My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 6
My trophy Wife ! Love story in Hindi part 5 में आप लोगों ने पढ़ा कि श्वेता बिल्कुल सुबह ही आदित्य को बुलाने घर आ जाती है आदित्य बिना कुछ कहे उसके साथ चला जाता है। ये देख कर कनिका की आँखों में आँसू आ जाते हैं। सिद्धार्थ इस मौके का फायदा उठाकर पहले तो उससे माफी मांगता है फिर कहता है कि वो श्वेता की सारी जानकारी निकाल कर उसे देगा बदले में वो उसे गलत नहीं समझेंगी। कनिका मान जाती हैं।
अगले दिन सिद्धार्थ आदित्य के सामने ही कनिका की कमर पर हाथ रखता है जिससे गुस्सा होकर आदित्य नाश्ता छोड़ कर चला जाता है। देर रात सिद्धार्थ पार्टी से लौटता है तो कनिका के कमरे का दरवाजा खुला देखकर अंदर चला जाता है और उसकी खूबसूरती को निहारने लगता है। फिर उसे kiss करने की कोशिश भी करता है अब आगे –
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कौन …? दूर हटो ! कनिका उसे धक्का देकर उठ बैठी ।
सिद्धार्थ तुम … तुम मेरे कमरे में क्या कर रहे हो इतनी रात में ? तुमने मुझे kiss करने की कोशिश की ? हिम्मत कैसे हुई तुम्हारी । आदित्य… आदि…
शी.. चिल्ला क्यों रही हो ? सिद्धार्थ ने तुरंत उसका मुँह बंद कर दिया । कनिका खुद को छुड़ाने की कोशिश करने लगी ।

देखो मेरी बात ध्यान से सुनो मैं तुम्हें यहाँ कोई नुकसान पहुंचाने नहीं आया हूँ। अब मैं हाथ हटा रहा हूँ शोर मत करना बिल्कुल भी समझ गई ।
सिद्धार्थ ने अपना हाथ हटा लिया । कनिका फिर से सम्भल कर उठी और फिर से चिल्लाते हुए भागने की कोशिश की।
आदित्य… आ ..! सिद्धार्थ ने पीछे से उसका मुंह दबाकर वापस बिस्तर पर गिरा दिया ।
तुम्हें एक बात समझ नहीं आती हैं न ? सिद्धार्थ को अपने ऊपर हावी देख कर कनिका की आँखों से आँसू निकल आए ।
देखो प्लीज रोना नहीं और चिल्लाना तो बिल्कुल नहीं । कोई नहीं है यहाँ जिस तक तुम्हारी आवाज पहुंच सके । आदित्य बहुत ज्यादा शराब पीकर आया है पार्टी से उसे खुद मैं उठा कर लाया हूँ और तुम्हें लगता है वो यहाँ आएगा। इतना कहकर उसने कनिका के मुंह पर से अपना हाथ हटा दिया । कनिका समझ चुकी थी कि चिल्लाने का कोई फायदा नहीं है आदित्य आने लायक होता तो उसकी एक ही चीख में आ जाता ।
सिद्धार्थ तुम भी नशे में हो प्लीज यहाँ से चले जाओ ।
कनिका शराब तो पी है मैंने लेकिन कसम से कहता हूँ नशा मुझे तुम्हारा चढ़ा है । सिद्धार्थ ने उसके गाल को kiss किया ।
I said no please!
देखो मैं कुछ गलत नहीं करूंगा मैं बस बात करना चाहता हूँ तुमसे ।
हम सुबह बात कर सकते हैं?
नहीं सुबह बोलने की मेरी हिम्मत नहीं होगी तो क्या करूंगा । इसीलिए अभी बात होगी ।
तो हम बाहर बैठ कर बात करते है न ।
क्यों मेरी बांहों में कांटे लगे हैं क्या ?
ठीक है जो बोलना है जल्दी बोलो । कनिका ने अपनी गर्दन दूसरी तरफ की लेकिन सिद्धार्थ ने फिर से उसका चेहरा पकड़ कर अपने सामने कर लिया।
I love you Kanika …
सिद्धार्थ भाभी हूँ मैं तुम्हारी और भाभी माँ समान होती है।
लेकिन मैं तुमसे तब से प्यार करता हूँ जब तुम्हारा आदित्य से भी कोई रिश्ता नहीं था । तुम्हें पहली नजर में देखते ही तुमसे प्यार करने लगा था । मैं तुम्हें अपनी priority बनाना चाहता था लेकिन आदित्य ने तुम्हें अपना option बना लिया । तुमसे मिले हुए हफ्ते भर भी नहीं हुए थे कि पता चला आदित्य ने शादी कर ली है तुमसे । जब ये पता चला था तो एकदम से रो पड़ा था मैं ।
जो पीछे हो नहीं सका वो आगे भी कभी हो नहीं सकता इसीलिए तुम ये सब कुछ भूल जाओ मैं वादा करती हूँ कि मैं भी किसी को कुछ नहीं बताऊंगी।
आगे क्यों नहीं हो सकता है एक बार तुम हाँ तो कहो ।
आदित्य को तुम जानते नहीं सिद्धार्थ …
क्या कहा … वो हँसने लगा।
तुम एक साल में उसे भला कितना जान गई हो जो मैं उसे इतने सालों में नहीं जान पाया। जानती हो सगा भाई नहीं है मेरा लेकिन मुझे सगे से भी बढ़कर प्यार किया है । एक बार ताऊ जी उसके बर्थडे पर साइकिल लाएं थें। मुझे पसंद आ गई और मैंने उससे मांगी लेकिन उसने बोला कि उसके पापा की दी हुई है और मना कर दिया ।
मैं अपने घर आया और रो धो कर भूखा हो सो गया । जब ये बात उसे पता लगी तो रात में ही अपनी जिंदगी का सबसे स्पेशल गिफ्ट मेरे दरवाजे पर खड़ा करके चला गया। सोचो वो तो कितना खास तोहफा था उसकी जिंदगी का तुम तो फिर भी optional हो ।
बीवी और साइकिल में फर्क होता है ये तुम्हारी समझ में नहीं आएगा ।
बीवी ? कैसी बीवी ? तुम तो कहीं से भी उनकी बीवी नहीं लगती । श्वेता को देखो उसके आगे पीछे किस तरह घूम रहें हैं अभी । आज उसकी एक कॉल पर भाग के हॉस्पिटल पहुंच गएं बताओ कभी तुम्हारे एक बार बुलाने पर आएं हैं ?
वो पहले से ही शादीशुदा है और खुश भी है ।
कितनी खुश है वो तो नजर ही आता है । भाई को छोड़ कर जैसे ही तुम्हारे चर्चे सुने अपनी जलन काबू में न कर सकी और फिर से उनकी जिंदगी में शामिल होना चाहती हैं।
अपनी बकवास बंद करो और जाओ यहाँ से।
बकवास नहीं सच है । श्वेता तो अपने पति से तलाक लेगी उनके ठीक होते ही इसीलिए दोनों इतनी देखभाल कर रहें हैं उनकी । फिर इधर भाई भी तुम्हें तलाक़ दे देंगे तब बताओ क्या करोगी तुम ? कहाँ जाओगी ? इसीलिए तो कह रहा हूँ मेरी हो जाओ । सिद्धार्थ ने कनिका के चेहरे को अपनी हथेलियों में भर लिया । कनिका भावहीन हो चुकी है उसकी आँखों के कोरों से दो बूंद पानी टपका और उसने आँखें बंद कर ली ।
देखो दुखी मत हो इससे पहले वो तुम्हें धोखे में रख कर ये सब करें हम उनके सामने अपनी मोहब्बत का इजहार कर देंगे ।
कनिका ने जवाब में कुछ नहीं बोला बस बेदम पड़ी ही रही ।
कनु मेरा साथ दोगी न ? अभी भी वो खामोश रही ।
तो क्या मैं इसे हाँ समझ लूँ ? कनिका का मुंह अब भी नहीं खुला ।
ठीक है तो ये हाँ ही है ।
चले जाओ प्लीज मैं हाथ जोड़ती हूँ तुम्हारे अभी के लिए मुझे अकेला छोड़ दो ।
अरे अरे तुम तो परेशान होने लगी । मैं तो जा ही रहा हूँ बस जाने से पहले मैं तुम्हारे होठों को चूमना चाहता हूँ। तो क्या एक Kiss कर लूं ?
नहीं…नहीं…नहीं । वो दोनों हाथों से अपना मुंह छुपा के रोने लगी ।
मैं समझ सकता हूँ तुम पर क्या बीत रही है और मैं तुम्हारा दर्द और नहीं बढ़ाना चाहता इसीलिए मैं जा रहा हूँ। सिद्धार्थ ने उठ कर कमरे की लाइट बंद की और लड़खड़ाते कदमों से कमरे से निकल गया ।
आदित्य को हॉस्पिटल जाने की देर होने लगी थी फिर भी अखबार पढ़ता हुआ वो कनिका के नीचे आने का इंतजार कर रहा था । 10 भी बज चुके थे लेकिन कनिका के कमरे से कोई हलचल ही नहीं सुनाई दे रही थी ।
भाई आपको हॉस्पिटल नहीं जाना आज क्या ? श्वेता इंतजार कर रही होंगी । सिद्धार्थ भी नीचे उतर आया था।
माहेश्वरी मैं जा रहा हूँ मेमसाब उठ जाएं तो मुझे फोन करने को बोल देना । आदित्य ने सिद्धार्थ की बात का जवाब नहीं दिया और अपना बैग लेकर निकल गया।
कल सुबह से आदित्य का मूड जो खराब हुआ है वो अभी तक ठीक नहीं है । रात में भी अपने अंदर के गुस्से को शांत करने के लिए उसने इतनी ज्यादा शराब पी ली थी कि उससे चला भी नहीं जा रहा था ।
आदित्य हॉस्पिटल पहुंच तो गया लेकिन उसका मन जरा भी नहीं लगा । घंटे भर में ही वो हॉस्पिटल से भाग कर अपने ऑफिस में जा पहुंचा । वहाँ भी उसका मन बार बार कनिका की तरफ जा रहा था । उसे कनिका की आवाज सुनाई दे रही थी ऐसा लग रहा था कि वो किसी दर्द में है । आदित्य अपना ध्यान वहाँ से हटाने के लिए फाइल्स पढ़ने लगा।
किन कागजों पर साइन करनी है , किन्हें डस्टबिन में डालना है और किन्हें रिटर्न करना है ? ये सब कुछ उल्टा पुल्टा काम हो रहा था आदित्य से । उसे लग रहा था कि कनिका उसे कॉल करेगी इसीलिए वो बार-बार फोन चेक कर रहा था। कनिका अक्सर उसका फोन चार्ज पर लगा देती थी लेकिन आज वो उठी ही नहीं थी , इसलिए फोन भी बंद हो गया दोपहर तक। इससे आदित्य का दिल और बेचैन हो उठा और वो लंच टाइम होते ही ऑफिस से निकल गया ।
घर पहुंचते ही सबसे पहले जो नजारा देखता है एक बार के लिए तो अपनी आँखों पर यकीन नहीं करता ।
कनिका सिद्धार्थ की गोद में थी और वो उसके चेहरे को मुस्कुराते हुए देख रहा था ।

उसके पैर ठिठक के रुक गएं इससे पहले वो चुपचाप पलट जाता शांता ने उसे देख लिया।
अरे भैय्या आप फोन क्यों नहीं उठाते इतना जल्दी । बाबू जल्दी अन्दर लेकर चलो । आदित्य को देखते ही सिद्धार्थ सकपका गया ।
हाँ चलो ।
इनको क्या हुआ है ? आदित्य ने जैसे ही शांता और महेश्वरी को टॉवेल और पानी के साथ देखा वो तुरंत समझ गया कि जैसा वो समझ रहा है वैसा कुछ नहीं है और तुरंत उसके पास पहुंचा ।
सिद्धार्थ मुझे दो । आदित्य ने अपनी बाजुओं को आगे बढ़ाया ।
आप थके होंगे मैं ले जाता हूँ न ।
मेरी पत्नी को मेरे अलावा कोई छुए मुझे अच्छा नहीं लगता है। आदित्य ने एक किस्म से जबरदस्ती कनिका को अपनी गोद में ले लिया ।
ये बेहोश कैसे हो गईं? आदित्य ने बहुत सम्भाल के उसे बिस्तर पर लिटाया ।
बहुत मुश्किल से इन्हें जगा कर नीचे ले गए थें सोचा था मन बहलेगा। बाहर जाकर भी सोफे पर लेट गईं। छोटे भैया ने अगर बात करने की कोशिश न की होती तो पता ही नहीं चलता कि बेहोश हो गईं हैं।
Oh God बुखार कितना चढ़ा है । पता नहीं आप लोग करतीं क्या हैं ? सिर्फ एक इंसान का खयाल रखने के लिए हो आप लोग और उसकी भी ठीक से देखभाल नहीं कर पा रही हो ।
हम तो बहुत समझा रहें हैं लेकिन खाना पीना छोड़ कर बैठी हैं ये ।
खाना नहीं खाया ? क्यों ? कोई बात हुई है क्या ? आदित्य ने उन दोनों औरतों की तरफ देखा । सिद्धार्थ का गला सूख गया । कहीं इनमें से किसी को इसने रात के बारे में बता न दिया हो ।
कल श्वेता दीदी आईं थी दोपहर में । पूरे घर में ऐसे घूम रही थी जैसे उनका ही घर है । ये तो उनसे प्यार से बात कर रही थी लेकिन न जाने उन्होंने ऐसा क्या कहा कि ये रोने लगी और तो और वो आपके कमरे में भी सोई थी। ये बात सुनकर सिद्धार्थ ने राहत की साँस ली ।
सच में उसने ये सब किया ? आदित्य हैरान हुआ ।
और नहीं तो क्या ! दुनिया की बेकार से बेकार बीवी भी अपने पति के बिस्तर पर किसी और औरत को सोते नहीं देख सकती । ये तो मेमसाब हैं जो अकेले अकेले रो धो रहीं हैं उनकी जगह हम दोनों होती तो पूरे मोहल्ले को खबर हो जानी थी।
आदित्य ने कनिका के बेबस से चेहरे की तरफ देखा । किस तकलीफ से गुजर रही है वो इसका अंदाजा भी न लगाया जा सका उसे ।
शांता ने उसके चेहरे को पानी से पोंछ कर पट्टी रख दी।
सिद्धार्थ मेरे कमरे से मेरा मेडिसिन बॉक्स ले आओ सफेद रंग का होगा । आदित्य उसके पैरों के पास बैठ गया ।
जी भाई । सिद्धार्थ Box लेने चला गया।
कुछ भी खाया है इन्होंने ?
कल से एक बूंद पानी भी नहीं पिया ।
तो फिर ट्रीटमेंट कैसे करूं इनका ? खाया पिया भी नहीं बुखार भी इतना तेज चढ़ा है ।
भाई आपका box । सिद्धार्थ ने टेबल पर रखते हुए कहा।
शांता इन्हें थोड़ा तो होश में लेकर आओ । आदित्य ने जिस बेबसी से कहा उससे ऐसा लगा ही नहीं कि वो खुद एक डॉक्टर है । उसके खुद के हाथ कांप रहें हैं और आँखों में आँसू तक आ गएं।
उसने बॉक्स खोलकर एक सिरिंज निकाला और उसे इंजेक्शन में भरने की कोशिश करने लगा लेकिन उसके हाथ कांपते ही जा रहें थें। उसके दिमाग में जो गुस्सा भर आया था श्वेता के लिए या उसके दिल में कनिका के लिए जो दया जो मोहब्बत भर आई थी एकदम से । पता नहीं किस वजह से लेकिन उसकी बॉडी कांपती ही जा रही थी।
भैया ! ये ड्राइवर देकर गया बोला मैम ने मंगाया है । माहेश्वरी लिफाफा लेकर आई।
क्या है ? आदित्य ने लिफाफा अपने हाथ में लेकर खोला। उसमें दवाई थी । एक ड्राइवर को वो अपनी तबियत बता सकती है लेकिन अपने डॉक्टर पति को नहीं…! एक दिन में ही इतनी ज्यादा नफरत हो गई है उसे मुझसे । उसने अपनी दोनों आँखें कसके बंद की ।

मैं डॉ सतीश या डॉ महक को भेजता हूँ । लिफाफा माहेश्वरी को थामकर अपने आँसू छुपाता हुआ आदित्य कमरे से बाहर निकला । उसके पीछे सिद्धार्थ भी आया ।
कल तुम मेरे घर आई थी ? बाहर आते ही सबसे पहला कॉल उसने श्वेता को कॉल किया ।
तुम्हें हक किसने दिया मेरी पत्नी से इस तरीके से बार करने का ? जताना क्या चाहती थी उसे कि अब भी तुम मेरी कुछ लगती हो ? जब emotionless person बोलकर मांगनी तोड़ी थी उसी दिन से तुम मेरी कुछ भी लगना बंद हो गई थी उसके बाद भी तुमने….. सिद्धार्थ जितनी देर भी आदित्य की बातें सुन सकता था उतनी देर सुनी । कार में बैठते ही उसकी आवाज भी सुनाई देनी बंद हो गई।
कनिका को थोड़ी देर में होश आ गया । बड़ी मुश्किल से शांता ने उसे थोड़ा सा जूस और पानी पिलाया । तब तक सिद्धार्थ डॉक्टर महक को लेकर अंदर आ चुका था । कनिका इनसे पहले भी एक बार मिल चुकी है हॉस्पिटल में।
सिद्धार्थ को देखते ही कनिका फिर से अन्दर ही अन्दर सहम गई और जूस का ग्लास हटा दिया ।
मैम सर बता रहे थे कि आजकल इंडियन फूड पसंद नहीं आ रहा है । महक ने उसका दिल बहलाने के लिए बातें शुरू कर दी ।
नहीं तो ..! बहुत धीमी आवाज में उसने बोला ।
क्या नहीं तो ? पसंद है या नहीं ?
हैं !
तो खा क्यों नहीं रही है दो दिन से खाना ? भूख हड़ताल करनी है आपने ?
नहीं ।
तो खाया पिया कीजिए । ऐसे बीमार होकर इंजेक्शन खाने से अच्छा तो खाना खाना होता है । सही कहा न मैंने?
हाँ।
तो खाना खाएंगी या इंजेक्शन ? कनिका कुछ नहीं बोली।
अरे बोलिए भई कुछ तो खाना होगा ।
खाना !
ये हुई न बात । प्लीज आप लोगों में से कोई इनके लिए कुछ खाने को ले आएगा । बातें करते करते कब महक ने इंजेक्शन लगाया कब उसे दवा दी ये कनिका गौर भी नहीं कर पाई।
मैं जाती है । शांता बगल से उठ कर चली गई।
चलिए मैम मैं जाती हूँ। महक ने अपना पर्स उठाया ही था कि कनिका ने उठ कर उसका हाथ पकड़ लिया ।
अभी नहीं ।
अरे मैम क्या हुआ ? अब बेफिक्र रहें आधे घंटे में ही सारा बुखार उतर जाएगा । महक ने अपना हाथ छुड़ा लिया।
किसी के आने तक रुक जाओ ।
अरे सब घर ही हैं और मिस्टर सिद्धार्थ तो आपके कमरे में ही… कहते कहते महक थोड़ा रुकी और सिद्धार्थ की तरफ देखा । तब तक उसका फोन बज उठा ।
Sorry Mam sir का कॉल आ रहा है । I have to go now . फिर वो सिद्धार्थ की तरफ मुड़ी ।
आप मुझे बाहर तक छोड़ देंगे ।
जी चलिए। कमरे से निकलने से पहले महक ने एक बार फिर कनिका के डरे हुए चेहरे को पलट कर देखा।
अभी तक शांता कमरे में नहीं आई थी लेकिन सिद्धार्थ बहुत तेजी से कमरे में आ गया।
मैं आदित्य को बता दूंगी अगर तुमने फिर से कोई ऐसी वैसी हरकत की तो ।
सच में तुम्हें लगता है मेरा भाई होकर वो तुम्हारी बात पर यकीन करेगा ? वो भी ऐसे समय में जब वो खुद किसी और के चक्कर में उलझा हुआ है । इस समय जब उसे तुम्हारे पास होना चाहिए था वो श्वेता के पति की देखभाल कर रहा है । तुम्हें देखने तक के लिए उसने अपनी जूनियर डॉक्टर भेजी ।
सिद्धार्थ जो तुम चाहते हो वो कभी नहीं होगा मैं तुम्हारी कभी नहीं हो सकती समझे ।
तो तुमको लगता है तुम उनकी भी रह पाओगी ? चलो मैं कुछ दिखाता हूँ तुमको । सिद्धार्थ ने अपनी जेब से फोन निकाला और उसे बारिश वाले दिन का वीडियो दिखाया लेकिन पूरा नहीं बस वहाँ तक का जहाँ से दोनों ने रोमांटिक हो गएं थे । जब दोनों kiss करने वाले थे तब सिद्धार्थ की पीठ कैमरे की तरफ हो गई थी जिससे ऐसा ही लग रहा था कि दोनों kiss कर रहें हैं।
ये क्या बदतमीजी है ? तुम ऐसा कैसे कर सकते हो मेरे साथ ?
मैं इससे भी बुरा कर सकता हूँ अगर तुमने किसी के आगे मुंह खोला तो । सोचकर देखो आदित्य ने अगर ये वीडियो देखी तो क्या बीतेगा उसपर । अभी जिस उलझन में है तुम्हें और श्वेता को लेकर वो तो एकदम से खत्म हो जाएगी और तुमपर से भरोसा भी। मेरा क्या मैं तो उसका भाई हूँ माफी मिलते देर थोड़े लगेगी ।
अरे ये क्या आप फिर से रोने लगी । शांता गर्म गर्म सूप लेकर पहुंची तो उसे रोता हुआ पाया ।
दीदी आप ही समझाओ मेरे समझने से तो मान नहीं रही। कह कर सिद्धार्थ कमरे से निकल गया ।
To be continued….
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