Enemies to lovers-dark romance love series last part 9

Enemies to lovers-dark romance love series last part

Enemies to lovers-dark romance love series  कहानी के पिछले भाग में आप लोगों ने पढ़ा कि ऋषित एरिका की मम्मी से बात देता है कि वो एरिका से प्यार करता है। सुनंदा जब यही बात एरिका से पूछती है तो वो कहती है कि उसे सोचने के लिए टाइम चाहिए। यही जवाब उसने ऋषित को भी दिया था। लेकिन वो किसी को भी नहीं बता पाती कि वो ऋषि से प्यार करती है या नहीं। बल्कि चुपचाप अपने अमेरिका जाने की तैयारी करने में जुट जाती है । इससे गुस्सा होकर ऋषित कॉम्पटीशन में हिस्सा लेने निकल जाता है।

ऋषित को वापस बुलाने के लिए बेला और सुनंदा इमरजेंसी का बहाना बना कर घर से चली जाती हैं। इसकी वजह से ऋषित को वापस आना पड़ता है। जब वो आता है तो देखता है कि एरिका काफी डरी हुई है । इसीलिए उसके आगे पीछे घूम रही है । Coffee पीने के बाद एरिका कपड़े रखवाने के बहाने ऋषि को अपने कमरे में बुलाती है। कपड़े रखते वक्त उसे दो साड़ियां मिलती हैं जिनमें से एक वो एरिका से पहनने की रिक्वेस्ट करता है। एरिका साड़ी लेकर तैयार होने चली जाती है ।अब आगे –

ऋषित अपना काम खत्म करके कमरे में ही बेचैन होकर टहलने लगा । उसकी निगाह बार बार घड़ी की ओर जा रहीं थी। 9:30 की बुकिंग में 9 तो यही बज गया था , उसने गलती ही कर दी उसे साड़ी पहनने का बोल कर। साथ में जाकर खाना ही तो खाना था वो अपने रेगुलर कपड़ो में ही चल सकती थी। उसने दो तीन बार एरिका को आवाज देनी चाही लेकिन बाथरूम से ” अब साड़ी की प्लेट्स इस तरह सेट करें ।” जैसी आवाज सुनकर उसे चुप रहना पड़ा ।

अजीब बात है यार अगर नहीं आता था पहनना तो बता सकती थी ऐसे Youtube video pause कर-कर के कितना सीख पाएगी।
ऋषित इतनी देर में चुपके से जाकर अपने कपड़े चेंज कर आया और एरिका के makeup से अपनी काम की चीजें निकाल कर इस्तेमाल कर लीं।

लो बस तैयार हो गई , डोरी ढीली है अभी । एरिका bathroom से निकली बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लग रही थी । उसका look breathtaking था। ऋषित अपलक उसे देखता रह गया । वाकई खूबसूरत चीजें बनने में काफी समय लग जाता है । एरिका ने पतला ड्रेप बनाया था जो उसके फिगर पर परफेक्ट बैठ रहा है , ब्लाउज छोटा होने की वजह से कमर से सीने तक का अधिकतर भाग खुला हुआ है । उसके बाल पीठ पर बिखरे है , उसका इकहरा बदन अब और भी ज्यादा पतला लग रहा है । ऋषि को अब कोई मलाल नहीं बचा है कि उसे साड़ी पहनने में टाइम लगा।

Enemies to lovers-dark romance love series last part
Enemies to lovers-dark romance love series last part

साइड हो जाओ मैं भी तैयार हो जाऊं । एरिका ने उसे आईने के सामने से हटने का इशारा किया तो ऋषि कठपुतली की तरह साइड हो कर खड़ा हो गया।
एरिका को अपना चेहरा तैयार करने के लिए कुछ ज्यादा मेहनत नहीं करनी थी क्योंकि आज आधा दिन तो उसने अपने चेहरे को पहले ही दे दिया था। परेशानी केवल बालों की थी ।

बाल कैसे रखूं ? उसने अपने बालों को हाथों में ले कर एक दो स्टाइल ट्राई की फिर उन्हें जुड़ा बनाने की कोशिश की।
बन ठीक जाएगा इस साड़ी पर ?
हाँ पर तुम ब्लाउज ठीक कर लो पहले, एक डोरी खुली हुई है । ऋषित ने एक बार उसकी पीठ की तरफ देखा और सर झुका लिया ।
तुम help कर दो पीछे हाथ नहीं जा रहें हैं सही से ।
मैं?
हाँ और कौन ? एरिका ने बेफिक्री से अपना जुड़ा बना लिया ।

ऋषि चुपचाप उसके पीछे आके खड़ा हुआ तो आइने में अलग सी रौनक झलकने लगी। उसने शीशे में खुद को देखा और अपने आगे खड़ी एरिका को देखा । ऐसी एक फोटो उसके फोन में है लेकिन उसकी नहीं बल्कि उसके पेरेंट्स की । क्या वो थोड़ा भी अपने पापा के जैसा दिख रहा है ?
जल्दी करो फिर निकलते हैं।
हाँ.. हाँ! ऋषित अपनी चेतना में लौटा और कंपकपाते हाथों से उसकी डोर पकड़ी ।

अपनी खुली पीठ पर ऋषि के हाथों को महसूस करते ही एरिका सकुचा गई और उसे रोकते हुए बोली –
रहने दो मैं कर लूंगी ।
मैं कर रहा हूँ न । कहते हुए उसने तेजी से डोर कसी जिसकी वजह से डोरी टूट गई ।

ये क्या किया ? एरिका ने घबराते हुए अपने सीने पर हाथ रखा । अभी भी एक डोरी बंधी हुई थी फिर भी एरिका uncomfortable हो गई।
अब मुझे साड़ी बदलनी पड़ेगी । लगता है आज हम डिनर पर नहीं जा पाएंगे ।
मुझे भी यही लगता है । ऋषि ने अपना एक हाथ एरिका की कमर पर रख कर उसे खुद से सटा लिया।

ऋषि क्या कर रहे हो ?
मैं बस अपना जवाब सुनना चाहता हूँ। तुम्हें मुझसे प्यार है या नहीं ?
हम आराम से बैठ कर बात करते हैं न ।
नहीं मुझे अभी जानना है । उसने एरिका के खुले कंधे को चूम लिया ।
ऋषि …
सिर्फ ‘ हाँ’ या फिर ‘ न’ बस ।

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा कि क्या जवाब दूं?
जो भी दिल में हो वही बोलो मगर सच बोलना ।
हमारे रिश्ते का कोई future नहीं हो सकता है ऋषि।
तुम एक बार मुझ पर भरोसा करके तो देखो ।

मुझे तुम पर पूरा भरोसा है लेकिन खुद पर नहीं है । मेरे अंदर बहुत जल्दी feelings develop हो जाती हैं। ऐसे में हो सकता है कि कल को कोई और आ जाए मेरी जिंदगी में । तुम पहले ही एक break up से नहीं निकल पाए हो दूसरी बार तुम्हारा दिल दुखाना नहीं चाहती हूँ।
Moral of the story तुम भी मुझे feel करती हो हैं न?
तुम समझ नहीं रहे कि मैं क्या कह रही हूँ।

मैं तो समझ गया अब तुम सुनो अगर तुम्हें लगता है कि तुमको US में कोई और पसंद आ जाएगा तो तुम गलत हो । एक बार जो मुझसे प्यार कर ले वो किसी और को कभी नहीं चाह पाएगा । ज्योति को ही ले लो उसने बहुत कोशिश की है मेरे पास लौटने की लेकिन मैं उसे एक्सेप्ट नहीं कर पाया क्योंकि जैसा मैंने तुम्हारे साथ feel किया है वैसे कभी उसके साथ किया ही नहीं था । तुम्हारे साथ अपनी जिंदगी पूरी लगती है मुझे । लेकिन इसके बाद भी अगर तुम्हें कोई पसंद आ गया तो मैं वादा करता हूँ कि खुशी-खुशी तुम्हें जाने दूंगा।

मैं सच में कन्फ्यूज हूँ ऋषि । मुझे खुद नहीं समझ आ रहा है कि मैं क्या चाहती हूँ और तुम्हारी ऐसी बातें मुझे और ज्यादा उलझन में डाल देती हैं।
चलो आज तुम्हारी सारी उलझन दूर कर देता हूँ।
कैसे ?
तुम्हें अंधेरे से बहुत डर लगता है न लेकिन आज के बाद कभी नहीं लगेगा । अब जब भी अंधेरा होगा तुम्हें अपने पापा की जगह मेरी याद आएगी । ऋषि ने एक झटके से ब्लाउज की दूसरी डोरी भी तोड़ डाली ।

ऋषि …! एरिका पलट के उसकी तरफ खड़ी हो गई । उसने दोनों हाथों से ब्लाउज को पकड़ लिया था ।
अब अगर तुम्हें मुझसे प्यार होगा तो तुम मुझे नहीं रोक पाओगी लेकिन अगर नहीं होगा तो तुम्हारे दिल के साथ तुम्हारा जिस्म भी मेरा विरोध करेगा । उसने एरिका की कमर को अपने हाथों में पकड़ लिया था ।
ऋषि पहले मेरी बात सुनो ।

हाँ बोलो मैं सुन रहा हूँ। कहते हुए ऋषित ने उसके होठों को अपने होठों के बीच दबा लिया । उसका हाथ एरिका की बेपर्दा पीठ को अपनी उंगलियों से सहला रहा था । एक पल्लू ही था जो उसे परेशान कर रहा था उसे भी ऋषि ने गिरा दिया ।
नहीं… । एरिका ने अपना मुँह दूसरी तरफ घुमाया।

इतने प्यार से मना करोगी तो कौन कमबख्त रुकना चाहेगा । उसने एरिका के जुड़े को भी खोल दिया ।
रहने दो ऋषि…! एरिका बहुत धीमी आवाज में बोली ।
क्या कहा सुनाई नहीं दिया । ऋषि ने अपना कान उसके होठों से लगाया ।
रहने दो । उसका लहजा अभी भी वही था।

तुम मुझे रोक रही हो या अपनी मदहोश आवाज में मुझे एक्साइट करा रही हो मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है। खैर समझने समझाने की बात तो अब रही ही नहीं अब तो बस करने की बारी है। उसने थोड़ा झुक कर एरिका को अपनी गोद में भर लिया ।
उसे बिस्तर पर लिटाने के बाद ऋषि ने लाइट बंद कर दी।
मुझे अंधेरे में डर लगता है ।
और अगर अंधेरा न रहा तो तुम्हें शर्म लगेगी । उसने साड़ी को खींच कर उतार दिया ।

ऋ…षि ! एरिका ने अपनी ही बाहों से खुद को कस लिया।
Let me do this for you . ऋषित ने एरिका को अपनी बाहों में भर लिया ।
ऋषि मैंने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि ऐसा होगा ।
मैंने भी नहीं सोचा था कि ऐसा करना पड़ेगा मुझे । उसने बीच से ब्लाउज को हटाने की कोशिश की लेकिन एरिका ने कसके पकड़ लिया ।

एरी..तुम मुझे नहीं रोक पाई इसीलिए अब तो खुद को हार भी जाने दो । इतना कहकर उसने एरिका के चेहरे को चूमना शुरू कर दिया । थोड़ी देर तक तो एरिका ने खुद को जब्त रखा फिर उसमें भी ऐतराज करने की क्षमता खत्म हो गई और दोनों के बदन से कपड़े भी कम होने लगे ।

मैंने सोचा था कि First time किसी experienced man के साथ होगा ।                                                                                                          Believe me मैं experienced तो नहीं हूँ लेकिन आज तुम्हें जैसा experience दूंगा तुम जिंदगी भर नहीं भूल पाओगी । उसने एरिका के पैरों को उठा कर अपनी कमर पर रख लिया ।

रात में एरिका का experience कितना अच्छा रहा ये तो नहीं पता लेकिन सुबह ऋषित का experience बिल्कुल भी अच्छा नहीं रहा । एरिका ने आँख खुलते ही सबसे पहले उसे चादर से निकाल दिया और दो चार मोटी मोटी गालियां देकर बाहर निकल जाने को बोला।
अरे ऐसा कौन करता है ? ऋषि ने अपनी शर्ट उठाई।
तुम चुप रहो समझे तुम्हारी वजह से मुझे दर्द हो रहा है।
सच में क्या ? डॉक्टर को बुलाऊं ?

तुम बस यहाँ से जाओ अभी । तुम जैसे बेशर्म , बेहया , बेरहम ,कमीने और जिद्दी इंसान को मैं अपने कमरे में नहीं देख सकती हूँ।
हाय इतनी तारीफ सुबह-सुबह मेरा तो दिन बन गया। वो मुस्कुराते हुए अपनी शर्ट के बटन को बंद करके बाहर निकल गया ।
दोपहर तक ऋषित के अथक प्रयासों से जाकर सारी स्थिति सामान्य हो गई थी लेकिन एरिका अब भी उससे आँखें मिलाने से बच रही थी ।

शाम तक बेला और सुनंदा भी घर वापस आ गईं।ऋषित और एरिका के चेहरे की रंगत के साथ ही बातचीत का मिजाज भी बदला हुआ देख कर बेला ने मुस्कुरा कर सुनंदा को उसके हारने की बधाई दी ।

सुनंदा ने अपनी शर्त पूरी करते हुए डिनर के टाइम ऐलान कर दिया कि अगर एरिका और ऋषित शादी करना चाहेंगे तो एरिका की पढ़ाई खत्म होने के बाद कर सकते हैं। इतना सुनते ही ऋषि उठ कर सुनंदा से लिपट गया।
Thank you आंटी मम्मी।
एरिका के चेहरे पर भी खुशी थी लेकिन उसने ज्यादा जाहिर नहीं होने दी।

फ्लाइट का टाइम हो रहा था लेकिन पता नहीं ऋषित कहाँ चला गया अचानक । एरिका बेचैनी से चारों तरफ देखती रही । थोड़ी देर बाद ऋषित हाथ में बुके लेकर भाग कर आता दिखाई दिया और आते ही एरिका के सामने घुटनों पर बैठ गया ।
क्या तुम तीन साल पढ़ाई को देने के बाद बाकी की जिंदगी मुझे दे सकती हो ? उसने अपनी जेब से अंगूठी निकाल कर उसके आगे कर दी।

Enemies to lovers-dark romance love series last part
Enemies to lovers-dark romance love series last part

नहीं सारी नहीं क्योंकि अपनी कुछ जिंदगी मॉम और बेला आंटी को भी तो देनी है और अगर हमारे कभी बच्चे हुए तो उनको भी देनी पड़ेगी । इसीलिए तुम्हारे हिस्से कितनी जिंदगी आएगी ये तुम खुद कैलकुलेट कर लो मेरी फ्लाइट का टाइम हो रहा है । एरिका ने अंगूठी उठा कर पहन ली । उसके अंगूठी पहनते ही सबने तालियां बजाना शुरू कर दिया।

ये अंगूठी लड़कों को तुमसे दूर रखेगी और तुमको मेरे पास आने को कहेगी ।
ये अंगूठी न भी देते तब भी मैं तुम्हारे पास ही लौटती । एरिका रोते हुए ऋषि के गले से लिपट गई।
Flight का टाइम हो गया है बच्चों जल्दी करो । ऋषित के मामा ने कहा ।
ऋषित ने उसका माथा चूम कर अपना अहसास भी उसके साथ भेज दिया ।

Thanks for reading 🙏 🙏

  1. “My Neighbor’s Wife” A dramatic dark romance love story part- 1
  2.   My Neighbor’s Wife” A dramatic dark romance love story part- 2
  3. Doctor patient romantic love story part 1
  4. Doctor patient love story in Hindi part 2
  5. Doctor patient love story in Hindi part 3
  6. The Wedding Night । love story of Arranged Couple
  7. When gangster meets Mafia… An Unexpected Dark Romance love story 1
  8. Love triangle – Funny Romantic love story In Hindi

Leave a comment