Office Romance! SEO & Secret girl Love Story pt 9

Office Romance! SEO & Secret girl Love Story pt 9

Office Romance! SEO & Secret girl Love story स्टोरी के पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि हर्ष मीटिंग के लिए मॉरीशस और हेजल पेरिस गई थी, पेरिस में हेजल और मनोहर को कुछ लोकल गुंडे उन्हें परेशान करने लगे और उनके साथ मारपीट करने लगे। हर्ष वीडियो कॉल पर ये सब देखता है तो वो तुंरत अपनी मीटिंग छोड़ कर पेरिस के लिए निकल जाता है वह उससे पता चलता है कि मनोहर की ज्यादा चोट लगी, जबकि हेजल आपने सेल्फ डिफेंस से उन सबको को पीट देती है अब आगे…

शशिकांत इंडिया आने वाली अगली फ्लाइट से सना को लेकर वापस आ गएं थे ।

हर्ष ने सना से कहा था कि हेजल फ्लैट पर है लेकिन जब वो वहाँ नहीं मिली तो सना और भी ज्यादा परेशान हो गई। सुबह से ये हो क्या रहा है उसे तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा है। हर्ष मॉरिशस से पेरिस क्यों पहुंच गया ? उसने हेजल के पैरों की नाप क्यों पूछी ? 3 दिन की ट्रिप दो दिन में ही कैसे खत्म हो गई ? और हेजल… हेजल कहाँ गई ? न जाने कितने सवाल सना के अंदर कौंध रहें थें। उसने फिर से हर्ष को कॉल की तो उन्होंने हॉस्पिटल की लोकेशन भेज दी ।

हेजल के माथे पर बैंडेज , हाथों में चोट और आँख की सूजन देख कर सना बहुत घबरा गई । हेजल उसे देखती ही दौड़ के उसके गले से लग गई ।
तुम्हें ये इतनी चोट कैसे लग गई ? कहीं पर एक्सीडेंट हुआ था क्या ?
नहीं ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है । हेजल शांति से बोली।

जब मनोहर ने आँखें खोली तो नवल , हर्ष , सना , हेजल और शशिकांत सभी सामने ही दिखाई पड़े ।

तुम्हारा सही है एकदम बढ़िया प्लॉन है लंबी छुट्टी मारने का । बॉस भी सामने मौजूद है सिक लीव एप्लीकेशन की भी जरूरत नहीं है। नवल ने मनोहर के हाथ पर अपना हाथ रखा। मनोहर ने उसकी बात का जवाब नहीं दिया क्योंकि उसका सारा ध्यान हेजल पर था ।

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और कराटे क्वीन तुम ठीक हो न ? मनोहर बहुत धीरे से बोला लेकिन शब्द स्पष्ट थे ।
आपके रहते मुझे कुछ हो भी सकता है भाई । हेजल उसके सिर के पास खड़ी थी।

पहले बता देती की अपनी सेफ्टी खुद कर लोगी वो भी इतने बढ़िया तरीके से तो मैं बीच में कूदता ही नहीं । मस्त टेबल पर बैठकर तुम्हें उन लौड़ों की धुलाई करते हुए देखता ।

मुझे बताने का मौका ही नहीं दिया था आपने ।

मनोहर भाई कोई और तो बता नहीं रहा आप ही बता दीजिए कि वहाँ क्या हुआ था ? सना ने मनोहर से रिक्वेस्ट की ।

मनोहर ने सबको विस्तारपूर्वक बताना शुरू कर दिया जो घटना हुई थी । जब तक मनोहर को होश था वहाँ तक की कहानी ही मालूम हुई सबको । फिर हेजल ने बताया कि हर्ष सर के दोस्त आ गएं थे मौके पर और उन्होंने ही मनोहर और उसे अस्पताल भेजा ।

एक बहुत लंबा दिन बिताना पड़ा था चारों को । पेरिस से शाम को निकले थे यहाँ आए तो दोपहर थी। मनोहर से बातचीत करने के बाद हर्ष ऑफिस के लिए निकल गया था। हेजल और सना यही हॉस्पिटल में रुक गई थी लेकिन शाम होने तक दोनों की आँखें बंद होने लगी ।

हॉस्पिटल से निकलते हुए हेजल आगे चल रही थी , सना और नवल पीछे थे उसके ।
सना…!
हाँ सर ।

अगर मैं किसी मुसीबत में पड़ जाऊं तो तुम मुझे बचा लोगी जैसे हेजल ने मनोहर को बचाया है?
दुआ कीजिए कि कभी भी मुसीबत में पड़े तो हेजल ही आपके साथ हो क्योंकि मुझे तो सेल्फ डिफेंस का ‘ एस ‘ भी नहीं आता है।

झूठा ही हाँ कह देती ।

किसी को झूठा दिलासा देने से अच्छा साफ मना कर देना होता है सर !
यार तुम मुझे बार बार सर मत पुकारा करो ।

आप जो हैं वहीं तो बुलाऊंगी।
और कुछ नहीं हूँ मैं तुम्हारा ?

और कुछ क्या ?
जैसे कि दोस्त !

हाँ दोस्त है लेकिन मुझसे सीनियर है , हर्ष सर के दोस्त है , कंपनी के COO भी हैं तो आपकी रिस्पेक्ट तो करनी पड़ेगी।

नाम लेने से किसी की इज्जत थोड़े कम हो जाती है , तुम सबके सामने मुझे सर बोल सकती हो लेकिन अकेले में तो मुझे मेरे नाम से बुलाया करो ।
हम अकेले कहाँ हैं हेजल चल तो रही है आगे ।

वो चल नहीं रही बल्कि नींद में झूम रही है उसे तो सुनाई भी नहीं पड़ रहा होगा हम क्या बात कर रहे हैं।

कार के पास पहुंचते ही दोनों खामोश हो गएं। नवल चुपचाप ड्राइविंग सीट पर आ गया , सना हेजल को लेकर पीछे की सीट पर बैठ गई। सना ने कैब बुक करने की सोची थी लेकिन नवल ने ही मना कर दिया ये कहकर कि हेजल को ज्यादा दिक्कत होगी इसीलिए वो अपनी कार में ही दोनों को फ्लैट तक छोड़ देगा।

शुरुआत में कंपनी की तरफ से हर्ष की सेक्रेट्री होने के नाते कार देने की बात हुई थी लेकिन उसने स्पष्ट शब्दों में मना कर दिया था । लेकिन कभी-कभी हेजल को परेशान होता देख कर उसे लगा कि उसे वो कार ले लेनी चाहिए थी।

अगर अगले हफ्ते इतने बड़े बिजनेसमैन के साथ मीटिंग न होती तो हर्ष हेजल को हफ्ते भर की छुट्टी दे देता लेकिन मीटिंग के चलते वो सिर्फ दो दिन की छुट्टी ही दे सका हेजल को। हेजल ने छुट्टी के लिए नहीं कहा था फिर भी हर्ष ने उसे खुद msg करके दो दिन रेस्ट करने को बोला।

सुबह जब हेजल की नींद खुली तो ऋषभ को हाथ में बड़ा सा पीले गुलाब का गुलदस्ता लिए कमरे के दरवाजे पर दिखा । उसे देख कर पहले तो वो चौंक गई फिर मुस्कुराते हुए उठ कर बैठी।

Good morning झांसी की रानी ! ऋषभ कमरे के अंदर आ गया ।
ओए किसी Great Person का नाम ऐसे नहीं लिया जाता है।

वैसे कल काम तो तुमने भी ग्रेट ही किया है। ऋषभ चेयर खींच कर बैठ गया।
सेल्फ डिफेंस करना बेसिक नेचर है समझे । लाओ अब ये फूल मुझे दे दो । हेजल ने बाहें खोली तो ऋषभ ने पूरा गुलदस्ता उसे थमा दिया।

अच्छा हुआ ऋषभ तुम आ गए । सना कमरे में दो कप कॉफी लेकर आई ।

लो जल्दी से कॉफी खत्म कर लो फिर इसकी आँख में ये दवाई डाल देना । सना ने अपनी स्कर्ट की जेब से एक आईड्रॉप निकाल कर ऋषभ के हाथ में दे दी।
ये क्या है ? कल तो डॉक्टर ने नहीं दी थी ? तुमने कल बताया भी नहीं था इसके बारे में ? हेजल ने सना की तरफ़ देखते हुए पूछा।

हाँ वो कल हर्ष सर गए थे डॉक्टर के पास तुम्हारी आँख में सूजन आ रही थी तभी । पता है वहाँ पे क्या हुआ ! डॉक्टर ने पूछा आँखें कैसी हैं तो सर बोले “बिल्कुल शहद जैसी …!”  शुक्र है कि मैं पहुँच गई थी और तुम्हारी इस सूजी हुई आँख की फोटो दिखा दी थी । डॉक्टर ने बोला था रात से ही डालना लेकिन मैं नवल सर से बात करते-करते सोफे पर ही सो गई थी।

Oh No … सोफे पर सोने से तो तुम्हें बदन दर्द होता है।

लेकिन आज नहीं हो रहा है क्योंकि नवल सर ने मुझे मेरे कमरे में ले जाकर लिटा दिया था शायद …..!
नवल सर तुम्हारे बेडरूम तक भी जा सकते हैं? हेजल हैरान रह गई।

क्यों सिर्फ हर्ष सर ही तुम्हें तुम्हारे बेडरुम में ले जा सकते हैं?
हर्ष सर ने…. नहीं तो !  ऐसा कब हुआ ? हेजल चौकन्नी सी हो गई।

तुम्हें नहीं पता…. ऋषभ तुमने इसे बताया नहीं ?
मुझे खुद नहीं पता इस बारे में कुछ ।

क्यों उस दिन तो तुम भी थे न ऑफिस में जब सर ने सबको हॉफ डे कर दिया था ताकि हेजल की नींद न टूट जाए ।
हाँ था तो लेकिन उन्होंने हम लोगों को भी भेज दिया था कहा था कि तुम्हारे साथ हेजल को भेजेंगे।

उन्होंने मुझे कॉल की थी लेकिन मैं देख ही नहीं सकी तो सर खुद इसे उठा कर ले आएं थे । ये गधी उनकी गोद में भी घोड़े बेचकर सो रही थी ।
Don’t say this ऐसा हो ही नहीं सकता है। मुझे तो लगता है अगर वो मुझे सोते हुए देख लेंगे तो फिर से अपने केबिन में बुलाकर डांटेंगे । हेजल अचानक से इस बात को स्वीकार नहीं कर पाई।

डांटते तो जरूर लेकिन मेरे को तो अच्छे से जानते है । पूछो न ऋषभ और श्रेया से क्या कहा था बोले थे कि “अगर इनकी नींद टूटी तो सना मुझपर गुस्सा करेगी।” मेरे गुस्से की वजह से तुझे कुछ नहीं कहा समझी ।

अ…च्छा ! हेजल ने कुछ सोचने की कोशिश की । सना जल्दी से अपनी चोटी बनाने में लगी हुई है।
पता नहीं इन दोनों ने कुछ समझा या नहीं लेकिन ऋषभ सब समझ चुका था । उसने नजरे उठा कर हेजल के चेहरे को देखा जिस पर कई भाव आ जा रहे थें।

ऋषभ मुझे लेट हो गया है प्लीज तुम इसे दवा खिला देना। और हेजल मैं ब्रेकफास्ट नहीं बना पाई हूँ बस आज के लिए कुछ ऑर्डर कर लेना ।
इतनी जल्दबाजी क्यों कर रही हो ! नाश्ता कर लो फिर ऋषभ के साथ ही चली जाना ।

अरे हाँ जब ऋषभ है तो क्या परेशानी । अपनी कार लाए हो न तुम ?
हाँ।
तब ठीक है मैं कुछ नाश्ता भी बना लाती हूँ तुम दोनों के लिए जो भी 10 मिनट में बन जाए ।

नाश्ता करके ऋषभ और सना निकले हो थे कि गेट पर ही नवल मिल गया ।
Good morning sir..!  दोनों ने एक साथ कहा ।
Morning…! मैं हेजल से मिलने आया था ।

हाँ सर वो अपने कमरे में आराम कर रही है उसके एक पैर में थोड़ी सूजन आ गई है तो यहाँ वहाँ चल नहीं पा रही है ज्यादा ।

चलो कोई नहीं उनसे फिर बाद में मिल लेंगे । तुम दोनों ऑफिस के लिए निकल रहे हो न ? मैं भी साथ ही चलता हूँ।
हाँ सर मैं भी हेजल को देखने आया था तो सोचा सना को साथ ही ऑफिस लेता आऊं ।

वो तुम्हारी कार ही खड़ी है नीचे ?
हाँ सर ।

तो तुम ऋषभ के साथ ही जाओगी ?

जी सर हम तो बस निकल ही रहें थे तो आपसे टकरा गए।
अच्छा किया कि टकरा गए वरना मुझे टैक्सी से जाना पड़ता ।

टैक्सी क्यों सर आपकी कार खड़ी दिख तो रही है? सना ने नीचे की तरफ झांका ।

हाँ वो फ्यूल टैंक में कुछ फंस गया है तो …मैं कार यही छोड़ जाऊंगा । मैकेनिक को फोन किया है दोपहर तक ठीक कराके ऑफिस पहुंचा देगा।
तो ठीक है सर आप मेरी कार से चल सकते है अगर आपको कोई दिक्कत न हो तो ।

मुझे क्या दिक्कत होगी बर्शते तुम्हें तकलीफ नहीं हो ।
मुझे नहीं होगी आ जाएं । ऋषभ ने अपनी तिरछी मुस्कान होठों में दबा के कहा था ।

शाम को नवल ने अपनी कार से सना को घर छोड़ा ।

हेजल से मिलने की बात कहकर नवल भी साथ ही चला आया था । सना हेजल को बुलाने कमरे में गई तो देखा वो बेड पर बैठे बैठे ही सो चुकी है। उसके पास लैपटॉप खुला पड़ा था जिससे वो अपने काम में लगी हुई थी। सना ने लैपटॉप बंद किया और उसे चादर ओढ़ा दी।

सर हेजल तो सो रही है आप चाहे तो उसके जागने का इंतजार कर सकते है तब तक मैं कुछ बना देती हूँ आपके लिए । सना ने अपने बालों को जूड़ा बनाते हुए पूछा।

बड़ी मेहरबानी अगर खाने में कुछ मिल जाए तो । नवल ने सोफे पर पैर जमाते हुए कहा।
क्या खायेंगे बताइए ?

बिरयानी मिल जाती तो मजा आ जाता ।
थोड़ा टाइम लगेगा मैं बना कर लाई । सना किचन की तरफ चली गई ।

नवल थोड़ी देर अकेले बैठे टीवी देखता रहा लेकिन कुछ अच्छा न लगने पर वो किचन की तरफ चला गया।
मैं भी हेल्प करूंगा । नवल ने अपनी आस्तीन फोल्ड कर ली ।

पिछली बार का आप भूल गए शायद जब इसी तरह
आप किचन में हेल्प करवा रहें थे जब हर्ष सर आ गए थे।

जरूरी है कि हर बार कोई न कोई आ ही जाए ? नवल ने टोकरी में से प्याज निकाल लिए ।

सना पुलाव पका रही है और नवल लेयरिंग लगाने के लिए मसाला तैयार कर रहा है । दोनों की बातें लगातार जारी थी और नवल पूरी कोशिश में लगा हुआ था “सर”उपाधि को हटाने के लिए । लेकिन सना की जुबान पर बार बार यही आ जा रहा था।

सर टेस्ट करके बताइए कैसी बनी है ? सना एक कटोरी में थोड़ी सी बिरयानी लेकर नवल के पास गई ।
नहीं खाऊंगा । उसने मुंह दूसरी तरफ घुमा लिया ।

क्यों ?

ये बिरयानी तो सर के लिए बनी है लेकिन मैं तो नवल हूँ।
अब ये क्या बात हुई आपको खानी पड़ेगी ।

पहले सिर्फ नाम लो मेरा ।
मुझसे नहीं हो पा रहा है।

तो मुझसे भी खाया नहीं जाएगा । नवल ने कटोरी लेकर साइड में रख दी ।
आपको खानी पड़ेगी । सना ने बिल्कुल उसके करीब आते हुए कहा ।

नहीं खाऊंगा । नवल ने भी अपना सिर उसके सिर से भिड़ा दिया ।
तो नवल सर आप नहीं खाएंगे । सना ने और गुस्से से उसके सर को पीछे किया ।

जी हाँ सना मैडम हम नहीं खाएंगे । नवल ने अपना सिर अचानक से पीछे कर कर लिया जिससे सना का माथा खुद ब खुद नवल के होठों से लग गया।

हेजल की नींद टूटी तो उसे प्यास महसूस हुई । वो अपने लंगड़ाते पैर से  सना के साथ डिनर करने और पानी पीने के लिए किचन की तरफ चल दी ।
Oh God मम्मी…! हेजल की हल्की सी चीख निकल गई उसने तुरंत मुँह पर हाथ रख लिया।

उसकी आवाज सुनते ही नवल और सना की आँखें खुली। सना ने तुरंत खुद को अलग किया और नवल ने भी दूसरी तरफ मुँह कर लिया ।

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हेजल…! सना उसे अचानक देखकर घबरा गई ।

मैं तो बस …पानी…! मैं बाद में आती हूँ। हेजल इतनी तेज वहाँ से निकली कि अपने पैर की चोट तक भूल गई।
हेजल मेरी बात तो सुनो …! सना ने उसके पीछे जाने की कोशिश की लेकिन नवल ने उसका हाथ पकड़ लिया ।

हाथ छोड़ो मेरा। सना गुस्से में  लगभग चीखी ।
मुझे तुमसे कुछ कहना है। नवल बिल्कुल शांत है।
मुझे कुछ नहीं सुनना बस हाथ छोड़ो मेरा ।

ऐसे नहीं छोडूंगा।

नवल हाथ छोड़ रहे हो या फिर हाथ तोड़ दूँ तुम्हारा ? सिर्फ गुस्सा होता तो नवल सह लेता लेकिन सना की आवाज में ऐसा कुछ था जो उससे भी बुरा था । नवल ने उसका हाथ छोड़ दिया ।

बेहतर होगा कि आप अभी यहाँ से निकल जाएं । सना गुस्से में बाहर निकल गई।

नवल खड़ा सोचता ही रह गया कि क्या ये kiss उसने ही किया था ? नहीं दोनों तरफ से हुआ था । फिर ये इतना भड़क क्यों गई ? गलती दोनों की ही बराबर है।

नवल ने सना को कई कॉल्स की लेकिन उसने नवल का नंबर ही ब्लॉक कर दिया । उसने हेजल को भी कॉल की लेकिन सना ने उसका फोन भी स्विच ऑफ करवा दिया।

ऑफिस में जब नवल को लिफ्ट के पास खड़ा देखा तो सीढ़ियों की तरफ मुड़ गई ।

हर्ष की आदत है कभी भी दूसरे की निजी जिंदगी में टांग नहीं डालने की । लेकिन आज नवल को अपने केबिन के आसपास घूमते देख कर उसका दिमाग सना और नवल के रिश्ते का सच जानने के लिए कुलबुलाने लगा ।

सना ने अपना केबिन लॉक करके रखा था इसीलिए जितनी बार भी सना हर्ष के केबिन में उतनी बार नवल भी किसी न किसी बहाने से चला आया । सना ने एक बार भी उसकी तरफ नहीं देखा लेकिन नवल की नजरें उससे हट ही नहीं रही थी ।

दो बार ऐसा हुआ तो हर्ष ने ध्यान नहीं दिया लेकिन तीसरी बार भी पहले से ही रिजेक्ट ड्राफ्ट को नवल , सना के आते ही फिर से ले आया तब हर्ष ने अनुमान लगा लिया कि जरूर दोनों के बीच कुछ लफड़ा हो गया है। अपने शक को कन्फर्म करने के लिए उसने सना को फिर से बुलाया और देखा नवल फिर से टैब लेकर उसे कुछ दिखाने आ चुका है।

हर्ष को सना एक चिराग जैसी लगी जिसे घिसने से नवल नाम का एक जिन्न निकलता है। हर्ष को प्रोफेशनली ठीक नहीं लगा कि वो इन दोनों से पर्सनल सवाल पूछे । वो दोनों जब उससे काम की बात कर रहे हैं तो उसे भी काम की ही बात करनी चाहिए ।

“सना मेरी बात सुननी पड़ेगी तुम्हें ।” सना चारों तरफ देख के लिफ्ट में गई थी लेकिन लिफ्ट बंद होने से पहले ही नवल अन्दर आ गया । सारे दिन अनदेखा किए जाने के बाद उसे अब और बेइज्जती झेली नहीं जा रही थी वो भी उस गलती के लिए जो सिर्फ उसकी नहीं थी।

देखिए सर कल जो भी हुआ उसे भूल जाइए । एक मामूली सा kiss था और कुछ नहीं । सना लिफ्ट के एकदम किनारे खड़ी हो गई।

सना मैं तुमसे प्यार करता हूँ और शादी करना चाहता हूँ। जिस दिन पहली बार फ्लैट पर हेजल को लेकर आया था उसी दिन से पसंद आ गई थी मुझे तुम….!
नवल कुमार जी आपको लगता है कि आप सना सिद्दीकी से शादी कर सकते हैं? दिमाग ठिकाने है न आपका !

हाँ कर सकता हूँ। अगर तुम्हारी मर्जी से हुई तो कलमा पढ़ कर निकाह कर लूंगा अगर मेरे हिसाब से हुई तो मंत्र पढ़कर विवाह ।

आपको धर्म से कोई दिक्कत नहीं है लेकिन क्या आपके घर वालों को भी नहीं होगी ? इतना तो सोचिए कि…

उन्हें भी नहीं होगी । उनकी एक ही शर्त है किसी लड़के से नहीं, मैं जिससे शादी करूं वो लड़की हो बस । इतनी लड़कियां रिजेक्ट कर चुका हूँ कि घर वाले मेरी पसंद पर शक करने लगे हैं। नवल ने उसकी बात काट दी थी ।

जब आप अपने पूरे होश में हो तो बात कीजियेगा अभी जोश में है तो सच दिखाई नहीं दे रहा है आपको । लिफ्ट नीचे आ चुकी थी और सना जाने के लिए आगे भी बढ़ी लेकिन नवल उसके आगे खड़े हो गया और फिर से बटन प्रेस कर दी। लिफ्ट वापस ऊपरी मंजिल की तरफ जाने लगी।

ऐसा कौन सा सच है जो मुझे समझ नहीं आ रहा है ?

पॉवर, पोजीशन , पैसा .. हर चीज में आपकी स्थिति मुझसे बहुत बेहतर है । इसके बाद भी अगर आपको लगता है एक लोवर मिडिल क्लास लड़की को आपके घरवाले बहु बनाएंगे तो आप गलत है।

तुम्हें पता है तुम HVS के SEO हर्षवर्धन की सेक्रेटरी हो। बड़े अधिकारियों को छोड़ दिया जाए तो पूरा ऑफिस तुम्हें मैडम मैडम करते हुए आगे पीछे घूमता है तुम्हारे । अगर तुम सोचती हो कि ये पॉवर पैसा मुझे जन्म से मिला है तो तुम गलत हो ।

मैं भी 9 साल पहले यहाँ इंटर्न बनकर आया था , हर्ष सर को मेरा काम और डेडीकेशन अच्छा लगा तो उन्होंने मुझे अपना सेक्रेटरी बना लिया। हेमंतवर्धन सर मेरे पापा को जानते है और मेरे काम की भी बहुत तारीफ सुनी तो मुझे एक साल पहले कंपनी का COO भी बना दिया ।

आपके साथ जैसा हो जरूरी नहीं सबके साथ भी वैसा ही हो जाए । लिफ्ट ऊपर खुली लेकिन नवल ने फिर से वही किया। उसकी पीठ गेट की तरफ थी इसीलिए न वो देख पाया बाहर कौन खड़ा है और न सना ही कुछ देख सकी।

तुम्हारे साथ ऐसा न भी हो तब भी तुम हर्ष सर की सेक्रेट्री हमेशा रहोगी। तुम्हें कभी बताया नहीं लेकिन सर ने तुम्हें टेंपररी सेक्रेट्री बनाया था । वो सोच रहे थे कि एक दो महीने में तुम्हें दूसरा डिपार्टमेंट दे कर मुझे दोबारा अपॉइंट कर लेंगे । लेकिन मैं सर से कह दूंगा कि एक साथ COO और सेक्रेट्री की जिम्मेदारी मुझसे नहीं उठाई जाती है। इस तरह तुम हमेशा….

ये जो तुमने कहा वो सच है ? सना इस बात को सुनकर आहत हुई ।

लिफ्ट फिर से नीचे रुकी लेकिन सना ने उतरने की कोशिश भी नहीं की अबकी बार । लिफ्ट फिर से ऊपर की तरफ चल दी।

देखो क्या सच है क्या झूठ ये सब बताने की हालत में नहीं हूँ। मैं तुमसे प्यार करता हूँ और तुम्हारे साथ अपना घर बसाना चाहता हूँ इस वक्त मैं यही कहना चाहता हूँ।

तो आप किसी भी कीमत पर मुझसे शादी करना चाहते हैं? सना नवल के करीब आकर उसकी आँखों में देखती है।
हाँ ।

अगर डेट करने के बाद आपका मन भर गया और आपने मुझे छोड़ दिया तो ?
ऐसा हो ही नहीं सकता है।

अगर हुआ तो ? अगर आप बाद में आपने शादी करने से मना कर दिया तो मैं क्या करूंगी ? पुलिस तक तो पहुंच भी नहीं है मेरी जो धोखाधड़ी का केस लगवा सकूं आप पर ।

सना के इस सवाल का नवल ने कोई जवाब नहीं दिया। लिफ्ट ऊपर की तरफ खुली तो वो लिफ्ट से बाहर निकल गया। सना को यकीन ही नहीं हुआ कि यही इंसान अभी उससे शादी करने को बेताब था । जब वादा मांगा तो पीठ दिखा कर भाग खड़ा हुआ ।

नवल ने सामने हर्ष को और हेमंत सर के सेक्रेटरी को खड़े देखा । उससे कुछ बोलते नहीं बना और वो उन दोनों से बचकर निकल गया ।

सना दहकती आग की तरह लिफ्ट से निकली और सामने हर्ष को देखते ही उसके सामने ऐसे खड़े हो गई कि जैसे आँखों से ही उसका खून पी जाएगी । उसको घूरते हुए सना भी आगे बढ़ गई।

दोनों पागल हो गएं है क्या ? अगर सीढ़ियों से ही नीचे जाना था तो लिफ्ट में सैर क्यों कर रहें थे !
सर मैंने तो पहले ही कहा था दूसरी लिफ्ट से चलते है।

चलो कोई बात नहीं । हर्ष ने इस बात को दूसरे के सामने तूल देना सही नहीं समझा ।

घर पहुंचने तक हर्ष के दिमाग में यही चलता रहा कि सना ने उसे ऐसे क्यों घूरा था ? कहीं उन दोनों के झगड़े की वजह वो तो नहीं ?

To be Continued….
Thanks for Reading 🙏 🙏

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