My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 7

My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 7

My trophy Wife ! Love story in Hindi  कहानी के 6 भाग में आपने पढ़ा पार्टी नशे की हालत में लौटने के बाद सिद्धार्थ कनिका के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करता है। उससे अपने प्यार का इजहार करते हुए कहता है कि आदित्य उसे छोड़कर श्वेता के पास जाना चाहता है इसीलिए कनिका भी उसे छोड़कर सिद्धार्थ के पास चली आए । कनिका उसका विरोध करती है और आदित्य को सबकुछ बता देने की धमकी देती है। सिद्धार्थ उसपर हंसता है और बोलता है उसका भाई कनिका की किसी भी बात पर यकीन नहीं करेगा इसीलिए वो अपना मुँह बंद ही रखे।
अगली सुबह आदित्य कनिका का इंतजार करता है लेकिन वो उठती नहीं तो वो ऑफिस निकल जाता है । दोपहर में घर आने पर उसे कनिका की खराब तबियत के बारे में पता चलता है । शांता बताती है कि श्वेता ने उसे बेइज्जत किया है जिसकी वजह से उसकी तबियत खराब हुई। डॉक्टर होने के बावजूद भी उसे इंजेक्शन लगाने में आदित्य के हाथ कांपने लगते है तो वो अपनी जूनियर डॉक्टर को बुलाता है और खुद हॉस्पिटल चला जाता है। उसके जाते ही सिद्धार्थ फिर कमरे में आकर कनिका को धमकाता है।
घंटे भर बाद आदित्य आया और आते ही कनिका के कमरे में गया ।
अब कैसी तबियत है ? खाना वाना कुछ खाया ? बुखार तो…  आदित्य ने उसके माथे पर हाथ रखा तो उसने तुरंत हाथ झटक दिया और उठ कर बैठ गई।
क्या हुआ ? दवाई ले ली है न ? आदित्य ने टैबलेट्स की तरफ देखा जो अब भी वैसी ही पड़ी हुई हैं।
नहीं ली है न ? आदित्य ने एक एक करके दवाई निकालकर उसे खाने के लिए दी ।

कनिका ने बिना उनकी तरफ देखा अपना लिफाफा उठाया और उसमें से दवाई निकाल कर खा ली ।
आदित्य वैसे ही खड़ा रह गया ।

“आदित्य ने इतनी बड़ी गलती नहीं की थी शायद की उसे इस तरह बेइज्जत किया जाए । वो लगातार माफी मांगे जा रहा है लेकिन कनिका को कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा। ठीक है अगर उसे फर्क नहीं पड़ता तो मुझे भी नहीं पड़ता। अगर सच में इस साल भर के दरमियान उसे मुझसे जरा सा भी प्यार हुआ होता तो श्वेता की बातों में आकर मुझसे नफरत न करने लगती । ”

आदित्य बिस्तर पर पड़े चुपचाप अपने कमरे में सोने की कोशिश कर रहा था लेकिन आँख बंद करते ही उसे कनिका का खयाल आता था। वो चाहकर भी उसके पास नहीं जाना जा रहा था क्योंकि जितनी बेइज्जती उसने कल से झेली है उतनी अपनी जिंदगी में नहीं झेली । इसीलिए अब उसे डर लग रहा है कि कनिका के पास जाते ही पता नहीं वो क्या सुनाने लगे ।

लेकिन उसका दिल किसी भी तरह मान ही नहीं रहा था बस एक बार देखने की जिद में आखिरकार वो उठ कर उसके कमरे में चला ही गया ।          कनिका का पीला और उदास चेहरा किसी मार खाए बच्चे के जैसा लग रहा है । सूखे बिखरे बाल शरीर के जैसे ही बेजान लग रहें हैं।

इतनी कमजोर कैसे हो सकती हो तुम कि एक छोटी सी बात तुम्हें तोड़ कर रख दे ? तुम वही लड़की हो जो अपनी माँ की मौत से रोज आँख में आँखें डाल कर बात करती थी बिना किसी डर के ? वही लड़की जो मुंबई में अकेले रहा करती थी , वही लड़की जो एक emotionless आदमी के लिए सौ फीसदी मौजूद रही , उसकी सारी उल्टी सीधी शर्तें मानकर भी , वहीं लड़की जिसे बड़ी से बड़ी चोट भी तकलीफ नहीं दे पाई , वो लड़की एक झगड़े से इतना कैसे हर्ट हो सकती है  यार ?

My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 7
My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 7

 

आदित्य ने अभी तक हिम्मत का पर्यायवाची कनिका को समझा था लेकिन आज उसका वही पर्यायवाची टूटा हुआ बिस्तर पर पड़ा है । क्यों ? ऐसा भी क्या हुआ जो सबकुछ बदल गया है ? क्या झगड़े इससे पहले नहीं हुए थे ! क्या श्वेता की बातें दोनों के बीच पहले नहीं आईं थीं ! फिर अबकी ऐसा क्या हो गया है जो कनिका की सहनशक्ति से भी बड़ा हो गया ? आदित्य बहुत देर तक उसके थके हुए चेहरे पर अपने सवालों के जवाब ढूंढता रहा ।

अचानक से आदित्य को दरवाजे के खुलने और बंद होने की आवाज आई । उसने उधर देखा तो दरवाजे पर कोई नहीं था । शायद हवा से खुल गया है । हवा का खयाल आते ही आदित्य के दिमाग में एक आइडिया आया।

उसने बहुत ही चुपके से उसे अपनी बाहों में उठा लिया और अपनी सांसे रोककर उसे अपने कमरे में ले आया । अगर कनिका जग गई तो बोल देगा कि दरवाजा बंद करना भूल गई थी और तेज हवा चल रही थी , तुम्हारी नींद न खुल जाए इसीलिए यहाँ ले आया ।
उसके दिमाग में जरा भी खयाल नहीं आया कि इतने बड़े बंद घर में हवा इतनी तेज कैसे चल सकती है ?

आदित्य ने कमरे की लाइट बंद कर दी और बिस्तर के एक किनारे पर आकर लेट गया । अब उसे सुकून की नींद आएगी । वो कनिका के चेहरे की तरफ देखते देखते सो गया ।

कनिका को लगातार दो दिन तक बुखार चढ़ता उतरता रहा । आदित्य अपना ऑफिस और हॉस्पिटल सब कुछ भूल कर उसके पास ही मौजूद रहा । जूनियर डॉक्टर महक और डॉक्टर निधि को दिन में तीन-तीन चक्कर लगाने पड़े क्योंकि डॉक्टर आदित्य को अपनी धर्मपत्नी के शरीर में इंजेक्शन लगाने से डर लग रहा था । हद तो तब हो गई जब कनिका का blood sample लिया जा रहा था और आदित्य ने अपनी आँखें बंद कर ली ।

I must say Mr. Kapoor बहुत सही समय पर आपने प्रोफेशन स्विच कर लिया है । डॉक्टर निधि ने मजाकिया अंदाज में कहा ।
रहने दीजिए मैम देख रहीं है सर पहले से ही परेशान है। इसके बाद महक भी थोड़ा मुस्कुरा दी थी ।

तीसरे दिन कनिका का बुखार उतर गया था बस कमजोरी आ गई थी । सुबह उसका टेंपरेचर लेने के बाद आदित्य ने राहत की साँस ली और हॉस्पिटल जाने के लिए तैयार हो गया । जाते समय घर के सारे नौकरों को कनिका के आसपास रहने की हिदायत दे दी थी । सिद्धार्थ को भी घर पर ही मौजूद रहने के लिए बोल दिया था ताकि वो अपनी किसी मीटिंग में न निकल जाए और अपने ड्राइवर को भी घर पर ही रोक दिया जबकि कनिका के लिए ड्राइवर पहले से ही मौजूद है ।

कनिका ने ठीक होते ही सबसे पहले अपना रूम बदला और अपनी दवा वगैरह उठा कर अपने बेड के पास रख ली। फिर किसी को फोन करके अपनी प्रॉपर्टी के कागज तैयार करने को कहा उसके बाद बिस्तर पर लेटकर बहुत देर तक कुछ सोचती रही ।

तबियत कैसी है अभी ? कमरे में सिद्धार्थ आ गया ।
ठीक है । कनिका तुरंत बिस्तर से उतर कर खड़ी हो गई।
बुखार तो नहीं है ? सिद्धार्थ ने उसकी कलाई पकड़नी चाही तो वो दूसरी तरफ हट गई ।
नहीं है ।

अच्छी बात है चलो लंच कर लेते है चलकर ।
तुम जाओ मुझे भूख नहीं है ।
ठीक है मत आओ मैं भी नहीं खाऊंगा । वैसे तो दो दिन से नहीं खाया है अब एक दिन और नहीं खाऊंगा तो मर थोड़े जाऊंगा ।
तुम क्यों नहीं खा रहे हो तुमको किसने रोक है खाना खाने से ?

क्योंकि तुम नहीं खा रही थी ।

मैं क्या कर रही हूँ क्या नहीं उसका ताल्लुक तुम्हारी जिंदगी से नहीं है । बेहतर होगा अपनी जिंदगी मेरी जिंदगी से अलग रखो ।

My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 7
My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 7

वो तो अब होने से रहा । मैं इंतजार कर रहा हूँ आ जाना तो साथ में लंच कर लेंगे वरना फिर से भूखा ही उठ जाऊंगा ।
इतनी देर में शांता भी कनिका को खाने के लिए बुलाने आई। उसे भी कनिका ने मना कर दिया ।

भैय्या बोल कर गए है अगर खाना न खाए तो जबरदस्ती खिलाना । अगर आपको खाना नहीं खिलाया तो शाम को भैया अगर हम लोगों को डांटेंगे । अब आप नहीं चली तो छोटे भैय्या आपको नीचे उठा कर ले आएंगे ।
हाँ ये भी सही है शांता दीदी । सिद्धार्थ कनिका की तरफ देख कर मुस्कुराया ।
मैं चल रही हूँ। कनिका उन दोनों से पहले कमरे से निकल गई।

कनिका टेबल के दूसरे छोर पर बैठी थी , सिद्धार्थ ने भी अपनी कुर्सी बिल्कुल उसके बगल में डाल दी । कनिका ने उठकर जाना चाहा तो उसने जबरदस्ती उसका हाथ दबा लिया ।

कहा न इतनी मनमर्जी ठीक नहीं है वरना पछताओगी। उसने बहुत धीरे से बोला । कनिका बिल्कुल स्थिर होकर बैठ गई ।
लो मेरे हाथों से खाओ । सिद्धार्थ ने अपनी चम्मच से कनिका को खिलाने की कोशिश की ।
नहीं । कनिका ने दूसरी तरफ मुंह फेर लिया ।
Look at me ! सिद्धार्थ उसे धमकाने के लहजे में बोला।
कनिका ने अपना मुंह खोल दिया । उसे खिलाने के बाद सिद्धार्थ ने भी उसी चम्मच से खाया और फिर से उसे कनिका की तरफ कर दिया ।

बुखार जुखाम के पेशेंट्स का जूठा खाने से दूसरे को भी इन्फेक्शन हो सकता है । आदित्य डाइनिंग रूम के गेट पर हाथ बांधे खड़ा था ।
भाई आप ..आप कब आएं ? सिद्धार्थ ने अपनी कुर्सी दूर खींच ली ।

आप तो शाम को … मेरा मतलब कि इतनी जल्दी कैसे आ गएं। मैं तो बस भाभी को खाना खिलाने की कोशिश कर रहा था आप तो गलत ही समझ बैठे । जैसा आप सोच रहें है वैसा कुछ है ही नहीं । आपको गलतफहमी हुई है । सिद्धार्थ की आवाज हकला रही थी और वो डरने की एक्टिंग भी कर रहा था । कनिका के चेहरे पर ऐसा भाव आया कि वो अभी सिद्धार्थ के मुंह पर थूक दे लेकिन उसने अपना मुंह दूसरी तरफ कर दिया ।

बैठे रहो खड़े होने की क्या जरूरत है । मैं तो बस खाना खाने आया था और खाना खाकर चला भी जाऊंगा । आदित्य कनिका की टेबल के सामने कुर्सी खींच कर बैठ गया ।
शांता …! आदित्य ने बहुत तेजी से पुकारा ।
जी भैया । वो भागते हुए किचन से निकली ।

तुम्हें कहा था कि इन्हें खाना खिला देना तो तुम किचन में क्यों मर रही हो ।
भैय्या मैं तो गरम गरम फुल्के ही निकाल …
क्या जरूरत है जब टेबल पर इतना खाना पहले से मौजूद है तो तुम दो मिनट यहाँ खड़ी हो कर इन्हें क्या चाहिए ये नहीं देख सकती हो ? चलो ठीक है तुम किचन में हो तो माहेश्वरी को यहाँ खड़ा कर देती । उनके पैर तो नहीं टूट जाएंगे दो मिनट में ।

आदित्य …! उम्र का लिहाज तो कर लो उनकी । कनिका ने बहुत ही सधी लेकिन स्पष्ट आवाज में उसे टोका ।
Sorry! तुमने मुझसे कुछ कहा ? इसका मतलब की मैं तुम्हें दिखाई देता हूँ न ! फिर वो शांता की तरफ मुड़ा
ताई आप अंदर जाओ हमें कुछ चाहिए होगा तो हम आवाज दे देंगे ।
हाँ तो मैं क्या कह रहा था …! वो फिर से कनिका की तरफ मुड़ा ।

मैं अगर तुमको दिखाई दे रहा हूँ मतलब कि मैं इस घर में हूँ और मैं इस घर में हूँ तो मतलब कि ये मेरा घर है और इस घर में तुम भी हो मतलब की तुम मेरी पत्नी हो और मैं तुम्हारा पति …
Sorry.. ? फिर से कहेंगे ।
I said I’m your Husband.

ये पति होने का हक कब मिल गया आपको ? जानते भी है पति होने का मतलब क्या होता है ? आपकी नजर में क्या है पति होना ? आपने किस मुंह से ये कहा है ? डॉक्टर हैं आप मेमोरी आपकी काफी अच्छी होगी अगर कमजोर होगी भी तो इतनी नहीं की साल भर  पहले की सारी बातें भूल जाएं। अगर फिर भी याद नहीं हैं तो अकेले में बात करना मैं सब याद दिला दूंगी । कनिका टेबल छोड़कर निकल गई ।

आदित्य अपना सर पकड़ के बैठ गया । आज वो सारी शर्तें , सारी बातें जो कभी उसी ने कहीं थीं उसी पर भारी पड़ गई । उसी ने तो कहा था कि तुम्हें मिसेज कपूर की एक्टिंग करते रहना है सबके सामने , अकेले में तुम अगर कोई ब्वॉयफ्रेंड भी बनाती हो तो तुम्हारे निजी जीवन से मेरा कोई लेनदेना नहीं है।
भाई मैं आपको बताने ही वाला था ।

क्या बताने वाले थे ? तुमको लगता है मैं सुन लूंगा जो तुम मुझे बताओगे ! देखो मेरी बात ध्यान से सुनो वो तुम्हारी भाभी है और इस रिश्ते की मर्यादा करना तुम दोनों का ही फ़र्ज़ है । हमारे घर में कभी भी कुछ भी गलत नहीं सिखाया गया है न हमारी परवरिश ऐसी हुई है कि हम दूसरे की बहन बीवियों को ताड़ते फिरे । मेरी सलाह बस इतनी सी है कुछ भी करना उससे पहले मेरे और तुम्हारे रिश्ते की गहराई को जरूर देख लेना । अपनी बात कहकर आदित्य भी चला गया ।

बहुत देर रात तक इधर उधर सड़कों पर घूमने के बाद आदित्य अपने दिल को मजबूत बनाकर घर वापस लौटा। आते ही सबसे पहले कनिका के कमरे की तरफ गया देखा तो लाइट भी बंद थी और दरवाजा भी ।

मेमसाब तो सो गईं हैं । माहेश्वरी ने पीछे से उसे बताया। वो आदित्य को खाना खाने के लिए बुलाने आई थी।
खाना खाया है इन्होंने ?
पता नहीं थाली अंदर ही मंगवा ली थी ।
और दवाई ?
उसका भी पता नहीं मेरे को ।

चलो इतना ही बता तो कि दोबारा बुखार तो नहीं चढ़ आया था ?
नहीं बुखार तो नहीं आया ।
चलो फिर ठीक है जाओ आप लोग खाना खा लो जाकर।
और आप ?
मुझे भूख नहीं है ।

क्यों ? बाहर से खा आएं हैं क्या ?
हाँ ऐसा ही समझो ।
ठीक है मैं जाती है ।

अच्छा ताई सुनो । शांता से बोल देना की दोपहर के लिए मैने उनसे sorry मांगी है और आपसे भी ।
अरे आप ऐसा कैसे बोलते हैं आप नहीं डांटेंगे तो और कौन हमारी गलती बताएगा ।
गलती आप लोगों की कभी थी ही नहीं । हर चीज में गलत मैं ही रहा हूँ । आदित्य वहाँ ज्यादा देर खड़ा नहीं रह पाया और अपने कमरे में चला आया ।

दो दिन से रात में कनिका का चेहरा देखते रहने की आदत हो गई थी उसे इसीलिए आज उसे नींद भी नहीं आ रही । ऐसे रात में जब नींद खुलती थी तो धीरे से कभी उसके हाथ , कभी उसका चेहरा तो कभी उसके होंठ छू लेता था । आज जब हाथ बढ़ाता है तो एक सफेद चादर और दूर तक फैले अंधेरे के सिवा कुछ भी हाथ नहीं लग रहा है उसके ।

Wait for part 8
Thanks for reading

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