My trophy Wife ! Love story Last Part -10
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- My trophy Wife! Romantic love story part 2
- My trophy Wife ! Romantic Love story in Hindi pt-3
- My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 4
- My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 5
- My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 6
- My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 7
- My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 8
- My trophy Wife ! Love story in Hindi pt 9
11 बजे के करीब कनिका उठकर नाश्ते की टेबल पर आई। सारा नाश्ता पहले से ही लगा हुआ था ।
दीदी मेरी ग्रीन टी भी ले आना । कनिका ने एक प्लेट उठा कर नाश्ता निकलना शुरू कर दिया था तब तक सिद्धार्थ किचन से उसकी ग्रीन टी ले आया । उसे अचानक से अपने सामने देख कर कनिका के हाथ रुक गए ।
तुम क्यों लेकर आएं दीदी को भेजो । दीदी…. उसने किचन की तरफ मुंह करके आवाज लगाई ।
नहीं हैं । सिद्धार्थ उसके बगल में आकर उसके लिए नाश्ता निकालने लगा।
कहाँ गई ?
मुझे लगता है कि भाई ने हम दोनों को थोड़ा पर्सनल टाइम देने के लिए नौकरों को छुट्टी दी है आज ।
तुम्हारा दिमाग तो ठीक है न ? कनिका गुस्से में प्लेट पटक कर खड़ी हो गई। सिद्धार्थ ने उसके कंधे पर हाथ रख के उसे दोबारा बिठा दिया।
पानी में रहकर मगर से बैर नहीं करनी चाहिए । कल आदित्य के हाथ का डिनर एंजॉय किया था आज मेरे हाथ का ब्रेकफास्ट करके देख लो ।
तुम उनसे अपनी तुलना मत किया करो क्योंकि तुम उनकी पैरों की धूल बराबर नहीं हो ।
वाह री पतिव्रता भारतीय नारी इतनी भी बेइज्जती नहीं करनी चाहिए मेरी । सिद्धार्थ ने अपनी कुर्सी खींच कर उसकी कुर्सी से सटा ली ।
सिद्धार्थ देखो तुम अब लिमिट क्रॉस कर रहे हो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा । मैं पहले ही बता दूं कि मैं ऐसा कुछ नहीं चाहती जिससे तुम दोनों भाइयों के बीच दूरी आएं लेकिन तुम नहीं माने तो मजबूरी में मुझे आदित्य को सब बताना पड़ेगा ।
फिर वही धमकी यार कुछ नया लेकर आओ ।
मुझे नाश्ता नहीं करना है । कनिका फिर से उठने की कोशिश करती है लेकिन सिद्धार्थ उसे इस बार भी हाथ पकड़ के रोक लेता है।
हाथ छोड़ों मेरा ।
शुक्र है सिर्फ हाथ ही पकड़ा है इसी तरह नखरे दिखाओगी तो पता नहीं और क्या क्या क्या पकड़ना पड़े।
कनिका शांत होकर बैठ गई । उसे पता है ऐसे बहस करने से कुछ भी होने वाला। उसने अपना फोन उठाने की कोशिश की तो सिद्धार्थ ने उसका फोन भी छीन लिया ।
अब क्या है किसी से बात भी नहीं कर सकती हूँ मैं ?
थोड़ा वक्त मेरे साथ बीता लो फिर जिससे जो बात करनी हो कर लेना । उसने कनिका का फोन स्विच ऑफ करके अपने पास रख लिया ।
मुझे जाना है ।
कहीं नहीं जा सकती हो पता है न भाई ने तुम्हें कहीं भी बाहर जाने से मना किया है । उस दिन भी किसी से मिलने चली गई थी तबसे तो तुम्हारा बाहर निकलना भी मना कर गएं हैं वो ।
मुझे अपने पेट्स को खाना खिलाना है उन्हें खिलाए बिना मैं नहीं खाती हूँ।
चलो मैं भी साथ में चलता हूँ।
कनिका ने पिंजरे के सभी पक्षियों को दाना खिलाया उसके बाद बाउल लेकर बाहर अपने डॉग्स के पास चली गई। उन दोनों को खाना दिया तब तक ठीक था लेकिन कनिका ने उनकी चेन भी खोल दी । वैसे तो ये हमेशा घर के बाहर ही चेन में बांध कर रखे जाते है लेकिन कनिका उन्हें अपने साथ घर ले जाने लगी।
ये क्यों कर रही हो इन्हें वापस बांधो । बाहर गार्ड्स के सामने सिद्धार्थ कनिका को हाथ भी नहीं लगा सकता था इसीलिए बहुत शांत आवाज में उससे बोला ।
मेरा घर मेरे डॉग्स मेरी मर्जी । कनिका इतराती हुई उन्हें घर के अंदर ले आई । पीछे पीछे सिद्धार्थ भी आया ।
नाश्ता बना तो है दोबारा क्यों ?
मुझे तुम्हारे हाथ का कुछ भी नहीं खाना है समझे । उसके दोनों तरफ उसके डॉन्स बैठे है। वैसे तो सिद्धार्थ ने इन दोनों से दोस्त की हुई है लेकिन अभी वो जिस तरह दिखाई पड़ रहे है उससे लगता है एक कमांड मिलते ही सिद्धार्थ को नोंच डालेंगे ।
भाई को बिल्कुल भी नहीं पसंद की रसोई में कुत्ते आएं।
अच्छा जब ये बात मालूम थी तो यहाँ क्यों खड़े हो तुम?
कुछ ज्यादा ही नहीं उड़ने लगी हो तुम ।
इतनी प्रॉब्लम है तो बात ही मत करो मुझसे है न शेरू । उसने अपने डॉग की तरफ देखा।
सिद्धार्थ थोड़ी देर खड़ा रहने के बाद वापस टेबल पर आ गया ।
कनिका के दोनों डॉग्स उसके आगे पीछे ही घूम रहें थें। वो अपना नाश्ता करने के बाद कमरे में जाना चाहती थी लेकिन सारे कमरों में सिद्धार्थ ने लॉक लगा दिया है । इसीलिए वो लिविंग रूम में बैठ कर किताब पढ़ने लगी। सिद्धार्थ भी वहीं आकर बैठ गया ।
मैं सिर्फ तुमसे बात करना चाहता हूँ और तुम हो कि मेरी एक बात भी नहीं सुन रही हो।
बहरी नहीं हूँ मैं जो बोलना है बोलो ।
पहले तो तुम इन कुत्तों को बाहर करके आओ वरना भाई को इनका एक बाल भी घर में मिल गया तो बहुत गुस्सा होंगे ।
उसकी फिक्र तुम मत करो । कनिका ने बुक साइड में रख दी और सोफे पर ही लेट गई।
तुमको क्या लगता है कि तुम तलाक लेकर यहाँ से दूर चली जाओगी और मैं तुम्हें ढूंढ भी नहीं पाऊंगा । चाहे तुम जितना भी दूर जाओ तुम्हें मुझसे प्यार होकर ही रहेगा।
जिस दिन भी ऐसा लगा न उसी दिन जहर खा कर जान दे दूंगी। मेरी खामोशी को तुम मोहब्बत समझने की गलती कर रहे हो अगर तो बता दूं अभी बस आदित्य के अहसानों ने मुंह बंद रखने पर मजबूर किया है वरना तुम्हारी इज्जत की वो नुमाइश करती तुम किसी को मुंह दिखाने के काबिल नहीं बचते ।
लगता है अपने इन कुत्तों पर तुम्हें काफी यकीन है कि ये तुम्हें बचा लेंगे तभी इतनी लंबी लंबी बातें कर रही हो लेकिन तुम भूल जाती हो कि ये मेरे भी वफादार हैं।
तो हाथ लगा के दिखाओ न कौन रोक रहा है तुम्हें । कनिका करवट बदल कर मोती को दुलार करने लगी।
सिद्धार्थ ने बेवजह की बहस नहीं की और लिविंग रूम से निकल गया। उसके जाने ही कनिका ने चैन की साँस ली और दोबारा किताब पढ़ने लगी। इसी दौरान उसकी आँख कब लग गई पता ही नहीं चला।
आदित्य अपना लैपटॉप ऑन किए हुए ही गाड़ी में आकर बैठ गया ।
सर कहाँ चलना है हॉस्पिटल ?
नहीं घर !
उसकी नींद तब खुली जब किचन में शोर होने लगा था ।
उसे भूख लग आई है उसने दीवार घड़ी में देखा 3 बजने वाले थे ।
चलो बच्चों लंच का टाइम हो गया है । कनिका उठ कर किचन में चली गई । सिद्धार्थ पहले से ही कुछ बना रहा था ।
दाल तड़का खाओगी ?
क्यों पूछते हो बार बार जब जानते हो मना ही करूंगी । कनिका ने अपने बालों का जुड़ा बनाया और साड़ी का पल्ला कमर में कसकर सब्जी बनाने की तैयारी करने लगी।
मत करो । पीछे से सिद्धार्थ ने आकर स्लैब के दोनों तरफ हाथ रख दिया । कनिका उसकी बांहों के बीच आ गई ।
जानते हो अगर एक बार शेरू को अटैक करने के लिए बोला तो वो तुम्हारे शरीर के अंदर तक से हड्डियां निकाल लेगा ।
उन्हें बुलाकर तुम अपनी एनर्जी वेस्ट मत करो क्योंकि वो अभी एनर्जी सेविंग मोड पर है ।
क्या .. क्या किया तुमने उन दोनों के साथ ? मैं तुम्हें छोडूंगी नहीं अगर उनको कुछ हुआ तो। कनिका ने उसे दोनों हाथों से धक्का देने की कोशिश की लेकिन सिद्धार्थ ने उसके दोनों हाथ पकड़ कर पीठ की तरफ कर दिए।
फिक्र मत करो वो मेरे भाई के हैं और अपने भाई की एक एक चीज की हिफाजत करना मेरी जिम्मेदारी है। थोड़ा सा बिस्किट खिलाया है दोनों को तो शाम तक जग जाएंगे।
बिस्किट में क्या था ?
डरो नहीं बिस्किट नशे वाले थे लेकिन खाना ठीक है।
सिद्धार्थ तुम क्यों मेरी जिंदगी बर्बाद करना चाहते हो ?
बर्बाद .. यार मैं आबाद करना चाहता हूँ उसमें रंग भरना चाहता हूँ प्यार के , साथ के और … सिद्धार्थ थोड़ा करीब झुक कर बोला – और जवानी के !
इसकी जरूरत नहीं है मुझे …
कितना झूठ बोलती हो तुम । तुम्हारा पूरा बदन इस बात का गवाह है कि तुम्हें इसकी कितनी जरूरत है। सिद्धार्थ ने एक हाथ से उसकी गर्दन सहलाई ।
सिद्धार्थ ! मैं अपने और आदित्य के रिश्ते को एक और मौका देना चाहती हूँ प्लीज ऐसा कुछ मत करो जो…
दोबारा मौका ? सीरियसली ! तुमको लगता है वो वीडियो देखने के बाद आदित्य तुम्हें दोबारा मौका देगा ?
हमने सिर्फ डांस किया था , हमारे बीच कोई kiss या कुछ और नहीं हुआ था समझे तुम।
चलो उस दिन न हुआ था आज सही । सिद्धार्थ ने अपनी शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए ।
ये क्या कर रहे हो तुम ? हाथ छोड़ों मेरे । कनिका ने उसकी पकड़ से खुद को छुड़ाने के लिए ताकत लगाई।
रहने दो यार कलाइयों में बहुत गहरे निशान पड़ जाएंगे तो शाम को पार्टी में सबसे छुपाती फिरोगी। इतना कहकर उसने कनिका का जुड़ा भी खोल दिया ।
थोड़ी देर पहले तुमने ही कहा था कि मुझे हाथ लगाने से कोई नहीं रोक रहा है तो जब मैं तुम्हें छू रहा हूँ इतना भड़क क्यों रही हो।
तुम याद रखना सिद्धार्थ अगर तुमने मुझे मेरी मर्जी के खिलाफ छुआ तो हम में से एक कल सुबह का सूरज नहीं देख पाएगा ।
यार… तुम औरतें इतनी कॉम्प्लिकेटेड क्यों होती हो ? जिस चीज के लिए तुम आदित्य को देखती हो उसके लिए एक बार मेरी तरफ देख कर देखो । तुमको क्या लगता है कि मुझे पता नहीं है शादी के बाद तुम दोनों में एक बार भी पति पत्नी वाले रिलेशन नहीं बने । तुम्हारे होंठ बता रहें हैं तुम्हें किस चीज की प्यास है और कमाल की बात है दरिया तुम्हारे सामने है और तुम खाली घड़े को ताक रही हो ।
सिद्धार्थ तुम अपनी हद में रहो …
नहीं आज मैं किसी हद में नहीं रहूंगा और तुम्हें भी तुम्हारी हद के बाहर खींच कर लाऊंगा । उसने कनिका को बाहों में भींच लिया ।

मेरी तरफ देखो कनु मैं पैसे रुतबे में आदित्य से बड़ा नहीं हूँ लेकिन ये सब तो तुम्हें चाहिए भी नहीं । तुम्हें जो चाहिए वो मेरे पास है। आदित्य से अच्छा शरीर है मेरी, सेहत भी उससे ज्यादा है । उसके साथ खड़ा होता हूँ तो मैं बड़ा भाई लगता हूँ उसका । अब बताओ तुम्हारे बदन की आग भाई शांत कर पाएंगे या मैं ? कनिका एक बार मौका देकर तो देखो वो सुख जो हर औरत को चाहिए होता है मैं दे सकता हूँ। कसम से बस एक बार हाँ कहो ये दिन तुम आने वाले दस सालों में भी नहीं भूलोगी।
नहीं नहीं नहीं हजार बार न है मेरी तरफ से । मुझे जो चाहिए अपने पति से चाहिए तुमसे नहीं ।
क्या फर्क पड़ता है मैं हूँ या आदित्य , हैं तो दोनों भाई ही न ! मैं इस मामले में उनसे बेहतर ही हूँ कम से कम तुम्हारी भूख तो समझता हूँ जानता हूँ कि तुम्हारे शरीर को इस वक्त किस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है ।
सच बताओगे तुम्हें रत्ती भर भी शर्म नहीं आती अपनी भाभी से इस तरह बात करते हुए ।
पहली बात तुम मेरी भाभी नहीं हो और दूसरी बात प्यार करता हूँ मैं तुमसे….
अचानक से फ्रिज खुलने की आवाज आई तो दोनों ने पलट कर देखा । आदित्य फ्रिज से बोतल निकाल कर पानी पी रहा है।
भाई आप कब आएं? सिद्धार्थ ने तुरंत कनिका को छोड़ दिया और अपनी शर्ट के बटन बंद करने लगा।
आदित्य…! कनिका ने कुछ बोलने की कोशिश की लेकिन उसका गला भर आया । क्या बोले वो ? अभी जिस हालत में उसने दोनों को देखा है यकीन भी कर पाएगा उसकी बात पर । आज तक उसने ऐसा कोई काम नहीं किया था कि आदित्य के सामने उसका सर नीचा हो लेकिन आज तो गर्दन भी नहीं उठाई जा रही उससे ।
इन्हें चक्कर आ रहे थे तो मैं इनको संभालने की कोशिश कर रहा था। सिद्धार्थ आदित्य की तरफ मुड़ा।
Really ? आदित्य ने उसकी शर्ट की तरफ इशारा किया।
आप इन्हें लंच करवा दीजिए मैं एक काम करके आता हूँ। उसने कनिका से बोला । वो जल्दी से जाकर सारे कमरों के लॉक खोलना चाहता है ताकि आदित्य को कुछ पता न चल जाए।
सिड! चेस खेलते हैं आज । आदित्य ने बोतल वापस फ्रिज में लगा दी ।
अभी ?
हाँ।
तो आप लंच कर लो मैं चेस सजाता हूँ जाकर । सिद्धार्थ किचन से निकल गया तो आदित्य कनिका के पास गया।
वो पहले से ही कांप रही थी आदित्य के करीब आने पर वो और भी सिकुड़ गई ।
तुम ठीक हो ?
हाँ।
पार्टी में चलने का मन है ? आदित्य जेब से रुमाल निकाल कर उसके चेहरे का पसीना पोछने लगा ।
हूँ । कनिका का सर अभी भी नीचे ही रहा ।
ठीक है तैयार हो चलकर तब तक मैं एक राउंड गेम खेल कर आ रहा हूँ।
सिद्धार्थ जल्दी करना मुझे कुछ जरूरी काम भी है ।
गेम शुरू होने से पहले ही आदित्य ने ये बोल दिया था । आदित्य जिस तरफ से बाजी चल रहा था ऐसा लग रहा था कि वो ऑफिस से ही चाल सीख कर आया है ।

“तुम अगर मेरी रानी लेने की कोशिश करोगे तो मैं तुम्हारा पूरा महल तबाह कर दूंगा ।” इतना कहकर आदित्य ने आखिरी चाल चली और सिद्धार्थ का राजा मार दिया ।
No bro ! आप मुझे कभी हराते नहीं है ।
यही मेरी सबसे बड़ी गलती थी ।
सिद्धार्थ ने आदित्य को एक और बार चेस खेलने के लिए मनाया लेकिन आदित्य ने ये गेम भी 7 चालों में समेट दिया।
I think तुम्हें अब डिनर बनाने की तैयारी करनी चाहिए।
आप तो पार्टी में जाने वाले थे न ?
मुझे नहीं लगता कि इसकी कोई जरूरत है अब।
Ok मगर मैं इतना सारा खाना अकेले कैसे बना पाऊंगा मुझे तो ज्यादा कुछ बनाना…
लगता है सारा डाटा तुमने सुबह और दोपहर के यूट्यूब विडियोज में खत्म कर दिया है । लेकिन कोई बात नहीं घर में वाईफाई लगा हुआ है । आदित्य उठ कर चला गया। सिद्धार्थ शॉक्ड था कि आदित्य को कैसे पता चला कि उसने ब्रेकफास्ट और लंच बनाया है वो भी यूट्यूब से देखकर । कहीं वो उसपर नजर तो नहीं रख रहे थे ?
कितनी खूबसूरत लग रही हो तुम ! आह पेन हो गया है सीने में एकदम से तुम्हें ऐसे देख कर । आदित्य ने सीने पर हाथ रख कर कॉम्प्लीमेंट दिया उसे ।
जी..? ओह …! हाँ! Thank you! आज पहली बार आदित्य से इस तरह की तारीफ सुनकर कनिका को समझ नहीं आया कि रिएक्ट कैसे करे ।
आज क्या हार कर आएं हो अपने भाई से ?
जीत कर आया हूँ।
सच में ? अच्छा क्या जीता ? कनिका अपना लुक कंप्लीट करके खड़ी होकर खुद को देखने लगी ।
तुम्हें । आदित्य उसके पास आ गया ।
मतलब ?
कुछ नहीं । वैसे ये रेड साड़ी तुम्हें सिद्धार्थ ने तो फोर्सफुली नहीं दिलवाई है?
नहीं मैंने उसकी पसंद से नहीं ली मुझे ये खुद अच्छी लगी थी लेकिन मैं अभी चेंज करके दूसरी पहन ले रही हूँ ज्यादा टाइम नहीं लगेगा । कनिका ने ध्यान से सुना ही नहीं जो आदित्य ने पूछा था वो पहले ही हड़बड़ा गई और तुरंत साड़ी से पिन निकालने लगी।
मैं कर रहा हूँ न । आदित्य ने उसका हाथ पकड़ लिया ।
जी ? कनिका की आँखें हैरानी से और भी बड़ी हो गई। आदित्य बिल्कुल उससे सट कर खड़ा था और उसके पल्लू को ब्लाउज में लगी पिन से अलग करने आया था।
मैं…मैं कर लूँगी।
तुम्हें लग जाएगी ।
कनिका ने अपने हाथ हटा लिए । शीशे में आदित्य का चेहरा बिल्कुल साफ दिख रहा है, कनिका खुद को डिस्ट्रैक्ट करने के लिए बाकी बातें करने लगी।
मुझे एक फिल्म मिली है , कल कास्टिंग डायरेक्टर ने मिलने बुलाया है ।
Great news buddy but मेरी मैनेजर को साथ लेकर जाना होगा ।
मैं अकेले जा सकती हूँ।
मुझे भी यही लगा था लेकिन जो चोट अभी लगी हुई है मुझे उसके बाद तो किसी और पर भरोसा कर पाना , फिलहाल के लिए पॉसिबल नहीं है। I know I’m not a Good Husband लेकिन तुम दोबारा मौका दोगी तो बेहतर बनकर दिखाऊंगा ।
आदित्य मेरे और सिद्धार्थ के बीच कुछ नहीं है मैंने उसे हमेशा अपने बड़े भाई की नजर से …
I love you .. I love you ..and I love you ! आदित्य ने कनिका को अपनी तरफ घुमाते हुए एक ही साँस में तीन बार इस तरह I love you बोला जैसे “कुबूल है !” बोला जाता है । कनिका की धड़कन तो पहले से ही तेज थी अब आदित्य का दिल भी बहुत जोरो से धड़कने लगा ।
मैं तुमसे माफी मांगता हूँ क्योंकि मैं तुम्हें प्रोटेक्ट करने में फेल हो गया लेकिन एक वादा भी करता हूँ कि ऐसा दोबारा नहीं होगा । Can you give me another chance?
कनिका को आदित्य की सारी बातें समझ नहीं आ रही थी उसे बस इतना ही समझ आया है कि आदित्य उससे प्यार करता है। कनिका ने अपनी एड़ियां उठा कर उसके गाल पर kiss कर लिया ।
मैं दूसरी ड्रेस पहनकर आती हूँ वरना हमें लेट हो जाएगा ।
कनिका जाने को हुई तो आदित्य ने उसे बांहों में भर लिया ठीक वैसे ही जैसे दोपहर में सिद्धार्थ ने किया था। लेकिन इस वक्त कनिका को जलन नहीं बल्कि सरसराहट महसूस हुई अपने पूरे शरीर में ।
मैं चाहता हूँ कि तुमने जो साड़ी पहनी है उसे भी उतार दो लेकिन तुम हो कि दूसरी पहनने जा रही हो ।
क्या ? कनिका की आँखें हैरानी से और ज्यादा खुलती इससे पहले ही आदित्य ने उसके होठों को चूमकर उसकी आँखें ही बंद कर दी ।
दरवाजा खुला है आदित्य । उसने कनिका को जैसे ही बिस्तर पर लिटाया उसने दरवाजे की तरफ इशारा किया ।
आज कोई नहीं है हमें डिस्टर्ब करने वाला ।
सिद्धार्थ तो आ सकता है।
आदित्य ने उसकी तरफ देखा और मुस्कुराया ।
हँस क्यों रहे हो ?
कुछ नहीं। आदित्य ने लाइट बंद कर दी ।

सिद्धार्थ ने खाना बनाना तो शुरू कर दिया था लेकिन उसका सारा ध्यान इस बात पर लगा था कि वो दोनों कमरे में क्या कर रहें होंगे ? बेमन से खाना बनाने पर उसकी उंगलियां जल भी गईं और कटी भी । गेम में हारने वाले को डिनर बनाना था इसीलिए सिद्धार्थ खाना ऑर्डर भी नहीं कर सकता था।
सिद्धार्थ ज्यादा देर किचन में नहीं रुक पाया । वो दबे पाँव कनिका के कमरे की तरफ गया। कमरे की लाइट बंद देख कर उसका दिल बैठ गया । उसने दरवाजे के पास खड़े होकर सुनने की कोशिश की । जैसी आवाजें कमरे से उसे सुनाई दी उसके दिल में आग जैसी लग गई।
Let me breath… Hold … Go.. नहीं! … हाँ..आह ! ये सारी आवाजें कनिका की थी । सिद्धार्थ का माइंड बिल्कुल ब्लैंक हो गया । उसे ऐसा लगा जैसे उसके साथ धोखा किया गया है। उसने बिना सोचे समझे दरवाजा नॉक कर दिया ।
भाई ..!
आ जाओ ।
आदित्य नहीं । कनिका ने जल्दी से खुद को चादर से ढकने की कोशिश की लेकिन आदित्य उसके वस्त्रहीन शरीर को अपनी बांहों में ही जकड़े रहा ।
भाई लाइट जला दूं क्या ?
नहीं ! तुम अपना काम बोलो ।
डिनर तैयार है ।
तुम खा लो जाकर और अपनी भाभी का भी निकाल कर रख देना शायद इन्हें थोड़ी देर में बहुत तेज भूख लग सकती है । हैं न जान ! आदित्य ने कनिका की गर्दन को चूमते हुए कहा ।
अभी नहीं ..! उसने धीमे से आदित्य को रोका।
तुम्हें यहाँ से जाना चाहिए तुम्हारी भाभी को शर्म आ रही है।
सिद्धार्थ कमरे से निकल आया लेकिन वो कमरा उसके दिमाग से नहीं निकला । कनिका की आहें , आदित्य का हांफना, कमरे का तापमान .. सबकुछ उसके दिमाग में घूमता रहा । वो डाइनिंग रूम में बैठे बैठे खाने को सिर्फ देख ही रहा था ।
सिद्धार्थ जब उठा तो आदित्य को सामने खड़ा पाया ।
क्या हुआ आपको ?
मैं बताने आया था तुम्हारा सामान गाड़ी में रखवा दिया है इससे पहले मेरी बीवी उठे और उसे तुम्हारा घटिया चेहरा देखना पड़े तुम यहाँ से निकल जाओ ।
भाई आप …
पहली बात तो मैं अब भाई नहीं हूँ तुम्हारा । तुम्हारा भाई कल ही मर गया था जब उसने तुम्हारी बद्तमीजी देखकर पुलिस नहीं बुलाई , जब उसने अपनी बीवी का बदला लेने के लिए तुम्हारी हड्डियां तोड़ कर तुम्हें भिखारी नहीं बना दिया । मेरे भाई वाले सारे फर्ज कल ही खत्म हुए आज सिर्फ मैं कनिका का पति हूँ।
भाई ऐसा तो मत बोलो आप जानते हो मैंने ये सब इसलिए किया क्योंकि मैं उनसे प्यार करता हूँ मैं बस उन्हें मजबूर कर रहा था । मुझे नहीं पता उन्होंने ऐसा क्या बताया है जो आप इतना भड़क रहे हो ।
यही तो अफसोस है कि हमारा रिश्ता बचाने के लिए वो खामोश रही । काश वो पहले बोल देती तो ये सब नहीं करना पड़ता ..लेकिन बोलती कहाँ से तुमने उसे इतना धमका के ही रखा था। मुझे तुम पर इतना भरोसा था इतना ज्यादा की अपनी आँखों देखा भी मुझे झूठ ही लगा था। कल कैमरे पर जब तुम्हें इतना घटियापन करते देखा तो बहुत रोया मैं , एकदम से कुछ समझ ही नहीं आया क्या करूं । तुम्हारी पुरानी फोटोज देखी कि कहीं मेरा भाई बदल तो नहीं गया है …लेकिन यार तुम ही थे … मेरे बड़प्पन का और हमारी मम्मियों की परवरिश का बहुत अच्छा सिला दिया तुमने ।
भैय्या प्लीज एक बार माफ कर दो मैं किसी भी कीमत पर आपको नहीं खोना चाहता हूँ। आप कहोगे तो भाभी से मैं कभी बात तक नहीं करूंगा लेकिन मुझे भाई कहने का हक तो…. सिद्धार्थ ने जैसे ही आदित्य का हाथ पकड़कर माफी मांगनी चाही उसने तुरंत हाथ झटक दिया।
खबरदार जो अपने गंदे हाथों से मुझे दोबारा छूने की कोशिश भी की। अब से मैं कोई नहीं हूँ तुम्हारा । भाई होने का एक आखिरी फर्ज निभा रहा हूँ इसीलिए घर तक कोई वीडियो नहीं भेजी । लेकिन अब अगर दोबारा भाई बोलने की हिम्मत भी की तो भाई के साथ साथ पूरा खानदान गंवा बैठोगे ।
आदित्य की सख्त आवाज सुनकर सिद्धार्थ की आंखों से आँसू बहने लगे ।
अगर आप मेरी जिंदगी से चले गएं तो मैं अधूरा हो जाऊंगा ।
मैं कुछ नहीं सुनना चाहता हूँ इससे आगे । मेरी तरफ से सारे रिश्ते खत्म है तुमसे, हाँ लेकिन अगर कनिका कभी तुम्हें माफ करके अपना बड़ा भाई मान लेगी तो मैं भी “साले साहब” कहकर हाथ तो मिला ही लूंगा । तब तक के लिए मेरे घर के दरवाजे तुम्हारे लिए बंद रहेंगे ।
सिद्धार्थ जब दरवाजे तक पहुंचा तो देखा आदित्य भी उसके पीछे आ रहा था उसे लगा शायद एक बार गले तो लगाएंगे ही ।
लेकिन ” अगर ये इंसान मेरी गैरमौजूदगी में इस घर के आसपास कभी भी दिखे तो मुझे फोन करने से पहले पुलिस को कॉल कर देना ।” उसने गार्ड्स से ऐसा बोला।
फिर सिद्धार्थ का शुक्रिया अदा करते हुए कहा – Thank you! अगर तुमने ये सब नहीं किया होता तो मुझे इतनी जल्दी समझ नहीं आता कि मैं उस लड़की से कितना प्यार करता हूँ। Thanks हमें करीब लाने के लिए। इतना कहकर उसने दरवाजा सिद्धार्थ के मुंह पर ही बंद कर दिया ।
पता नहीं सिद्धार्थ किस जवानी की बात कर रहा था। सफेद चादर को लपेटे सो रही कनिका तो मासूम बच्ची जैसी लग रही है । क्या सिद्धार्थ को ये मासूमियत नजर नहीं आई होगी ? सिद्धार्थ की तो बात ही छोड़ो उसे खुद भी तो ये मासूमियत नहीं दिखी थी हफ्ते भर से चेहरे पर। और वो बेवकूफ समझ भी नहीं सका कि ऐसा क्यों हो गया ? एक बार भी अपने भाई पर शक करने की हिम्मत नहीं हुई ।
उसे तो ये सब तभी समझ जाना चाहिए था जब महक ने उसे घर में कैमरा इंस्टॉल करने की सलाह दी थी। वो खुल कर नहीं बोल पाई थी लेकिन वो तो खुलकर सोच सकता था । उसने परसों सारा दिन घर में हिडेन कैमरे लगवाएं थे , सिद्धार्थ खुद को पूरा एक्सपोज कर सके इसलिए उसने नौकरों को भी छुट्टी दे दी थी और खुद भी कॉन्फ्रेंस का बहाना बनाकर जल्दी निकल गया था। उसे तब तक सिद्धार्थ के इरादे भयानक नहीं लगे थे जब तक उसने उसे कुत्तों को नशे के बिस्किट खिलाते नहीं देख लिया था ।
अब से ऐसा कभी नहीं होगा । आदित्य ने अपने आँसू पोंछ कर कनिका का हाथ थाम लिया । आदित्य के छूने से उसकी नींद खुल गई। देखा तो आदित्य सूट बूट में तैयार होकर उसके पास बैठा है।
कितना टाइम हुआ है ?कनिका ने अंगड़ाई लेते हुए पूछा।
11 बज चुका है।
क्या ? मैंने कहा था जल्दी उठा देना, मुझे मुंबई के लिए निकलना है । 1 बजे की फ्लाइट थी मेरी अब तो मिस हो जाएगी।
वो चादर लपेटकर बाथरुम की तरफ भागी ।
अगर फ्लाइट मिस ही हो जाएगी तो मैं भी बाथरूम में आ जाऊं ? कल का थोड़ा सा प्रोग्राम ही रिवीजन कर लेते है ।
तुम्हारे इसी प्रोग्राम के चक्कर में मुझे लेट हुआ है। उसने बाथरूम का दरवाजा लॉक कर लिया।
अच्छा सुनो ! सिड… I mean सिद्धार्थ चला गया ।
क्या .. ! कनिका ने तुरंत दरवाजा खोला ।
हाँ मैंने उसे निकाल दिया तुम्हारी , मेरी जिंदगी से हमेशा हमेशा के लिए ।
तुम ठीक हो न ? कनिका ने उसके चेहरे को अपने हाथों में भर कर उसकी आँखों में देखा ।
हाँ मैं तो ठीक हूँ लेकिन आप मुझे इसी तरह देखती रहेंगी तो आपको ठीक नहीं रहने दूंगा । आदित्य ने उसकी कमर को पकड़ लिया।
सोचना भी मत समझे ।
अच्छा जैसे कहूं कि 3 बजे की फ्लाइट में बिजनेस क्लॉस की दो टिकट्स बुक हो चुकी है तो क्या कुछ सोच सकता हूँ ?
Ok सिर्फ 20 मिनट के लिए सोच सकते हो ।
No 50 minutes!
Less than 25 .
More than 40 .
30 minutes only .
Ok deal done . आदित्य ने उसे अपनी गोद में उठा लिया और बाथरूम का दरवाजा लॉक कर दिया।
इसी के साथ वो सब कुछ भी लॉक हो गया जो पिछले 3 हफ्तों से इस घर में खुला हुआ था । पहले की तरफ आदित्य इस घर में पति है , पहले की तरह कनिका इस घर में पत्नी है । लेकिन पहले की तरह अब कोई सिद्धार्थ नहीं है उनके बीच ।