य को उतना ही घूर के जवाब दिया जितना वो घूर रहा था ।
Oh I see…! आदित्य दांत पिसता हुआ कमरे से निकल गया ।
भाभी इस झगड़े की वजह श्वेता ही होगी है न ? जिस तरह से भाई श्वेता को डिफेंड करने में लगे हुए है उनको समझा दीजिए कि ये इतनी आसानी से नहीं होगा । श्वेता अब उनकी पत्नी कभी नहीं…
तुम भी बाहर जाओ । कनिका ने उसे बाहर निकलने का इशारा कर दिया ।
सिद्धार्थ को आदित्य के एक बिजनेस पार्टनर से मिलना था इसीलिए आज दोनों ही नाश्ता करने साथ में बैठे हैं।
कनिका नाश्ता नहीं कर रही बस उन दोनों को सर्व कर रही है।
दोनों ने नाश्ता खत्म किया तो कनिका दोनों को जूस देने लगी। जब वो सिद्धार्थ को जूस देने गई तो उसने कनिका की कमर पर हाथ रख दिया । कनिका को ज्यादातर साड़ियां ही पहनना पसंद है इसीलिए हमेशा की तरह आज भी उसकी कमर खुली हुई ही थी । सामने बैठे आदित्य ने जब ये देखा तो उसका खून अंदर तक जल गया।
भाभी एक मिनट मैं आज दो ग्लास जूस पियूंगा क्योंकि सुबह सुबह काम पे जा रहा हूँ। सिद्धार्थ ने उसकी कमर से हाथ हटाए बिना ही जूस पीना शुरू कर दिया । कनिका जग लिए वहीं खड़ी रही उसके चेहरे पर ऐसा कोई भाव नहीं था जिससे लगे कि ये हरकत कनिका को खराब लगी है ।
मैं जा रहा हूँ। आदित्य ने अपनी कुर्सी को तेजी से पीछे धक्का और खड़ा हो गया ।
तुम्हें चलना है तो चलो वरना जूस पीते रहो ।
अरे भाई आराम से मैं आया न । कहकर सिद्धार्थ भी खड़ा हो गया ।
कनिका उनके पीछे दरवाजे तक आई । कार में बैठने से पहले आदित्य ने उसकी तरफ देखा और बोला –
शाम को पार्टी है एक अगर चलने का मन हो तो msg कर देना मैं ड्रेस भिजवा दूंगा ।
Wow lovely! भाई red color की साड़ी ठीक रहेगी और भाभी तैयार रहना आज फिर हमारी ट्विनिंग होगी।
एक काम करते हैं , मैं और सिद्धार्थ ही चले जाएंगे तुम आराम करो घर पर ही । आदित्य ने कार में बैठ कर डोर लॉक कर दिया ।
चलाओ कि शक्ल देखोगे मेरी । आदित्य ने ड्राइवर को डांट दिया ।
कार तो आगे निकल गई लेकिन कनिका बड़ी देर तक दरवाजे पर खड़ी रही ।
कनिका का कुछ भी करने में मन नहीं लग रहा था आज। न उससे खाना खाया गया , न कोई मैंगनीज पलटी गई न ही टीवी पर कुछ देखा जा सका ।
इसी तरह पड़े-पड़े दोपहर हो गई और भूख महसूस हुई तो वो अपने कमरे से निकल कर बाहर आई । Living area में श्वेता को देख कर वो चौंक गई।
आप यहाँ ?
हाँ वो आदित्य को बुलाने आई थी ….
लेकिन वो तो अपने भाई के साथ बाहर गएं हुए हैं।
हाँ अभी कॉल बैक किया है उसने। मिस्टर पासवान की प्रॉपर्टी देखने गएं हैं वहीं से हॉस्पिटल आ जाएंगे ।श्वेता ने पैर के ऊपर पैर रख के पता नहीं कनिका को क्या जताने की कोशिश की।

कनिका से कुछ भी बोला नहीं गया थोड़ी देर के लिए फिर खुद को सम्भाल कर मेजबान होने का फ़र्ज़ निभाने की कोशिश की ।
मैं कुछ खाने के लिए लाती हूँ।
रहने दो मैंने बना भी लिया है और खा भी लिया है अब थोड़ा आराम करके जाऊंगी ।
आपने सच में आराम से खा तो लिया है न ?
यार मैं कोई मेहमान नहीं हूँ जो शर्माए या झिझके । इस घर का कभी बहुत अहम हिस्सा रही हूँ मैं, और अभी भी हूँ । यहाँ मुझे न कोई रोक सकता है और न मै खुद ही कभी झिझक सकती हूँ कुछ भी लेने से । श्वेता की बातें सुनकर कनिका को बहुत ही बेइज्जती महसूस हुई लेकिन फिर भी उसने खुद को सामान्य रखने की पूरी कोशिश की।
मैं आधे घंटे की नींद लेने जा रहीं हूँ।
शांता ! इन्हें गेस्ट रूम में छोड़…
जरूरत नहीं है इस घर का कोना कोना मेरा देखा हुआ है। इस घर के आदमी और घर की दीवारों, सभी से वाकिफ हूँ मैं अच्छे से । फिलहाल के लिए तो मैं आदित्य के कमरे में जा रही हूँ और प्लीज मुझे कोई डिस्टर्ब मत करना । अगर मुझे कुछ चाहिए होगा मैं खुद बुला लूंगी ।श्वेता के वहाँ से निकलते ही कनिका फर्श पर गिरकर बिलखने लगी, अभी तक जो आँसू उसने रोक रखे थे वो बाढ़ की तरह बह निकले और उसका गला सिसकियों से भर गया । शांता ने तुरंत उसे गोद में उठाया और चुप कराने की कोशिश करने लगी ।
कनिका का सारा दिन बिना कुछ खाए ही निकल गया । रात में भी उसने डिनर नहीं किया और पड़ी पड़ी न जाने कब सो गई ।
कमरे की लाइट जलती देख कर उसके बेडरुम में सिद्धार्थ चला आया ।
कितने नाजुक ढंग से सो रही है वो । जुड़ा बना हुआ है फिर भी कुछ जुल्फें चेहरे पर आ पड़ी हुई है । उसका एक हाथ उसके सर के नीचे दबा हुआ है और दूसरा कमर पर टिका है । अभी तक उसने कपड़े नहीं चेंज किए हैं शायद आदित्य के आने का इंतजार करते- करते उसकी आँख लग गई है ।
सिद्धार्थ उसके बिस्तर पर बैठ कर उसे निहारते ही जा रहा है । उसकी घनी काली पलकें, उसके सफेद गाल और उसके नन्हें नन्हे दो गुलाबी होंठ…. इन्हें ही चूमने की कोशिश की थी उस दिन सिद्धार्थ के होठों ने । उसने आहिस्ते से आज फिर कनिका को छूने की कोशिश की।
सिद्धार्थ आहिस्ते से उसके ऊपर झुका और प्यार से उसके माथे को चूम लिया । माथे के ऊपर लगे सिंदूर की उसे कोई परवाह नहीं थी क्योंकि जब सिद्धार्थ ने उसे पहली बार देखा था तो ये माँग सूनी थी । अस्पताल के एक वार्ड में हरी आँखों वाली एक लड़की कितना डरी हुई खड़ी थी वो चेहरा आज भी याद है सिद्धार्थ को । उसके भाई ने धोखा किया जिस लड़की को उसने अपनी जिंदगी बनाने का सोचा था उसी से शादी कर ली आदित्य ने ।
तुम पर पहला हक मेरा है । सिद्धार्थ बहुत धीमे से बुदबुदाया। उसके नाजुक होठों को उसने आहिस्ते से अपनी उंगलियों से छुआ । सिद्धार्थ की आँखें बंद होने लगी और वो झुक कर कनिका के करीब आया । कितना बेचैन कर रहीं हैं उसकी ये गर्म साँसे इसमें तो लोहा पिघल सकता है दिल क्या चीज है ! सिद्धार्थ ने अपने होंठ खोले और…..
To be continued….
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