My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 8

My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 8

My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 7 में आप लोगों ने पढ़ा कि कनिका की तबियत खराब हो जाती है और उसे तीन दिन तक लगातार बुखार रहता है। आदित्य दूसरी डॉक्टर्स की हेल्प से उसका ट्रीटमेंट करता है। जब उसे लगता है कि वो ठीक है तब वो ऑफिस चला जाता है। दोपहर में सिद्धार्थ कनिका को खाने के लिए बुलाने जाता है वो नीचे नहीं आना चाहती लेकिन मजबूरी में उसे आना पड़ता है। सिद्धार्थ उसे अपने हाथों से खाना खाने के लिए फोर्स करता है। तब तक आदित्य भी आ जाता है ।

उसे लगता है कि दोनों लोग उसे धोखा दे रहे है । वो शांता को बुलाकर उसे डांटने लगता है। इस बात पर उसकी और कनिका की बहस भी हो जाती है और आदित्य बिना नाश्ता किए चला जाता है। देर रात जब वापस आता है तब तक कनिका सो चुकी होती है। अपने कमरे में आकर वो कनिका के बारे में सोचता रहता है। अब आगे –

सुबह खाने की टेबल पर तीनों लोग मौजूद थें लेकिन कोई किसी से बात नहीं कर रहा था ।
तबियत कैसी है अभी ? कुछ सोच कर आदित्य ने कनिका से पूछा ।
कल तो ठीक थी आज भी ठीक ही लग रही है। बीच में ही सिद्धार्थ बोल पड़ा ।

क्या ये सवाल मैने तुमसे पूछा था ?
नहीं लेकिन मैंने सोचा कि ये आपसे बात नहीं करना चाहती है तो मैं ही ….
कनिका क्या तुम मुझसे बात नहीं करना चाहती हो ?

मैं तो इस समय कुछ भी नहीं चाहती हूँ। लेकिन ये बात आप दोनों के समझ में नहीं आएगी तो बेकार है मेरी मर्जी पूछना किसी भी बात में ।
यार मैंने उस दिन के लिए कितनी बार sorry बोला है। अब तो वो बात जाने दो ।
उस दिन के अलावा भी मेरी जिंदगी में बहुत कुछ घट रहा है क्या ये तुमको दिखाई नहीं दे रहा है ?
हाँ दिख तो रहा है और कल तो एकदम ही साफ दिख गया था ।

भाई प्लीज वो बात मत लाओ बीच में उसके लिए मैं आपसे माफी मांगता हूँ और कनिका भी… I mean भाभी भी इसके लिए माफी मांग लेंगी ।
Excuse me ! तुम हर बात में बोलो ये जरूरी तो नहीं है। मैं क्या करूंगी क्या नहीं अब तुम मुझे बताओगे ? बड़े भाई की तो आदत है हुक्म देने कि अब छोटा भाई भी उसी रास्ते पर चलेगा । कनिका ने तुरंत नाश्ता छोड़ दिया और वहाँ से चली गई।

अरे ऐसा मत करो मैं भाई की तरह कभी नहीं बनूंगा यकीन करो मुझ पर । सिद्धार्थ ने इतना धीरे से कहा कि ये बात आदित्य तक तो पहुंच जाए लेकिन कनिका को न सुनाई पड़े ।
क्या भाई आप भी सुबह सुबह….
तुम्हारा जो काम था दिल्ली में वो हो गया ? आदित्य ने नाश्ता करना बंद नहीं किया था बस एक नजर उठा कर सिद्धार्थ को देखा भर था।

जी अभी नहीं भाई ।
कितना टाइम और लगेगा दो हफ्ते तो लगभग हो ही गएं हैं।
क्या आप अपने छोटे को अपने घर से निकालना चाहते हैं? एक बार भी चाचा-चाची के प्यार का खयाल नहीं आ रहा है आपको ! क्या आप ताऊ जी को बता पाएंगे कि मैंने छोटे को एक मामूली सी बात पर घर से निकाल दिया है।

Emotional blackmail कर रहे हो !
नहीं भाई इतनी औकात नहीं है मेरी । मैं बस बता रहा हूँ कि हमारी परवरिश में कभी भाइयों को लड़ना नहीं सिखाया गया है। दुनिया हमारे खिलाफ भले ही हो जाए लेकिन हम भाई के खिलाफ कभी नहीं होने चाहिए और छोटे भाई से उम्मीद की जाती है जो बड़ा कहे मान लो । तो आप मेरे बड़े है जो कहेंगे वो माना जाएगा ।

मेरी बीवी से दूर रहो और दोबारा उसका नाम भूल से भी  न लेना । उम्र में न सही लेकिन रिश्ते में बड़ी हैं तुमसे समझे । आदित्य हाथ साफ करके खड़ा हो गया ।

आदित्य की समझ में नहीं आ रहा था कि ऐसी क्या कमी रह गई उसकी तरफ से जो कनिका उसके ही छोटे भाई के साथ अफेयर कर बैठी । यकीन करना मुश्किल है कि वो कभी ऐसा कर भी सकती है। ठीक है उसने पति होने की जिम्मेदारी नहीं निभाई लेकिन क्या एक अच्छा दोस्त भी नहीं बन पाया इन डेढ़ सालों में ? कम से कम एक दोस्त की हैसियत से ही बता सकती थी कि उसे सिद्धार्थ पसंद आ गया है।

My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 7
My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 8

एक बार खुल कर सामने से बोलती तो ! लेकिन यहां तो दोनों ने उसे पीठ पीछे से धोखा दिया है। वो कैसे हजम कर ले कि उसका छोटा भाई जिसे उसने अपनी आँखों के सामने बढ़ता देखा है , जिसके एक एक नखरे उसने खुद उठाए है , जिसकी हर जिद के आगे अपना सर झुकाया है , जो उसके लिए सगे भाई से भी बढ़कर था उसी ने उसके साथ दगा कर दिया है ।

सारा दिन आदित्य के दिमाग में यही सब चलता रहा । न उससे कुछ खाया गया और न कोई काम ही किया गया। उसके साथ हॉस्पिटल से लेकर उसकी कंपनी तक में सभी जानते है कि जब आदित्य बहुत परेशान होता है तो उसकी हालत बीमार कुत्ते जैसी हो जाती है वो कभी इधर जाता है कभी उधर , कभी कहीं और बैठता है तो कभी कहीं और निकल जाता है। इसीलिए कोई भी उसके आसपास जाने से बच रहा था ।

हॉस्पिटल से परेशान होकर वो अपनी कंपनी की तरफ निकल गया , उधर से ऊब गया तो वापस हॉस्पिटल के कॉरिडोर में घूमता हुआ दिखाई दिया । सारा दिन आवारों की तरह ही घूमता रहा।
शाम के वक्त जब सिद्धार्थ ने उसे फोन करके बताया कि भाभी कहीं अकेले निकल गईं हैं। तो उसकी परेशानी और बढ़ गई सबकुछ छोड़ कर वो घर की तरफ निकल गया ।

अभी उसने अपनी कार पार्क भी नहीं की थी कि कनिका की कार भी आती हुई दिख गई ।
बिना इजाजत के ज्यादा दूर नहीं जाऊंगी । कार से उतरते ही कनिका बोल पड़ी ।
बिना इजाजत तुम चाहे जहाँ जाओ I don’t care but without security तुम बगल के कैफे तक भी मत जाया करो ।
ओह भाभी कहाँ चली जाती हैं आप भी ।

मैं बात कर रहा हूँ न अभी ? तो जरूरी है तुम बीच में बोलो ।
Sorry भाई।
मुझे बात करनी है तुमसे । कनिका ने आदित्य की तरफ देखा ।
Thank God तुम राजी तो हुई बात करने के लिए । चलो कमरे में बात करते है चलकर ।
दोनों अंदर चले गएं उनके पीछे सिद्धार्थ भी गया ।

ये लीजिए । कनिका ने कुछ कागजात आदित्य की तरफ बढ़ा दिए ।
ये क्या है ? इनका कुछ करवाना है क्या ? आदित्य ने कागजात उठा लिए ।
मेरे पुराने घर के कागज हैं।
हाँ तो ?

शायद आपको याद नहीं है कि अगर मैं आपको …
No no…no you can’t do this to me ! आदित्य तुरंत खड़ा हो गया ।
मैं चाहती हूँ कि तलाक के कागज भी तुम बनवाना जैसे शादी के बनवाए थे । इतना कहने में कनिका के अंदर कितना कुछ टूटा था लेकिन उसकी आवाज में जरा भी कमजोरी नहीं आई ।

ऐसा तुम कैसे कर सकती हो मेरे साथ ? यार इतनी बड़ी भी क्या गलती हो गई है मुझसे ? एक बार बात तो करके देखो मैं सारी ग़लफहमी दूर कर दूंगा। अगर तुम सोच रही हो कि मैं श्वेता के साथ …
मैं कुछ नहीं सोच रही आदित्य प्लीज मुझे बस आजाद कर दो । अब और नहीं रहा जाता है मुझसे ऐसे ।

ठीक है तुम ऐसे नहीं जैसे तुम्हारा मन करे वैसे रहो । मैं एक लफ्ज़ भी नहीं बोलूंगा तुमसे लेकिन At least साथ तो रहो मेरे । आदित्य थोड़ा पागल जैसा लगने लगा था एक झटके में ।

फिक्र मत करो लोगों के सामने कभी हमारे बारे में एक शब्द नहीं बोलूंगी । जिस तरह चुपचाप से तुम्हारी जिंदगी में आई थी उसी तरह चली भी जाऊंगी । बदले में तुमसे एक चीज भी नहीं चाहिए मुझे , तुमने जितना दिया है उतना ही बहुत ज्यादा था मेरे लिए ।
क्या तुम ऐसा सिद्ध… कहते कहते आदित्य रुक गया। क्या फायदा ऐसे सवाल पूछने का जिसका जवाब उसको पता है बस उसका दिल ही इस बात पर ऐतबार नहीं कर रहा है।

ठीक है अगर तुम ऐसा चाहती हो तो ऐसा ही होगा । आदित्य खुद को पूरी तरह से सामान्य बनाते हुए कुर्सी पर बैठ गया।

कनिका ने बड़ी हैरानी से उसकी तरफ देखा । क्या एक साल में इतनी भी फीलिंग्स नहीं आ सकती किसी के अंदर की किसी के जाने से फर्क ही न पड़े ? सिर्फ लोगों की ही परवाह है मेरी जरा भी नहीं ? अपनी इज्जत पर कोई आँच न आएं बीवी जाती है तो जाएं ! क्या सच में मैं सिर्फ एक बोझ ही हूँ इनकी जिंदगी में ? क्या एक बार प्यार से बांहों में भर कर नहीं कहा जा सकता हैं कि नहीं मैं तुम्हें तलाक़ नहीं दूंगा , तुम मेरी पत्नी हो कोई trophy Wife या कोई showpiece नहीं जिसे काम निकलने के बाद चलता किया जाएं?

उस सिद्धार्थ को कॉलर पकड़ के उसे धक्के मार कर निकाल नहीं सकते ? वो जो मेरे साथ कर रहा है क्या इन्हें दिखाई नहीं दे रहा ? दिखाई क्यों नहीं दे रहा है बस भाई की बात है तो कुछ भी । क्या सच में पत्नी और साइकिल में कोई अंतर नहीं महसूस होता है इनको ?

कब लेना है तलाक तुम्हें? आदित्य ने उसके झुके हुए चेहरे की तरफ देखा ।
जल्द से जल्द ।
हाँ भई सिद्धार्थ के जाने से पहले तो लेना ही होगा वरना उसके साथ नहीं जा सकोगी। आदित्य मन में ही सोच कर मुस्कुरा दिया ।
मुझे पता नहीं था कि मेरा जाना आपको इतना खुश कर देगा । आदित्य ने सर उठा कर देखा कनिका उसके चेहरे की तरफ ही देख रही है ।

एक सवाल पूछूं तुमने कभी किसी से प्यार किया है ?
अगर इसका जवाब मैं न देना चाहूं तो ?
कोई दबाव नहीं है ।
अच्छा मैं एक सवाल पूछ सकती हूँ क्या ?

बेशक ! तलाक अभी हुआ नहीं है, अभी तुम पूरा हक रखती हो मुझपर ।
क्या तुमने कभी….. मुझसे…. प्यार किया है । कनिका ने पहली बार ये सवाल पूछने की हिम्मत की थी । उसे लग रहा था कि जवाब में न ही आयेगा लेकिन दिल ये मानने को तैयार ही नहीं हो रहा है । पूरी हिम्मत बटोर के दिमाग के खिलाफ जाकर ये सवाल पूछ लिया था उसने ।

तलाक लेने का पूरा मन बना चुकी हो न !
हाँ ।
तो इस सवाल को पूछने की जरूरत नहीं थी और न मैं इसका जवाब दूंगा ।
आदित्य कनिका को कुछ भी न कहने का मौका देकर चुपचाप बाहर निकल आया। बाहर निकलते ही उसे सिद्धार्थ जाता हुआ दिखाई दिया ।

जाते कहाँ हो भाई रुक भी जाओ । जो बातें नहीं सुन पाए हो मुझसे सुन लो । आदित्य ने जाकर उसके कंधे पर हाथ रख दिया ।
मैं चाय के लिए बुलाने आया था आप दोनों को ।

डरो नहीं मैं कुछ नहीं कहने वाला हूँ तुम्हे। मैं बस इतना जानना चाहता हूँ कि ये सब कब हुआ ? ये सच है तुम्हारे आने से पहले मुझे अहसास तक नहीं था कि मेरे दिल में उसके लिए कुछ हैं भी । लेकिन तुम्हारे आने के बाद लग रहा है कि उसके दिल में मेरे लिए कुछ नहीं बचा । क्यों भाई शर्म नहीं आई , जरा सी भी वफादारी दिखाने का मन नहीं हुआ अपने बड़े भाई के लिए ?

भाई एक बात बोलूं सुन पाओगे आप ?
अभी जो सुनकर आ रहा हूँ उससे तो भारी नहीं ही होगी।
मैं कनिका से प्यार करता हूँ और तबसे प्यार करता हूँ जब आप दोनों की शादी भी नहीं हुई थी । धोखा मैने आपके साथ नहीं किया बल्कि अनजाने में आपसे ही गलती हुई थी ।

My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 7
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तुम दोनों मुझे मिलकर पागल बनाना चाहते हो !
नहीं भाई सच बोल रहा हूँ।
यानी कि मैं जो भी करूं उसमें भी मेरी गलती , तुम लोग भी जो गलत करो उसमें भी मेरी गलती ।
भाई आप एक बार हमें समझने की कोशिश तो करें । सिद्धार्थ लगभग गिड़गिड़ाया ।

अच्छा चल एक बात बता बचपन से लेकर आज तक मैने तेरी खुशी के लिए क्या क्या नहीं छोड़ दिया है , जमीन तक भी छोड़ दी थी । क्या तू मेरी खुशी के लिए कनिका को नहीं छोड़ सकता था ? हाँ मैं मानता हूँ वो बेइंतहा खूबसूरत है और हद से ज्यादा प्यारी भी लेकिन क्या तेरे भाई से ज्यादा जरूरी है वो ?
ऐसा नहीं है आप तो मेरी रूह हो लेकिन कनिका रूह के अंदर बसी हुई जान है भाई ।
चल तेरा भी सही है यार । आदित्य बहुत तेजी से हँसा और सिद्धार्थ को छोड़कर गीत गुनगुनाता हुआ नीचे चला गया।

आदित्य के जाते ही सिद्धार्थ कमरे की तरफ गया । सिद्धार्थ को देखते ही कनिका दरवाजा बंद करने लगी लेकिन सिद्धार्थ धक्का देकर अंदर आ गया ।
अब क्या चाहिए तुम्हें ? कनिका चिल्लाई उसपर ।

ये सब तुमने मेरी वजह से किया है न ! तुम भाई से तलाक लेकर मेरे साथ आना चाहती हो । मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा कि…
दिन में ख्वाब देखना बंद करो मिस्टर सिद्धार्थ कपूर । ये कर मैं तुम्हारी वजह से रही हूँ ये बात सही कही लेकिन जो मतलब निकाला वो गलत है । सच कहूं तो अपनी जिंदगी में तुम्हारा चेहरा नहीं देखना चाहती दोबारा इसीलिए जा रही हूँ यहाँ से ।

आदित्य को तो छोड़ दिया अब मुझे भी नहीं अपनाओगी तो जाओगी कहाँ? रहेगी किसके पास ? ये जो साल भर से महारानियां वाली जिंदगी जी है अब नौकरानियों वाली जिंदगी गुजार सकोगी? तुम्हारा बदन देख कर तो लगता है कि एक रात भी मखमली बिस्तर न मिले तो शरीर जख्मी सा हो जाएगा । सिद्धार्थ ने उसकी बांहों को सहलाया तो कनिका ने उसे थप्पड़ मार दिया ।

अगली बार मुझे हाथ लगाने का सोचा भी तो तुम्हारी सारी करतूत आदित्य को बता दूँगी । अभी तुम्हारे परिवार का सोच कर चुप हूँ लेकिन अगली बार किसी रिश्ते का लिहाज नहीं होगा समझे ।

इस थप्पड़ का बदला तो मैं सही समय आने पे ले ही लूंगा लेकिन अभी जो जरूरी बात है वो ये है कि इस घर में जो तुम्हारे दो चार दिन है वो भी तुम्हारे जुबान खोलते ही खत्म हो जाएंगे । भाई के खिलाफ भड़काने के लिए आदित्य तुम्हें इस घर से बाहर फेंक देगा और तुम कुछ कर भी नहीं पाओगी । सिद्धार्थ ने कनिका को दूसरी बार पकड़ने की कोशिश की ।
शांता , महेश्वरी … रघु… कनिका इतनी तेज चीखी कि सिद्धार्थ डर गया और पकड़े जाने के डर से वहाँ से निकल आया ।

सिद्धार्थ के जाते ही कनिका ने डोर लॉक कर लिया और अपना मुँह हाथ से दबा कर रोने लगी।
नौकरों ने दरवाजा पीटा तो ” मैं ठीक हूँ।” कहकर फिर से दरवाजा बंद कर लिया।

आदित्य सारी रात सड़कों पर आवारा बनकर घूमा । सड़क से आती जाती महंगी गाड़ियों को देख कर सबको कोसता रहा । पता नहीं साले इतनी रात को घूम रहें हैं घर पर बीवी और छोटा भाई भी होगा , इस बात की फिक्र ही नहीं है जाहिलों को । सड़क के किनारे उसे खड़े न रहा गया तो एक पब में घुस गया । उसके गार्ड्स भी उसके पीछे घूमते हुए परेशान हो रहे थें ।
बड़ी देर तक उसने शराब पी जितनी देर होश में रहा , उतनी देर तक शराब पीकर झूमता रहा फिर थक गया तो रोते रोते बेहोश हो गया ।

अगली सुबह आँख खुली तो उसका अपना ही घर था । सच में ये घर उसका अपना ही है ? आदित्य तुरंत उठकर बैठ गया । जैसे रात में अस्त व्यस्त पड़ा था वैसे ही उठ कर घर से निकल भी गया । वो कनिका या सिद्धार्थ दोनों का सामना नहीं करना चाहता है। दोनों ही उसे बहुत प्यारे है अगर गुस्से में कुछ उल्टा सीधा बोल दिया तो पूरा रिश्ता ही खराब हो जाएगा ।

आदित्य हॉस्पिटल में था लेकिन आज डॉक्टर नहीं मरीज लग रहा था । ऐसा लग रहा था कि पिछले कई दिनों से किसी गंभीर बीमारी ने उसे झकझोर दिया हो। साथ के सभी लोगों ने पूछा लेकिन उसने कुछ भी नहीं हुआ ही बोला।
आज कोई भी सर्जरी नहीं लगी हुई थी कुछ हेड इंजरी के केसेस आएं थें बस । इसीलिए उसका स्टॉफ उसे घर जाकर रेस्ट करने के लिए रिक्वेस्ट कर रहा था लेकिन वो चुपचाप रिपोर्ट्स को पलट रहा था ।

उसने महक को बुला कर डॉक्टर निधि से कनिका की रिपोर्ट मंगवा कर देखी और उसी को रिपोर्ट लेकर घर भी भेजा।
डॉक्टर महक ने तीन बार दरवाजा नॉक किया और अपना नाम बताया तब जाकर कनिका ने दरवाजा खोला।

आप दरवाजा क्यों नहीं खोल रहीं थी मैम ? घर में कोई दिखाई भी नहीं दे रहा है। सब ठीक तो हैं न ?
अरे हाँ अन्दर आओ मुझे लगा पता नहीं कौन होगा ।

मैंने आपको रिपोर्ट देने और चेकअप करने आई थी ।
बाहर गार्ड्स खड़े है लेकिन घर में कोई दिखाई नहीं दे रहा था इसीलिए मैं आपको ढूंढते हुए यहाँ तक आ गई ।

Wait for part 9
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