My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 9
My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 8 में आपने पढ़ा कि सिद्धार्थ की बातों से आदित्य को लगता है कि कनिका और सिद्धार्थ का अफेयर चल रहा हैं। इस बात से आदित्य बहुत दुखी होता है और सारा दिन ऑफिस में बेचैन घूमता रहता है। जब घर पहुंचता है तो कनिका उसे कुछ डॉक्यूमेंट देती है और तलाक के लिए कहती है। आदित्य को लगता है ये सब सिद्धार्थ के साथ जाने के लिए कनिका कर रही है , इसीलिए वो तलाक के लिए मान जाता है।
जब वो सिद्धार्थ से इस बारे में पूछता है तो वो बोल देता है कि वो शुरुआत से ही कनिका को पसंद करता है। आदित्य बिल्कुल टूट जाता है और अगले दिन बिल्कुल सुबह ही ऑफिस निकल जाता है ताकि उन दोनों का चेहरा भी न देखना पड़े उसे । ऑफिस पहुंच कर भी उसे कनिका की फिक्र होती रहती है इसीलिए वो blood report लेकर डॉक्टर महक को घर भेज देता है। जब महक आती है तो बार बार दरवाजा नॉक करने के बाद कनिका दरवाजा खोलती है। महक हैरान होती है कि घर पर कोई क्यों नहीं है । अब आगे –
- My trophy Wife ! Romantic Love story in Hindi
- My trophy Wife! Romantic love story part 2
- My trophy Wife ! Romantic Love story in Hindi pt-3
- My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 4
- My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 5
- My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 6
- My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 7
- My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 8
दरअसल रघु बाहर है और शांता , माहेश्वरी मार्केट गई हैं।तुम आओ मैं तुम्हारे लिए कुछ बढ़िया सा नाश्ता लाती हूँ।
बिल्कुल भी नहीं अभी तो मैं ड्यूटी पर हूँ। आपको इतना बताने आई थी कि blood test में कोई प्रॉब्लम नहीं है सिर्फ वायरल फीवर हो गया था आपको ।
Blood report ? मेरी ?
हाँ हमें तो पहले से ही पता था कि नॉर्मल फीवर है लेकिन सर बहुत डर गएं थे कि पता नहीं कभी बीमार नहीं होती अचानक जैसे बीमार हो गई ? आँखें नहीं खोल रही जरूर कोई बड़ी दिक्कत है ..! उनकी तसल्ली के लिए हमने टेस्ट कराया था । डॉक्टर महक सोफे पर कनिका के बगल में बैठ गईं।
अरे बाप रे डॉक्टर होकर इतना डर !
ये तो कुछ भी नहीं है मैम आपका जरा सा खून देख कर उन्हें चक्कर आ गया था । इसीलिए डॉक्टर निधि को ही आपका सारा ट्रीटमेंट करना पड़ा , खुद तो सारा दिन कमरे के कोने में खड़े होकर हमें फोन करते रहतें थें – उसे ठंड लग रही है क्या करूं , दवा देनी है कैसे दूं, इंजेक्शन लगा दो आकर प्लीज।
हमें तो ये सोच कर हँसी आती थी कि ये हमारे सर्जन सर है जो दिन में एक खोपड़ी तो खोलते बंद करते ही हैं। जब खुद की पत्नी पर बात आई तो इंजेक्शन लगाने में हाथ कांपने लगे । महक बात करते करते हँसने लगी लेकिन कनिका से बोला तब भी नहीं गया। उसका चेहरा एक दम उतर गया था ।
क्या हुआ आपको बुरा लग गया कि मैंने सर की बुराई कर दी ? Sorry मैम ऐसा कुछ नहीं है बस थोड़ा सा आपको हँसाने के लिए किया ।
नहीं ऐसी कोई बात नहीं हैं बस मुझे ये बात पहले पता नहीं थी कि हॉस्पिटल के साथ साथ उन्हें मेरी बीमारी भी हैंडल करनी पड़ी है।
जी नहीं । हम लोगों ने सर को अकेले कुछ भी हैंडल नहीं करने दिया । दो दिन डॉक्टर शेखर की जगह डॉक्टर सतीश ने उनकी ड्यूटी की । सर का ऑर्डर था कि कोई इमरजेंसी हो तभी बुलाना लेकिन कोई इमरजेंसी हुई ही नहीं और सर को दो दिन आपके साथ रहने का मौका मिल गया । महक ने बैठे बैठे कनिका के सारे ट्रीटमेंट डॉक्यूमेंट को एक फाइल में लगा दिया है।
तो तुम्हारे सर दो दिन अपनी खास दोस्त के केस को भी ऑब्जर्व नहीं करने गएं? कनिका के आवाज में बेकरारी उभर आई ।
Special friend? You mean श्वेता जी! उनके बारे में सर से आपकी कोई बात नहीं हुई है क्या ? इतना कहते हुए महक ने अपनी जीभ अपने दांतों तले दबा ली।
नहीं हुई है तो तुम ही बता दो कि क्या हुआ ?
Sorry मैम , सर को पता चला तो गुस्सा करेंगे ।
मैं उन्हें कुछ भी नहीं बताऊंगी please .
आप मुझे जज मत करिएगा , मुझे सर ने ही बुलाया था इसीलिए मैं उनके केबिन में जा रही थी लेकिन सर की तेज आवाज सुनी तो डर कर खड़ी हो गई । सर श्वेता जी को ही डांट रहें थे ।
क्यों ?
वो तो नहीं जान पाई मैंने तो इतना कहते हुए सुना था कि “तुम्हारी इतनी हिम्मत हुई भी कैसे कि मेरे घर जाकर मेरी पत्नी के सामने उसे नीचा दिखाने की कोशिश करो ? तुम्हें पता होना चाहिए कि वो घर हो या ये हॉस्पिटल दोनों ही मेरे पत्नी के है। तुमने उसके साथ जैसा बर्ताव किया है उसके लिए वो तुम्हें माफ भी कर दे मैं कभी नहीं करूंगा।
एक दोस्त मानकर तुम्हारी मदद करने की कोशिश की थी लेकिन तुमने तो इसे कुछ और समझ लिया अब एक मिनट के लिए भी तुम्हें यहाँ देखूंगा तो मेरा गुस्सा बढ़ता ही चला जाएगा बेहतर होगा निकल जाओ यहाँ से भी और मेरी जिंदगी से भी । ” फिर अचानक से वो रोते हुए भाग गईं थी तब मैं अंदर गई तो देखा सर ने उनके पति को दूसरे हॉस्पिटल में रेफर करनी की तैयारी कर रहे थें। वैसे तबियत तो हमारे हॉस्पिटल के इलाज से ही सुधर गई थी अब तो ठीक भी…
अरे मैम आप क्यों रोने लगी ? इसमें आपकी कोई गलती नहीं है। कनिका की आँखों से आँसू बहते देख कर महक ने उसका हाथ थामकर उसे चुप कराने की कोशिश की।

पता नहीं क्या करूं तुमने जो कहा है उसे सच मान लूं या वो जो मुझे रोज दिखाई देते है उसे ही थामकर बैठी रही।
मैं जानती हूँ आप क्या सोच रही है । आप दोनों रिश्ते के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है मुझे लेकिन सर के बारे में इतना पता है कि वो emotion नहीं आने देते है इतनी जल्दी चेहरे पर । लेकिन ऐसा नहीं है कि उनके दिल में कुछ महसूस नहीं होता है । शुरू शुरू में हम सब उन्हें खडूस और बोरिंग समझते थें लेकिन जब उन्हें जानने लगे तो पता चला कि वो कहना तो बहुत कुछ चाहते है लेकिन कह नहीं पाते है ।
फिर हम उनकी छोटी छोटी बात पर ही समझने लगे कि सर अन्दर से क्या महसूस कर रहें हैं। कभी-कभी जब कोई ऑपरेशन टाइम से पहले और सही तरीके से हो जाता है तो वो बस पीठ थपथपा देते है । हम समझ जाते है कि हमने अच्छा काम किया है , हमे आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहनी है और सर को हम सभी पर गर्व है ।
शायद मैं ही उन्हें कभी नहीं समझ पाती हूँ।
वो शायद इस लिए क्योंकि सर आपके सामने छोटा सा एफर्ट भी नहीं दिखा पाते होंगे । अब देखिए न आपको पता भी नहीं होगा कि सर दोपहर के टाइम अपना फोन जरूर चेक करते है क्योंकि लंच टाइम तक आप कोई न कोई msg कर देती थीं। जिस दिन इमरजेंसी में होते है तो एक जूनियर डॉक्टर की यही ड्यूटी हो जाती है कि boss का फोन आएं तो तुरंत रिसीव कर लेना ।
जिस दिन भी आपका msg या call टाइम पर नहीं आता था तो बेचैनी से फोन चेक करते थे । हम लोगों से पूछते थे कि हमारे पास तो आपने कॉल नहीं किया है ? हॉस्पिटल में सभी को पता है सर हमारे boss है लेकिन हमें ये भी पता है कि सर की भी एक Boss है ।
उन्होंने मेरा नंबर Boss के नाम से सेव किया है ?
“My Boss ” हमें ये नाम देखने की आदत पड़ गई थी दिन में एक बार तो दिख ही जाता था । पिछले 7- 8 दिनों को छोड़ दे तो सर के साथ हमें भी पता होता था कि Boss की कॉल आने वाली है ।
Hello मिस महक आप कब आईं? कमरे में सिद्धार्थ को देखते ही कनिका अपने आँसू पोंछ कर सावधान बैठ गई।
Hello मिस्टर सिद्धार्थ ! मैं बस अभी मैम की रिपोर्ट लेकर आई थी ।
कोई घबराने वाली बात तो नहीं है ?
अरे बिल्कुल भी नहीं आपकी भाभी जी बिल्कुल ठीक है। बस थोड़ी कमजोरी है तो आप लोग है ही खयाल रखने के लिए ।
जी हाँ हमेशा ।
चलिए मैम अब तो सिद्धार्थ है ही तो मैं जाती हूँ।
चलिए मैं छोड़ देता हूँ आपको ।
नहीं आप इनके पास बैठिए मैं चली जाऊंगी। महक जैसे ही उठी कनिका ने उसका हाथ पकड़ के रोक लिया। ठीक उस दिन भी तो कनिका ने ऐसे ही रोका था उसे ।
थोड़ी देर और रुक जाओ ।
भाभी मन बहलाने के लिए टीवी है न उन्हें जाने दीजिए उनके मरीज इंतजार कर रहें होंगे ।
हाँ मैम मैं चलती हूँ कोई दिक्कत हो तो फोन कीजिएगा। महक ने थोड़ा जोर लगा कर अपना हाथ छुड़ा लिया।
चलिए नीचे तक छोड़ देता हूँ।
महक दो कदम बढ़ी और कनिका की तरफ देखा ।
कनिका ने कुछ बोला नहीं बस महक की तरफ देखती रही । उसकी आँखों में बेबसी जैसी नजर आ रही थी।
रुक क्यों गई आइए ।
Oh shit मुझे फोन चार्ज करना था । मैम आपके पास मेरे फोन का चार्जर होगा न ?
मेरे पास सेम कंपनी का फोन है तो आप मेरा चार्जर लेती जाइए मैं शाम को ले लूंगा ।
आप मत परेशान होइए। मैम लीजिए आप मेरा फोन चार्जिंग पे लगा दीजिए वैसे भी सर बोलते है कि ये काम करने में आप बहुत एक्सपर्ट है । जिस दिन उनका फोन चार्जिंग पर नहीं डालती उस दिन चार्जर ही पैक करके भेज देती है। महक मुस्कुराते हुए वापस सोफे पे बैठ गई।
लाओ । कनिका ने उसका फोन चार्जिंग पर लगाते हुए राहत की सांस ली।
आधे एक घंटे में भर जाएगा तब तक आइए मैं आपको हॉस्पिटल के और किस्से बताती हूँ।
वैसे सिद्धार्थ क्या आप हम लोगों के लिए कॉफी बनवा के ले आएंगे ।
Of course ladies !
Thank you gentleman !
सिद्धार्थ कमरे से चला गया तो कनिका ने बात शुरू की।
Sorry तुम्हें रोकने के लिए । दरअसल जबसे तबियत खराब हुई है तबसे अकेले होते ही दिल घबराने लगता है। माहेश्वरी आ जाए तो तुम चली जाना। तुम्हारी ये छोटी सी मदद मेरे लिए बहुत बड़ी है इसके लिए Thank you. कनिका ने उसका हाथ थामा।
Its ok mam वैसे भी मैं आपकी मदद नहीं कर रही सिर्फ अपना फोन चार्ज कर रही हूँ।
मैंने देखा है तुम्हारा फोन पहले से ही चार्ज है । कनिका ने उसकी तरफ देखा ।
Actually मुझे लग रहा है कि आप safe नहीं महसूस कर रही हैं इसलिए मैं रुक गई।
नहीं ऐसा कुछ नहीं हैं सब कुछ ठीक है और मैं safe भी हूँ। लेकिन मेरे विचार थोड़े पुराने जमाने के है । मुझे हमउम्र देवर के साथ दो मिनट भी अकेले में बात करने में भी खराब लगता है । फिर जान पहचान हो तो झिझक न भी महसूस हो यहाँ तो ऐसा भी नहीं है।
कनिका ने साफ साफ कुछ नहीं बोला क्योंकि वो नहीं चाहती कि किसी एक की वजह से पूरी फैमिली को जज किया जाए। उसकी वजह से आदित्य पर कोई आँच आए उसके सहकर्मी उसे गलत समझे वो ऐसा बिल्कुल भी बर्दाश नहीं कर पाएगी ।
Seriously ? यकीन करना मुश्किल है कि आप beauty queen रही हैं कभी ! आपके Bold feminine ads अभी भी टीवी पर आ जातें हैं तो चैनल चेंज नहीं करती लड़कियाँ और आप है कि इतनी पुरानी सोच लिए बैठी हैं।
दरअसल मेरी परवरिश ही ऐसी रही है अब इसी से पीछा छुड़ाने की कोशिश कर रही हूँ। उम्मीद है जल्द है आजाद हो जाऊंगी हर उस सोच से जो मुझमें कैद है या जो मुझे कैद करना चाहती है ।
लीजिए आपकी कॉफी ! हाउसहेल्प न होने की वजह से मैं खुद बना कर लाया हूँ, उम्मीद है आप लोगों को पसंद आएं । सिद्धार्थ ने एक कप महक की तरफ बढ़ाया।
Thank you ! कहते हुए महक ने कप उठा लिया ।
भाभी आप भी लीजिए । सिद्धार्थ ने उसकी तरफ भी कप बढ़ाया ।
नहीं । मेरा मन नहीं है अभी सुबह ही तो पी थी ।
इतने टाइम मेरे हाथ की पी लीजिए ।
मैम पी लीजिए । इतना तो आपकी बचपन की परवरिश allow ही करती है कि ये भी नहीं करती । महक ने अपना कप ठंडा होने के लिए टेबल पर रख दिया था।
ऐसा नहीं है कुछ , मैं लिए लेती हूँ। उसने सिद्धार्थ से कप ले लिया। थोड़ी देर हाथ में कप पकड़े रहने के बाद उसने अपना कप टेबल पर रख दिया और महक का कप उठा लिया ।
महक ये देख कर मुस्कुराई और उसने कनिका का उठा लिया ।
थोड़ी ही देर में माहेश्वरी आ गई तो डॉक्टर महक सिद्धार्थ से हॉस्पिटल तक ड्रॉप करने को कहती हैं और उसे जाना भी पड़ जाता है ।
कल की तरह आदित्य ने आज घर आने में देर नहीं की बल्कि जल्दी ही आ गया ।
उसे आया देख कर कनिका खुद उसके लिए ग्रीन टी बना कर ले गई।
आज जल्दी आ गएं ? कनिका ने उसके सामने कप रख दिया और खुद कुर्सी पर बैठ गई।
आदित्य ने उसके चेहरे की तरफ देखा । यही वो चेहरा है जो इन दिनों चौबीस घंटे उसकी आँखों के सामने नाचता रहता है । उसने नजरें झुका कर कप उठा लिया ।
सुबह जल्दी गया था तो जल्दी आ भी गया । तुम्हें अच्छा नहीं लगा क्या मेरा जल्दी आना ?
मैने बस ऐसे ही पूछा था तुम गलत समझ बैठे ।
खैर छोड़ो मुझे वैसे भी कोई फर्क नहीं पड़ता है ऐसी बातों से । मैं तो बस ये बताने के लिए बेचैन था कि 3 दिन के भीतर हमारे तलाक के पेपर तैयार हो जाएंगे । अगर तुम जल्दी कहोगी तो मैं वो भी करवा सकता हूँ ।
नहीं । तीन दिन में भी ठीक है ।
तो मतलब कन्फर्म है कि तलाक होना ही है ? आदित्य ने कनिका के चेहरे पर निगाहें गड़ा दी ।
आज जो भी महक से पता चला था उससे तय था कि आदित्य उसे छोड़ना नहीं चाहता है मगर ये भी बात है आदित्य ने सिद्धार्थ के साथ जैसे देखा और महसूस किया है उससे जिंदगी में कभी मान ही नहीं पाएगा कि दोनों के बीच कुछ भी नहीं था । अगर वो बताने की कोशिश करेगी सबकुछ तो शायद आदित्य सिद्धार्थ की ही साइड लेगा। अगर बिना बताएं रुक गई तो सिद्धार्थ उसे ब्लैकमेल करके उसका फायदा भी उठा सकता है। नहीं वो ऐसे कभी नहीं होने देगी अपने साथ । प्यार पाने के लिए अपनी इज्जत दांव पर नहीं लगाई जाएगी उससे।
हाँ मैं अपनी एक्टिंग पर फोकस करना चाहती हूँ।
वो तो तुम ऐसे भी कर सकती हो मैंने कभी तुम्हें इस बात के लिए नहीं रोका। इनफैक्ट अगर तुम बोलोगी तो मैं एक दो डायरेक्टर प्रोड्यूसर्स से बात भी कर सकता हूँ।
नहीं मुझे सिफारिश वाले काम अच्छे नहीं लगते है। मैं खुद अपना मुकाम बनाऊंगी बस तुम मुझे तलाक दे दो ।
Ok! क्या तलाक से पहले हम एक बार Mr and Mrs Kapoor बनकर लोगों से मुखातिब हो सकतें हैं? मैं चाहता हूँ कि जो लोग हमारे साथ रहने से इंस्पायर्ड थे , वो हमारे तलाक को भी आइडल माने । बिना एक दूसरे पर तोहमत लगाए , पूरी इज्जत के साथ सबके सामने हाथों में हाथ डालकर अपने तलाक की अनाउंसमेंट कर सकते हैं हम दोनों ?

मैं तैयार हूँ ।
Deal ! आदित्य ने अपना हाथ आगे बढ़ाया तो कनिका ने भी उससे हाथ मिला लिया । कनिका का सर झुक गया था लेकिन आदित्य दर्द की वजह से मुस्कुराने लगा था।
आज संडे है । कनिका इस उम्मीद से तैयार हुई थी कि वो पार्टी के लिए आदित्य के साथ शॉपिंग पर जाएगी । लेकिन आदित्य ने कहा कि उसका सर दर्द हो रहा है वो सिद्धार्थ के साथ चली जाएं।
नहीं मैं उसके साथ नहीं जाऊंगी ।
क्यों उसके साथ पहले भी तो जा चुकी हो आज क्या खराबी आ गई उसमें ?
कनिका कुछ नहीं बोली बस खड़ी रही ।
बोलो !
भाई मैं तैयार हो गया हूँ भाभी को शॉपिंग करा कर जल्दी लौट आऊंगा।
Movie भी देख लेना दोनों लोग।
नहीं । मैं नहीं जा रही हूँ। कनिका वहां से जाने लगी।
आपको चलना पड़ेगा । सिद्धार्थ ने आदित्य के सामने ही कनिका का हाथ कसके पकड़ लिया। आदित्य तुरंत उठ कर खड़ा हो गया ।
Sorry भाई मैं तो बस ऐसे ही …! सिद्धार्थ ने तुरंत उसका हाथ छोड़ दिया ।
कनिका मेरी मैनेजर भी बाहर आई हुई है। सिद्धार्थ को साथ लेकर जाओ वो ज्यादा इंतजार नहीं करेगी।
मैनेजर की क्या जरूरत है भाई?
क्योंकि मैं नहीं जा रहा हूँ मेरे बाद उसे ही इनकी पसंद , स्टाइल और साइज पता है ।
कनिका ने कुछ नहीं बोला बस लंबे कदमों से लिविंग एरिया को नापते हुए बाहर के दरवाजे में खो गई।
सिद्धार्थ और कनिका सुबह के गए रात के टाइम पर आएं। कनिका आते ही कपड़े चेंज कर के किचन में आई तो देखा आदित्य ने एक से बढ़कर एक डिश बना कर रखी है उसके मन की ।
ये क्यों कर रहे हो जब सरदर्द हो रहा था तो आराम करते! मैं और महेश्वरी बना लेते न ।
सरदर्द में खाना नहीं बनाया जा सकता है क्या?
इसीलिए मेरे साथ नहीं गए थे ?
सोचा तुम्हारे हाथों का बहुत बार खाया है आज पहली और आखिरी बार तुम मेरे हाथ का खाना खा लो । खैर ये सब छोड़ो बताओ आज का दिन कैसा गया ?
काफी अच्छा । मैंने शॉपिंग की , मूवी देखी फिर गेम खेला और म्यूजियम भी गएं घूमने और सबसे मजेदार पता है क्या हुआ तुम्हारी मैनेजर ने सिद्धार्थ को date के लिए पूछा ।
हाँ काफी दिनों से जानते है एक दूसरे को may be कुछ हो । सिद्धार्थ ने क्या जवाब दिया ?
मना कर दिया और हम लोगों से दूर चला गया क्योंकि जितनी बार साथ में आता था उतना वो उसे परेशान करती थी ।
इतना घूमने फिरने में भूख लग आई होगी तो जल्दी से डाइनिंग टेबल पर चलो खाना आ रहा है।
उस रात कनिका चंचल नटखट बच्ची जैसी लग रही थी। खाने के टेबल पर इतना हँसी मजाक किया उसने कि दोनों भाई सही से खाना भी नहीं खा पा रहें थे । तीनों खुलकर ऐसे बात करने में मगन थे जैसे उनके बीच कोई कड़वाहट है ही नहीं ।
देर रात तक चली गपशप के बाद तीनों ही देर से सोने गएं थे लेकिन आदित्य को सुबह जल्दी जागना पड़ा क्योंकि उसे एक कॉन्फ्रेंस में जाना था। सिद्धार्थ ने अपने कमरे की खिड़की से उसे जाते हुए देखा था ।
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