Office Romance! SEO & Secret girl Love Story pt 14

Office Romance! SEO & Secret girl Love Story pt 14

Office Romance! SEO & Secret girl Love Story पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि हर्ष और हेजल के बीच की दूरियाँ अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई थीं, लेकिन दोनों की परवाह एक-दूसरे के लिए साफ दिखाई देने लगी थी। वहीं सना और नवल ने दोनों को अकेले समय देने की कोशिश की, जिसके दौरान हर्ष ने सोई हुई हेजल का पूरे ख्याल से ध्यान रखा।

अगले दिन हेजल के शानदार आइडिया ने कंपनी की नई मार्केटिंग स्ट्रैटेजी को नई दिशा दे दी, जबकि सना की एक तस्वीर ने हर्ष के दिल का ऐसा राज़ खोल दिया जिसे वह सबसे छिपाकर रखना चाहता था। उधर जेन भी एक नई चाल के साथ लौट आई है। आखिर अब यह कहानी किस नए मोड़ पर पहुँचेगी? आइए पढ़ते हैं आगे…

उसकी मम्मी जब से स्प्रिचुअल टीचर बन गईं हैं तब से अपने आश्रम पर ही रहती हैं। इसीलिए हर्ष को और हेमंत को उनसे मिलने वहीं जाना पड़ता है।
अब की संडे के दिन हर्ष अपनी माँ से मिलने और छुट्टी उनके साथ बिताने के लिए नवल को अपने साथ लेकर आश्रम पर पहुँच गया था।

सोचा था जेन की बातों को , हेजल के चेहरे को , मिस्टर सिंह की डील को सबको भूलाकर अपनी माँ से कोई समाधान पूछेगा । लेकिन ऐसा हो न सका ।
जिस वक्त उनकी माँ नवल और हर्ष को शांत , संयत और स्थिर रहने के उपाय बता रहीं थीं। उसी वक्त जेन का फोन आ गया । हर्ष ने तुरंत फोन काट दिया और फोन स्विच ऑफ करने के लिए बटन दबाई तभी हेजल का एक वीडियो आ गया । फोन स्विच ऑफ हो चुका था तो उसने फिर से फोन ऑन किया ।

हर्ष बेटा सब ठीक है ?
हाँ मम्मा !

तो मैं क्या कह रही थी कि जब हम अंदर से शांत होते हैं तभी दुनिया हमें बाहर से शांत दिखाई पड़ती हैं। जब तक हम शांत न हो तो चाहे पहाड़ों पर भी चले जाएं वहाँ भी भीतर का शोर हमें सुख नहीं पहुंचाएगा ।….

वो अभी दोनों को समझा ही रहीं थी कि हर्ष ने सामने रखे पानी के कटोरे को उठा कर नीचे पटक दिया और गुस्से में बाहर निकल गया ।
इसको क्या हुआ ?

बिजनेस स्ट्रेस आंटी जी बिजनेस स्ट्रेस ! अगले हफ्ते फिर लेकर आता हूँ इन्हें आपके पास । नवल ने अपना फोन उठाया और बाहर भागा।

ये लड़की पागल बना देगी मुझे … तुम देखना नवल मैं कुछ बड़ा कर जाऊंगा…. मैं सच बोल रहा हूँ। हर्ष ड्राइव कर रहा था और नवल उसके बगल में बैठा था। इतनी फास्ट ड्राइविंग देख कर नवल को लगा कि ये इंसान सच में पागल हो चुका है।

हुआ क्या है सर पहले शांत तो होइए । नवल ने उसे शांत करने की कोशिश की ।
जेन का फोन आ रहा था लेकिन नवल ने फोन ले लिया हर्ष से क्योंकि उसे डर था कि फोन भी पटक के न तोड़ दे वो।

नवल ने वीडियो खोली तो उसमें हेजल दिखाई पड़ी । किसी शॉपिंग मॉल की क्लिप है । उसके हाथ में दो ड्रेसेस है और वो सामने बैठे इंसान से पूछ रही है कि कौन सी वाली ठीक रहेगी ? कैमरा जब उस इंसान की तरफ मुड़ता है तो वो मिस्टर सिंह थे । दोनों ड्रेसेस कुछ नहीं तो 2 लाख की तो होगी ही।

मैं इस लड़की को अगर एक भी रुपया ज्यादा भेज दूं तो तुरंत मुझे वापस करती है लेकिन एक ऐसे इंसान से जिसे शायद ठीक से जानती तक नहीं उसके पैसों से इतनी महंगी ड्रेस खरीद रही है।

हेजल कहाँ हो ? चलो आओ कॉफी पीने चलते हैं। नवल ने इतनी देर में उसे फोन लगा दिया था ।
नहीं आ पाओगी ? अच्छा आउट ऑफ सिटी हो ! नवल ने फोन स्पीकर पर डाल दिया।

नहीं वो तो ठीक है लेकिन हो कहाँ पर ?
दोस्तों के साथ बाहर हूँ।

हाँ लेकिन कहाँ?
मैं आपसे बाद में बात करती हूँ। हेजल ने कॉल काट दी।

लोकेशन नहीं बताई अपनी उसने और झूठ भी बोला । हर्ष ने कहा ।
मुझे लगता है ये बुड्ढा अपनी हेजल को बरगला रहा है।

25 साल की लड़की है वो कोई छोटी बच्ची नहीं समझे। तुम तुरंत उसकी लोकेशन पता करो ।
जेन तो वहीं होगी उससे पूछ ले क्या?

तुम्हारा दिमाग खराब है ? हर्ष ने एकदम से ब्रेक मार दी।

Sorry मैं पता करता हूँ आप ड्राइविंग पर फोकस करो।
हाँ सुन यार एक काम था ….! नवल ने किसी को कॉल की और उससे थोड़ी देर बात करके फोन रख दिया।

मीराकर शॉपिंग मॉल...! एग्जैक्ट लोकेशन फाउंडेड ! नवल ने अपना फोन हर्ष को को दिखाया ।

सेल्सगर्ल जिस वक्त मिस्टर सिंह और हेजल के फोटो ले रही थी तभी उनके बीच मौजूद थोड़े से गैप में किसी तीसरे ने एंट्री ली और उन दोनों के कंधों पर हाथ रख दिया। दोनों ने चौक के उसको देखा।

अंकल जी बहुत फोटो खिंचाई जा रही हैं मेरी एम्प्लॉय के साथ एक-आध उसके बॉस के साथ भी हो जाए । हर्ष को यूं आया देख हेजल हैरान हो गई।

हेजल तुम तो दोस्तों के साथ थी फिर यहाँ कैसे आ गई ? नवल ने हेजल का हाथ पकड़ के अपनी साइड कर लिया और हर्ष मिस्टर सिंह के साथ खड़ा रहा ।
नवल के इस तरह हेजल को छूने पर मिस्टर हैरी ने नवल को टोक दिया ।

अब आप कौन हैं उसके जो इस तरह खड़े हैं उसके साथ ?

नवल ने और कस के हेजल की बाँह अपने हाथ में कसते हुए कहा – मैं बड़ा भाई हूँ इसका शायद अंकल जी आपको ये दिखाई नहीं दे रहा है नंबर बढ़ गया है आपका फिर।

सर आप उनसे ऐसे बात नहीं कर सकते हैं और वो आपके अंकल भी नहीं ….
ध्यान से देखो हेजल बेटा और समझो वो तुम्हारी उम्र से दोगुने है और अपने से बड़ी उम्र के लोगों को क्या कहते हैं ? अंकल आंटी ही बोलते हैं न ! तो फिर ।
नवल कार में लेकर चलो इन्हें, मैं आता हूँ। हर्ष ने नवल को इशारा किया ।

सर मैं कहीं नहीं जा रही हूँ। हेजल ने नवल का हाथ झटक दिया ।
आप लोगों को हो क्या गया है? आप लोग मेरे पीछे ही क्यों पड़े हैं ?

कार में बैठो चल कर वहीं बताता हूँ। हर्ष ने हेजल को वहाँ से जाने को कहा ।

हेजल तुम जाओ बिजनेस की बात है । मिस्टर सिंह ने जब हेजल को जाने के लिए कहा तो वो बिना बहसबाजी के चली गई। ये देख कर हर्ष को अंदर से बहुत बुरा महसूस हुआ।

हाँ तो मिस्टर यंगमैन क्या कह रहे थे आप ?
मुझे आपके साथ कोई डील नहीं करनी है ।
लेकिन डॉक्यूमेंट्स तो साइन हो चुके हैं।

कितनी देर लगेगी उन कागजों को जलाने में ये आप भी अच्छे से जानते होंगे । बेहतर होगा आप जल्द से जल्द UK लौट जाएं और मेरी सीधी सादी इंटर्न को चिकनी चुपड़ी बातों में न फंसाए ।

तुम्हें क्यों उसकी फिक्र हो रही है? बगल वाला लड़का तो बोलता है कि उसका भाई है लेकिन तुम उसके क्या हो ?
मैं…? हर्ष इस सवाल के लिए तैयार नहीं था । सच बात तो ये है कि उसने कभी खुद से ये सवाल पूछा ही नही था।

हाँ तुम उसके क्या लगते हो एक बॉस के अलावा? प्यार करते हो उससे ? या दोस्त है वो तुम्हारी ?

हमारा रिश्ता क्या है ये मुझे सबको बताने की जरूरत नहीं है बस आप इतना जान लो अगर आपने उसका गलत फायदा उठाने का सोचा तो याद रखियेगा आप फिर जिंदगी में अपना हाथ तक उठाने लायक नहीं बचेंगे।

इतनी देर में सेल्सगर्ल बिल लेकर आ गई थी। उसके हाथ में दो पैकेट लटक रहे थे।
सर 2 लाख 17 हजार बने। आप कार्ड से पेमेंट करेंगे , ऑनलाइन या फिर कैश…! उसने पूछा तो मिस्टर सिंह से था लेकिन उनके बोलने से पहले ही हर्ष बोल पड़ा ।

आप मेरा कार्ड लीजिए और ये बैग मुझे दीजिए ।
सर आपको ? सेल्सगर्ल ने थोड़ा परेशानी में उसे देखा ।

नवल …! हर्ष ने उसे पुकारा भर ही था कि नवल ने आगे बढ़कर पैकेट ले लिए ।
जाओ बिलिंग करा देना । उसने कार्ड नवल को थमा दिया।
जी सर ।

सच कहूं मैं तुम्हें कुछ बताने वाला था लेकिन तुम्हारी आँखों में जो आग जलती देखी है वो काफी मजेदार है मेरे लिए । हेजल को भले ही खबर न हो लेकिन मैं जानता हूँ कि तुम्हारे दिमाग में क्या चल रहा है । इस बात के बावजूद मैं तुम्हें तुम्हारे ही बनाए जाल में छोड़ रहा हूँ। तुमने मेरी पर्सनल लाइफ में इंटरप्ट किया है अब मैं करूंगा । ये जो गुस्सा ये तेवर जो दिखा रहे हो मुझे देखना एक दिन हाथ फैला के मांगना पड़ेगा हेजल को मुझसे ।

आपकी आईसाइट प्रॉब्लम के साथ आपको डिल्यूशन की समस्या भी है । किसी अच्छे डॉक्टर से मिल कर दिखा लीजिए । हर्ष ने जाते हुए उसे सलाह दी ।

नवल भी उसके पीछे चल दिया ।
गेट पर ही जेन ने हर्ष को रोक लिया ।

अपनी चिकनी चमेली को समझा लो हर जगह मेरे काम में टांग अड़ाने की जरूरत नहीं है वरना तोड़ दूँगी। अगर मुझे एक और बार वो मिस्टर हैरी पर डोले डालती हुई दिखी न तो अबकी बार तुम्हें फोन करने की बजाय मैं ही उसे उसकी औकात दिखा दूं ।

हाँ जरूर ऐसा करना लेकिन पहले अपने लिए एंबुलेंस बुला लेना । और हाँ एक और बात सारी लड़कियाँ तुम्हारी तरह घटिया नहीं होती हैं। मिस्टर सिंह उसके दोस्त है उसका जब मन करेगा , जैसे मन करेगा उनसे मिलेगी तुम्हें उसके पीछे पड़ने की कोई जरूरत नहीं है।
हर्ष जेन को साइड में करते हुए निकल गया।

हर्ष ने कह तो दिया था कि वो डील कैंसिल कर देगा लेकिन ऐसा हो नहीं पाया । उसके डैड ने इस बात की इजाजत नहीं दी थी क्योंकि वो इसके पीछे का कोई स्पष्ट कारण नहीं बता पाया था । इसीलिए हर्ष ने इस प्रोजेक्ट को लेकर ठंडा रवैया अपना लिया ताकि live Luxurious वाले खुद ही ये डील तोड़ दे ।

उस दिन के बाद से हर्ष ने हेजल को इग्नोर करना शुरू कर दिया । न ही उसके भेजे ईमेल्स पर रिस्पॉन्ड करना , न उसे कोई रिपोर्ट सबमिट करने को कहता और न ही उसकी लाई फाइल्स ही सीरियस लेता । ऑफिस में जब भी सामने से मिलने पर हेजल उसे ग्रिट करती वो उसका जवाब भी नहीं देता । हेजल को

हर्ष का ये बदला हुआ बिहेवियर समझने में तीन दिन लग गए ।
अचानक से इतना चेंज देखने पर हेजल थोड़ा परेशान हो गई ।

तीन दिनों में हर्ष का मूड फिर से नॉर्मल होना शुरू हुआ था कि जेन के फोन ने फिर से उसका दिमाग घुमा दिया। जिस वक्त जेन की कॉल देखी वो तुरंत केबिन से बाहर निकल कर देखने आया । हेजल अपनी डेस्क पर बैठी काम कर रही थी ।

जेन से बात करने पर पता चला कि वो यूके जा रही है लेकिन मिस्टर हैरी अगले हफ्ते तक जाएंगे।

फोन कटने के बाद हर्ष यही सोचता रहा कि मिस्टर सिंह एक हफ्ते के बाद क्यों जाने वाले हैं ?
उसने सना को बुलाकर कह दिया कि वो हेजल की खास देखभाल करे और वो किससे मिलने जाती है ये भी देखती रहे ।

हेजल ! तुम तीन हफ्तों के बाद जाने वाली हो ! क्यों न तुम्हारे इन तीन हफ्तों को बहुत खूबसूरत बना दिया जाएं? ऋषभ सुबह सुबह हेजल की डेस्क पे आ गया ।

अच्छा कैसे बनाओगे ?

मैं तुम्हें कुछ खास बताने वाला हूँ अब तुम्हारे जवाब पर निर्भर होगा कि ये बाकी बचे दिन हम दोनों के लिए कितने खूबसूरत होंगे ।
तो बताओ न ।

पहले प्रॉमिस करो गुस्सा तुम गुस्सा नहीं करोगी ?

यार तुम ही तो एकलौते ऐसे दोस्त हो जिसकी बातों पर कभी गुस्सा नहीं आता है मुझे ।
क्या सच में ? मतलब कि मैं तुम्हारे लिए बहुत खास हूँ।

हाँ यार क्योंकि तुम ही हो जो आज भी मेरे दोस्त हो बाकी लोग दोस्त बनने आएं थें लेकिन गार्डियन बन गएं हैं मेरे । हेजल ने थोड़ा ऊंचे स्वर में कहा ताकि श्रेया सुन सके । श्रेया के साथ- साथ ये लाइन सना और नवल के लिए भी बोली गई थी।

Ok हम लंच टाइम में बाहर चलेंगे तब बात होगी ।
Ok !

ऋषभ बेसब्री से लंच ब्रेक का इंतजार करने लगा और हेजल अपने काम में व्यस्त हो गई । इस वक्त वो पर्सनली और प्रोफेशनली दोनों तरह से परेशान है ।

लंच ब्रेक से पहले ही हेजल अपनी डेस्क से कहीं चली गई । पहले तो ऋषभ ने सोचा था कि रेस्टरूम गई होगी इसीलिए उसने हड़बड़ी नहीं दिखाई ।
हर्ष भी अपने काम में व्यस्त था लेकिन जब सीसीटीवी में हेजल को टेरेस की तरफ जाते देखा तो तुरंत ऊपर की तरफ भागा।

हेजल ग्रीनरी में खड़ी है । उसने अपने बाल खुले कर लिए है और गहरी साँसे ले रही है।
तुम ठीक हो ? हर्ष उसके पीछे आकर खड़ा हुआ ।

हाँ..! हेजल उसकी तरफ पलटी।

तो यहाँ क्यों आई ? देखो अभी धूप भी लग रही है चलो नीचे आओ । हर्ष वहाँ से जाने को मुड़ा ।
वैसे तो टेरेस पर ग्रीनरी बनी हुई थी लेकिन दोपहर की सीधी धूप पौधों पत्तों से छनकर बदन झुलसाने के लिए काफी थी ।

घर जाना है…! हेजल की आवाज में रुलाई और बेबसी थी। हर्ष तुरंत रुक गया और उसके पास गया ।
मैं सना से बोल कर तुम्हें घर …..

घर जाना है …मुझे मेरे घर जाना है…! हेजल की आँखों से दो आँसू टपक पड़े ।
तुम ठीक तो हो न ? हर्ष ने उसके माथे को छू कर देखा।

मैं थक गई हूँ हर्ष…! हेजल ने अपना सर हर्ष के सीने पर टिका दिया । पहली बार जब हेजल ने उसके सीने पर सर रखा था तो हर्ष नर्वस हो गया था और उसे अपने गले से नहीं लगा पाया था लेकिन आज उसने ऐसा कुछ नहीं । जैसे ही हेजल ने उसके सीने पर सर टिकाया हर्ष ने उसे अपनी दोनों बांहों में कस के भर लिया ।

कितनी सुरक्षित जगह लगती है ये हेजल को ! ऐसा लगता है कोई मजबूत सहारा मिल गया हो उसे । आज तीसरी बार उसने हर्ष की बढ़ी हुई धड़कनों को इतनी करीब से महसूस किया । उसकी धडकनों के शोर में हेजल के दिमाग की उलझनों के शोर को कम कर दिया और उसने अपनी आँखें कसके बंद कर ली ।

हर्ष ने अपना कोट उतार कर हेजल के सर को ढक दिया। धूप ज्यादा सीधी पड़ने लगी थी इसीलिए पेड़ पौधों की छांव भी उन दोनों तक पूरी नहीं आ पा रही थी।

ऋषभ आया था हेजल को ढूंढते हुए लेकिन जब उन दोनों को ऐसे देखा तो थम के रह गया । मुंह से न कोई चीख निकली और न आह बस अपने सीने पर हाथ रखे वो थोड़ी देर उसी तरह खड़ा रहा ।

हेजल का शरीर हर्ष की बांहों में बिल्कुल ढीला हो चुका था। पहले तो हर्ष ने चेक किया कि वो बेहोश न हुई हो लेकिन वो सो गई थी ।
हर्ष थोड़ी देर उसे ऐसे ही पकड़े खड़ा रहा ताकि वो गहरी नींद में चली जाएं ।

आधे घंटे तक उसे अपनी गोद में संभाले हुए हर्ष पसीने से सराबोर हो चुका था । 24 घंटे एसी में रहने वाले लड़के को आज पहली बार धूप में खड़ा होना पड़ा । उसे अपना पूरा चेहरा भी जलता हुआ महसूस हुआ। ऐसा लगा कि उसे किसी बात की सजा दी गई है। वैसे देखा जाए तो सजा तो थी ही – किसी से इश्क करने की सजा !

हर्ष ने हेजल के पूरे शरीर को अपनी बांहों में उठा लिया और टेरेस से नीचे आने लगा ।

ऋषभ वॉशरूम में बहुत देर तक बैठा रोता रहा । उसने अपनी जेब से हेजल के नाम लिखा हुआ लव लेटर फाड़ कर मुंह में भर लिया ताकि किसी को भी पता न चल सके कि वो भी हेजल से प्यार करता है। श्रेया के अलावा ये बात कोई नहीं जानता कि वो हेजल से किस हद तक मोहब्बत करता है।
लंच ब्रेक खत्म होने के बाद उसने अपना मुंह धुला और रुमाल से अपना चेहरा साफ करके बाहर आ गया ।

कह दिया ?
नहीं !
क्यों ?

शायद अब जरूरत नहीं है।
मैंने लिफ्ट में सर को हेजल को गोद में उठाए हुए देखा ।

फिक्र करते हैं सर उसकी ।
और तुम ? तुम्हारा क्या तुम भी तो प्यार करते हो उससे।

तुम्हें पता है श्रेया 70 हजार सैलरी है मेरी । हर महीने कार की EMI, TV की EMI और मम्मी पापा के दवाइयों के खर्च में उलझा रहता हूँ। तुम मुझे उस बंदे के सामने खड़ा होने को कह रही हो जिसकी नेट वर्थ ही 7 हजार करोड़ से ज्यादा की है । वो भी जो हमारे सामने है अगर कुछ और होगा तो हमें उसका तो पता ही नहीं है।

उन्हें अपने पेरेंट्स के खर्चे भी नहीं उठाने है । अभी जैसा देख के आया हूँ तो लगता है वो इंसान हेजल को प्यार भी मुझसे ज्यादा ही करता है। हेजल खुश रहेगी उनके साथ।

और तुम ?

मैं उसे खुश देख कर खुश रहूँगा। ऋषभ ने अपने आँसू छुपाते हुए लैपटॉप पे आँखें टिका दी । कुछ भी साफ नहीं दिखाई दे रहा था लेकिन वो काम करने की पूरी कोशिश में लगा हुआ है।

उसे एक बार भी नहीं बताओगे ?
कुछ चीजें छुपी रहनी ही बेहतर होती हैं।

हर्ष ने हेजल को अपने केबिन में लाकर सोफे पर लिटा दिया और खुद सोफे के पास ही नीचे बैठ गया । उसका सफेद चेहरा कुछ दिनों में कैसा पीला पड़ गया है! हर्ष ने धीरे से उसके गालों को छू कर देखा जो खुरदरे से हो गएं हैं। वो खुद भी तो इन तीन दिनों में कितना अस्त व्यस्त सा हो गया है। लेकिन जरूरी तो नहीं कि हेजल उसकी वजह से परेशान हुई हो ! अगर ऐसा होता तो वो अपने घर का जिक्र क्यों करती ।

“शायद कुछ ज्यादा ही सोच लिया था मैंने।” हर्ष उठ कर अपनी टेबल पर आ गया ।

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