Office Romance! SEO & Secret girl Love Story pt 15

Office Romance! SEO & Secret girl Love Story pt 15

Office Romance! SEO & Secret girl Love Story  पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि हर्ष, जेन की बातों में आकर हेजल को लेकर गलतफहमियों में उलझ गया और मिस्टर सिंह से उसका सामना भी हो गया। इसके बाद उसने हेजल से दूरी बनानी शुरू कर दी, लेकिन उसके मन की बेचैनी कम नहीं हुई। वहीं ऋषभ अपने दिल की बात हेजल से कहने की तैयारी कर रहा था, मगर उससे पहले ही उसने हर्ष और हेजल के रिश्ते की गहराई अपनी आँखों से देख ली।

उधर मानसिक और भावनात्मक थकान से टूटी हेजल पहली बार हर्ष की बाँहों में खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करने लगी। आखिर इस अनकहे रिश्ते की मंज़िल क्या होगी? आइए पढ़ते हैं आगे…

हेजल की नींद न खुल जाए इसीलिए हर्ष सना के केबिन में बैठ कर अपना काम करने लगा ।
सर मैं लंच लेकर आई थी लेकिन आप केबिन में नहीं थें ।

हाँ वो काम से थोड़ा बाहर गया था ।
या फिर हेजल कहीं चली गई थी तो आप उसे लेने गएं थे?

नहीं तो !  वो तो ऑफिस में थी । जब उसका सर दर्द शुरू हुआ तो मेरे पास ही आई थी छुट्टी के लिए । मैंने कहा कि सना को आज कुछ ज्यादा काम है तो घर तो तुम्हें भेज नहीं सकता तुम यहीं आराम कर लो । फिर मैं अपने काम से निकल गया था जब वापस आया तो वो सो गई थी।

Thanks sir आपने उसका ध्यान जो रखा ।
मेरे कर्मचारियों का ध्यान रखना मेरी जिम्मेदारी है।

थोड़ी ही देर में हर्ष को खुजली शुरू हो गई। कभी अपनी गर्दन पर , कभी पीठ पर तो कभी सीने पर …! बार बार उसका ध्यान काम से हट जा रहा था ।
Are you ok sir ? सना ने उसकी हरकतें नोटिस करके उसे पानी ला कर दिया ।

हाँ ! Thank you ! हर्ष ने पानी का ग्लास ले लिया ।
Sir ? सना ने अजीब ढंग से करीब आकर उसे देखा।
क्या हुआ ?

Office Romance! SEO & Secret girl Love

 

सर आपके गर्दन पर रैशेज हो गएं है , आपके गाल पर भी गुलाबी दाने निकल आएं हैं । कहीं धूप में चले गए थे क्या ?
मैं ? नहीं…! मेरा मतलब थोड़ा टेरेस तक घूमने गया था। हर्ष ने अपनी बटन खोलते हुए फिर से अपनी गर्दन खुजलाई।
मैं नवल सर को बुलाती हूँ आपको अभी डर्मेटोलॉजिस्ट के पास जाना होगा ।

शाम के वक्त हेजल की नींद खुल गई थी जब वो जगी तो सना उसके पास ही बैठी थी।
घर चलें ?
हूँ। हेजल की आवाज में कोई उत्साह नहीं था ।

इतने सालों में कभी कभी ही ऐसी नौबत आई है कि हर्ष को work from home करना पड़े , उसे ये करना बिल्कुल पसंद नहीं है। लेकिन कल डॉक्टर ने उसे घर पे रहने की सलाह दी है क्योंकि थोड़ी सी धूप भी उसकी सेंसेटिव स्किन को और जला देगी ।

उसका शरीर घर पर रहने के बावजूद उसका मन हेजल के आसपास भटक रहा था। उसने तीन बार सना को और दो बार नवल को फोन करके घुमा फिरा के हेजल के बारे में बात की।

अगले दिन जब वो ऑफिस पहुंचा तो उसकी टेबल पर एक गुलदस्ता रखा था । उसने सना से इस बारे में पूछा तो उसने बताया हेजल रख के गई है उनके लिए । ये सुनकर हर्ष के कान के कोनों तक उसकी मुस्कुराहट फैल गई ।

दोपहर में उसने हेजल को केबिन में बुलाया ।
सर आपने बुलाया ?
हाँ  !

सर मैं प्रोडक्शन की डिटेल सबमिट करने ही वाली थी…

नहीं इसलिए नहीं मैं तो ये जानना चाहता था कि ये गुलदस्ता क्यों लेकर आई हो ?

सर थैंक्स बोलने के लिए ! आपको मेरी वजह से तकलीफ हुई और मैं इस बात पर बहुत शर्मिंदा भी हूँ। पता नहीं जब भी सरदर्द शुरू होता है मैं खुद को सम्भाल नहीं पाती हूँ।

It’s ok हो जाता है कभी-कभी । इसमें शर्मिंदा होने की कोई बात नहीं है फिर मैं हूँ ही तुम्हें संभालने के… मेरा मतलब हम लोग हैं जब तुम्हें संभालने के लिए तो तुम्हें क्या जरूरत है खुद को संभालने की ।

Thanks sir ! यहाँ के लोगों का अपनापन ही ऐसी चीज है जिसने इन चार महीनों में मुझे रोक के रखा हुआ है। जैसे-जैसे जाने के दिन करीब आ…
जाने के दिन …? मतलब तुम अब भी जाओगी ?
हाँ सर !

मैं मानता हूँ कि शुरुआत में मैंने अच्छे से बर्ताव नहीं किया तुम्हारे साथ लेकिन मेरा इरादा कभी भी तुम्हें परेशान करने का नहीं था। मुझे पता है कि वो कॉन्ट्रैक्ट भी तुमसे नहीं साइन करवाना था , उसके लिए मैं तुमसे माफी भी मांगता हूँ।

सर आप क्यों माफी माँग रहें हैं! ऐसा तो आपने कुछ किया भी नहीं है। दरअसल मुझे Live Luxurious से ऑफर लेटर आया है …..
तो तुम वापस वहाँ ज्वाइन करना चाहती हो ?
हाँ !

अगर तुम्हें वहाँ वापस ही जाना था तो उसे छोड़ा ही क्यों था ?
कुछ पर्सनल रीजंस थे इसलिए ।

मुझे बताओ वो लोग तुम्हें कितनी सैलरी ऑफर कर रहें हैं ? मैं उससे डबल सैलरी दूंगा ।
सर बात सैलरी की नहीं है वहाँ मेरे लोग हैं जो जानते हैं मुझे , समझते हैं।

और यहाँ? यहाँ के लोग तुम्हारे अपने नहीं हैं? चलो मैं तुम्हें भले ही हमेशा से खडूस लगा लेकिन क्या सना , हेजल , मनोहर …ये सब भी तुम्हें पसंद नहीं आएं ?
सर ऐसा कुछ नहीं है न आप ही मुझे कभी खडूस लगे और न बाकी लोगों को नापसंद करती हूँ। अगर सच कहूं तो Professionalism मैंने आपसे ही सिखा है । जिंदगी की और भी कई बातें जाने अनजाने मैंने आप से ही सीख ली हैं। यहाँ जो दोस्त बने मेरे वो किसी तोहफे की तरह हैं।

तो क्यों जाना चाहती हो ? मत जाओ सबको आदत हो गई है तुम्हारी । मैं तुम्हें इस कंपनी की बड़ी से बड़ी पोस्ट दे सकता हूँ हेजल यहाँ तक कि अगर तुम शेयर में भी हिस्सा कहोगी तो वो भी हो जाएगा । रही बात कॉन्ट्रैक्ट की तो ….! हर्ष ने डेस्क का ड्रॉवर खींचा और उसने से कॉन्ट्रैक्ट निकाल कर हेजल को दिखाया ।

ये रहा कॉन्ट्रैक्ट और ये रहें इसके टुकड़े …! हर्ष ने कॉन्ट्रैक्ट को फाड़ने की कोशिश की लेकिन हेजल ने आगे बढ़कर उसके दोनों हाथ पकड़ लिए ।
सर ये मेरे लिए कीमती है अगर ये कॉन्ट्रैक्ट न होता तो मैं पहले ही महीने किसी दूसरी कंपनी में काम करने निकल गई होती और मुझे वो प्यार वो अपनापन कभी न मिलता जो यहाँ मिला । हेजल ने हर्ष के हाथ से कॉन्ट्रैक्ट छीन लिया ।

सना के केबिन में आ जाने से दोनों की बातें अधूरी रह गईं। उसके आते ही हेजल कॉन्ट्रैक्ट की कॉपी पकड़े केबिन से बाहर आ गई ।
उसकी आँखों में आँसू आ गएं थे , वो खुद को बहुत उलझा हुआ महसूस कर रही थी ।

मनोहर के आ जाने हेजल की पूरी टीम फिर से पूरे इरादे के साथ अपने प्रोजेक्ट कर जुट गई थी।

डिजाइनिंग , मैन्युफैक्चरिंग ,कस्टमाइजेशन , प्रोडक्शन… हर चीज पर हेजल की निगाह थी । सब कुछ समय से हो रहा था बस हर्ष ही हर चीज में कुछ न कुछ कमी निकाल कर रिजेक्ट कर देता था। यहाँ तक कि फाइल्स भी उसकी टेबल पर दो- दो दिन तक पड़ी रहतीं।
हर्ष ने अपना पूरा ध्यान स्नीकर्स की तरफ शिफ्ट कर लिया था । फैशन शो के लिए उसने मुंबई में होटल भी देख लिया था ।

एक काम जो हर्ष के लिए प्राथमिकता थी अब वो उसे द्वितीय स्थान भी नहीं देना चाहता था । उसे लग रहा था कि प्रोजेक्ट पूरा किए बिना हेजल कहीं नहीं जा सकेगी इसीलिए वो इतना टाइम लगा रहा था। लेकिन हेजल भी तो हेजल ही है आखिर ! एक हफ्ते पहले ही उसने अपनी तरफ का सारा काम खत्म कर लिया था ।

मॉडल्स , मार्केटिंग प्लॉन , एडवर्टिजमेंट , फैशन शो … ये सब कुछ हर्ष की देख रेख में किया जाना है ।

मार्केटिंग के सिलसिले में जब हेजल ने हर्ष से बात करने की कोशिश की तो उसके जवाब काफी सधे हुए मिले ।
सर अगर हम मार्केटिंग नहीं करेंगे , स्ट्रैटजी नहीं बनाएंगे तो हमारे प्रोडक्ट लोगों तक पहुंचेंगे कैसे ?

वो मैं देख लूंगा तुम बस अपने काम पर फोकस करो ।
सर ये मेरा काम ही है ।

नहीं तुम्हारा काम ये नहीं है । अभी तक मैंने सिर्फ 25% नॉन लेदर प्रोडक्ट्स बनाने पर फोकस किया था अब मैं चाहता हूँ कि हम इसका उत्पादन 50% कर दें । अब से तुम्हारा काम थोड़ा बढ़ गया है मुझे लगता है इसे तुम दो महीने में कंप्लीट कर लोगी ।

सर ऐसा कैसे कर सकतें हैं आप ? I mean मुझे अगले महीने से दूसरी कंपनी ज्वाइन करनी है। अब तो आपको चाहिए कि आप मेरा अप्रूवल लेटर दूसरी कंपनी को सेंड करे लेकिन आप मेरा काम बढ़ा रहे हैं।

मैं जबरदस्ती नहीं कर रहा हूँ तुम्हारी मर्जी । अगर तुम काम पूरा नहीं करोगी तो unprofessional मानी जाओगी और किसी unprofessional employee के अप्रूवल लेटर में मैं उसके कामकाजी होने की तारीफ करने से रहा ।

Ok ! ये जो दूसरा टॉस्क अभी अभी एड किया है आपने ये दो महीने में पूरा हो जाएगा । अब ये चाहे मैं करूं या मेरी गैर मौजूदगी में मेरी टीम करे उससे आपको लेना देना नहीं है। फिलहाल के लिए आप अभी 25% वाले पर फोकस करें क्योंकि आपका ढीला रवैया देख कर वो लोग डील कैंसिल कर सकते हैं।

यही तो मैं चाहता हूँ । हर्ष धीरे से बुदबुदाया।
क्या कहा आपने ?

मैंने कहा कि रागिनी की शादी होने वाली है अब वो इस टास्क पर और काम नहीं कर पाएगी । अवस्थी जी मुझे अभी अपना सिक लीव एप्लीकेशन दे गएं हैं और मनोहर की हालत पर मेरी नजर है ।

सर ये किस बात की सजा दे रहें हैं मुझे ? चाहते क्या हैं मुझसे ?

“तुम्हें चाहता हूँ।” हर्ष के दिल ने एकदम से जवाब दिया लेकिन होठों ने एक लफ्ज़ नहीं निकाला। बस हर्ष ने डूबकर हेजल की आँखों ही में देखा जैसे उससे ही पूछ रहा हो –

“तुम्हें नहीं पता मैं क्या चाहता हूँ? इतनी नादान हो तुम !”

बात सिर्फ इतनी है कि तुम्हें इस प्रोजेक्ट की काफी जानकारी है तुम्हारी गैरमौजूदगी में किसी और पर भरोसा करना मुश्किल होगा । जब तक तुम इस कंपनी में हो तुम्हें इसकी भलाई सोचनी होगी , Work Ethics तो यही कहता है बाकी तुम जैसा चाहो । मन की बात मन में ही दबाकर हर्ष ने सिर्फ काम की ही बात की ।

Ok Sir ! हेजल ने इसके आगे कोई बहस नहीं की।
तो तुम सच में छोड़ रही हो मुझे… मेरा मतलब मेरी कंपनी को ।

सर आप बार बार क्यों पूछते हैं जवाब नहीं बदलेगा मेरा। हेजल का सर झुका हुआ था क्योंकि उसकी आँखें नम हो आईं थी । पता नहीं पिछले कुछ दिनों से बहुत जल्दी आँखें भर आती हैं उसकी ।

नवल , सना , श्रेया , ऋषभ और भी बाकी लोग उसे किस तरह से रोकने की कोशिश में लगे हुए हैं उसे अच्छे से समझ आ रहा है।

हेजल ने पूरी कोशिश की है हर्ष पर दबाव बनाने के लिए ताकि वो Non leather products को मार्केट में लॉन्च करने का प्लॉन बनाए । नवल सर , शशिकांत सर , पूर्णिमा मैम, राकेश सर … और लगभग सभी सीनियर पोस्ट के अधिकारियों के पास हेजल ने मेल्स भेजे उसे उम्मीद थी कि एक बार ये बात सीनियर HVS Sir के पास पहुँच गई तो हर्ष सर को इधर ध्यान देना ही पड़ेगा। लेकिन ऐसे दबाव बनाने का भी कोई फायदा नहीं हुआ ।

लगभग 18-20 दिनों के बाद जेन का फोन आने पर हर्ष को थोड़ी हैरानी हुई । लेकिन वो फोन रिसीव करके अपना मूड बिल्कुल भी खराब नहीं करना चाहता था। इसीलिए उसने फोन काट दिया ।

तब जेन ने उसे msg भेजा कि अगर वो रेडेक्स में उससे मिलने नहीं आया तो लास्ट बिल्डिंग से छलांग लगा के वो अपनी जान दे देगी । इसके बाद उसकी कंपनी और इस शॉपिंग मॉल का जो तमाशा बनेगा वो हर्ष को जिंदगी भर याद रहेगा ।

हर्ष ऐसी धमकियों को कभी भी गंभीरता से नहीं लेता है लेकिन वो फिर भी जेन से मिलने गया ताकि देख सके कि ऐसा क्या हुआ है जो उसने सुसाइड का प्लॉन बना लिया है।

उसे देखते ही जेन दौड़ के उसके सीने से लग गई । हर्ष ने तुरंत उसे अपने से पीछे कर दिया ।
तुम तो Live Luxurious के लिए मॉडलिंग करने गई थी क्या हुआ ?

तुम सही कहते थे मैं ज्यादा खूबसूरत नहीं हूँ हेजल है मुझसे ज्यादा खूबसूरत ।
तुमसे ज्यादा नहीं तुमसे कई गुना ज्यादा सूरत से भी और सीरत से भी ।

हाँ इसीलिए मिस्टर सिंह उसकी बातों में आ गएं और उन्होंने मेरे साथ ये सुलूक किया ।
तुम कहना क्या चाहती हो खुल कर कहो लेकिन याद रखना हेजल के खिलाफ मैं कुछ नहीं सुनूंगा ।

उन लोगों ने मुझे बुलाया तो था लेकिन एक फोटो तक नहीं खींची मेरी । कभी मेरे पोज पर , कभी चेहरे पर कभी चलने पर तो कभी खाने को लेकर मेरा मजाक बनाते थे । जबरदस्ती मुझे एक हफ्ते मॉडलिंग की ट्रेनिंग दिलाई । तुम ही बताओ क्या मुझे मॉडलिंग नहीं आती लेकिन उन लोगों ने ….! जेन रोने लगी ।

उनकी बातें सुनकर ऐसा लगा कि मैं मॉडल हूँ ही नहीं । मुझे आधा दिन जिम में बिताना पड़ता था और खाने में सिर्फ हरे पत्ते । इतना सब कुछ झेलने के बाद मुझसे कह दिया वापस इंडिया जाओ । प्लीज मुझे माफ कर दो हर्ष प्लीज…!

मुझसे माफी मांगने का कोई फायदा नहीं है मैं तुम्हें कोई भी काम नहीं दूंगा ।
तुम मुझे सिर्फ माफी दे दो काम हेजल देगी ।
कहना क्या चाहती हो ?

हाँ हर्ष मैं सच बोल रही हूँ। मेरे पास हेजल की कॉल आई थी उसने कहा कि मैं उस दिन तुम्हारा कॉलर पकड़ने की माफी मांगू अगर तुमने माफ कर दिया तो वो मेरे काम के बारे में सोचेगी। मिस्टर हैरी हेजल पर इस कदर फिदा हैं कि उसे खुश करने के लिए वो कुछ भी कर सकते हैं।

देखो तुम्हारी झूठ बोलने की आदत से मैं बहुत अच्छी तरह वाकिफ हूँ । इसीलिए तुम्हारे किसी भी झांसे में नहीं आऊंगा । मैं तुमसे रिक्वेस्ट करता हूँ कि उस लड़की के बारे में उल्टी सीधी बातें बंद कर दो ऐसी नहीं है वो ।

मेरी हालत देख कर भी तुम्हें लगता है मैं झूठ बोल रही हूँ। तुम समझते क्यों नहीं सिर्फ उस दिन तुम्हारा गला पकड़ने पर उसने जो धमकी दी थी वहीं सच कर दिखाई। भले ही उसे किसी भी हद तक जाना पड़ा हो , चाहे जैसे भी करके उस SEO को फंसाया हो पर तुम्हारी बेइज्जती का बदला लेने के लिए उसने ये सब किया ।

इन सब बातों के बाद भी सना ने बहुत कुछ कहा लेकिन हर्ष उन बातों को सुन नहीं पाया ।

हर्ष हेजल से बात करने आया था लेकिन बाहर फ्लीट देख कर अपनी कार पार्किंग में ही रोक ली । सना नवल के पेरेंट्स से मिलने गई है। तो ऐसे में हो ही नहीं सकता कि कोई उससे मिलने आया हो । जो भी इंसान है वो सना की गैरमौजूदगी में ही आया है।

हर्ष को ज्यादा देर इंतजार नहीं करना पड़ा । फ्लैट का दरवाजा खुला और मिस्टर सिंह बाहर आते दिखाई दिए, उसका हाथ पकड़े हेजल भी साथ थी । विदा लेने से पहले उन्होंने हेजल को गले लगाया और अपनी कार में बैठ गए ।

हर्ष ने तुरंत अपनी कार बैक कर ली ।

ऑफिस में आकर हर्ष बहुत देर तक रोता रहा । उसके फोन पर कितनी और किसकी मिस्ड कॉल लगी उसे पता भी नहीं चला।

एक ही बार में फोन उठा लेने हर्ष सर ने जब बार बार कॉल करने पर भी फोन नहीं उठाया तो सना और नवल परेशान हो गए । हेमंत सर के पास फोन करने पर पता चला कि उनके इधर भी नहीं गएं हैं। हेजल से बात हुई तो पता चला फ्लैट पर भी नहीं आएं हैं।

यार 12 बजने वाले हैं इतनी रात में सर ऑफिस में तो होंगे नहीं । नवल ने सोचते हुए कहा ।
चल के देख लेते हैं ।

जब दोनों ऑफिस पहुंचे तो हर्ष उन्हें अपने केबिन में ही मिला । उस वक्त डेस्क पर ही झुका हुआ पड़ा था ।
सर…?

OH my God ! सना देखो सर को बुखार है क्या ?
सना ने माथा छूकर देखा हाँ है तो ।

हेमंत सर का कॉल आ रहा हैं उन्हें क्या बताऊं ? अगर बता दिया तो परेशान हो जाएंगे ।
बोल दो कि दोस्तों के साथ हैं और हम भी साथ आ गएं हैं।

सुबह हर्ष की आँख खुली तो वो अपने घर में था । कमरे के बाहर से सना और नवल की आवाज आ रही थी।

उन दोनों ने बहुत रोका लेकिन हर्ष फिर भी तैयार होकर ऑफिस निकल गया ।

सर तबियत कैसी है अभी ?
ठीक हूँ !

सर दो दिन बाद मेरा यहाँ टर्म पूरा हो जाएगा…
अप्रूवल लेटर कल रात को ही मैंने भेज दिया था तुम्हारी पुरानी कंपनी को ।

सर मैं अप्रूवल लेटर की बात नहीं करने आई थी। मैं चाहती हूँ कि अपनी कंपनी का नुकसान नहीं हो । सिर्फ आपके साइन की जरूरत है मार्केटिंग प्लॉन तैयार है। लांचिंग डेट डिसाइड करके काम को आगे बढ़ाना चाहिए। मैं चाहती हूँ कि मेरे रहते ये सब हो जाए ।

हर इंसान कुछ न कुछ चाहता ही है हेजल लेकिन सबकी चाहत पूरी नहीं होती । हर्ष की आँखें अब भी लाल है।
सर..?
हाँ !

आपने अचानक से मेरा अप्रूवल लेटर क्यों भेज दिया ।

सोचा कि तुम पहले ही बहुत कुछ कर चुकी हो मेरे लिए अब और न करना पड़े । फिर एक हिसाब की जबरदस्ती ही लग रही होगी तुम्हें ।

सर मैं कभी आपके लिए कुछ नहीं कर पाई हूँ। हाँ आपने मेरे लिए बहुत कुछ किया है जिसके लिए जिंदगी भर अहसान मानूंगी आपका । सच कहूं तो अगर आप न होते मैं कभी भी टफ चैलेंजेस नहीं ले पाती । आपने जो सिखाया है वो जिंदगी भर मेरे काम आयेगा और ये आपने जबरदस्ती नहीं बल्कि सम्मान और प्यार के साथ सिखाया है मुझे ।

हेजल कितनी प्यारी बातें कर रही हैं आज ! लेकिन वो बातें क्या हर्ष के दिल में उतर भी रही हैं? उसके दिल में तो वैसे भी बहुत दर्द भर चुका है । सच में ये लड़की उससे प्यार करती थी क्या जो इस हद तक चली गई ?

सच में हेजल तुमने बहुत टफ चैलेंजेस ले लिए हैं मेरी वजह से लेकिन अब और नहीं । तुम्हारी अंतिम तनख्वाह कल तुम्हारे खाते पर प्रेषित कर दी जाएगी । तुम्हें तुम्हारे अग्रिम भविष्य की बहुत बहुत शुभकामनाएं ।

हर्ष और देर केबिन में न रुक सका और उठ कर बाहर निकल गया ।
हेजल वहीं खड़ी खड़ी रोती रही। उसे कोई अंदाजा नहीं था कि अंतिम दिनों में ऐसी क्या गलती हो गई है जो हर्ष इतनी बेरुखी दिखा रहा है।

Office Romance! SEO & Secret girl Love

पूरे ऑफिस ने हेजल को विदाई दी थी । उसके सहकर्मी उसे एयरपोर्ट तक छोड़ने भी गएं। लेकिन हर्ष नहीं दिखा। नवल ने फोन किया तो उसने मीटिंग में होने का बहाना बना दिया । नवल जानता है कि वो झूठ बोल रहा है फिर भी उसने कुछ नहीं कहा ।

वहाँ पहुंच कर मेरी सीट भी कन्फर्म करवा लेना अपने अगल बगल में । ऋषभ ने उसे गले लगाते हुए कहा ।

सोचा था हमेशा साथ रहोगी लेकिन तुम अपने अलावा किसी की नहीं मानोगी । अब जा रही हो तो अपना खयाल रखना और अपनी दवा टाइम से खाते रहना ।सना ने भी उसे गले लगाया।

छोटी सी बात थी हेजल , तुमने उसे बहुत बड़ा बना दिया। सर गलत नहीं थे पर परिस्थिति कुछ खराब थी। श्रेया के दिल में भी शिकायत थी।
जाओ अपने काम पर फोकस करो । लेकिन एक सलाह याद रखना पैसा कभी भी आदमी से बड़ा नहीं होता। बाकी और कोई परेशानी हो तो अपने मुझे याद कर लेना । नवल से उसकी पीठ थपथपाई।

तुम्हारे इस भाई को जब जरूरत पड़ेगी तो आओगी न ? मनोहर ने उसका माथा चूमते हुए पूछा था।

हेजल सबके सीनों से लगी लेकिन हर्ष जैसा दिल किसी के सीने में भी नहीं धड़का । जाते वक्त वो चारों तरफ देखती रही कहीं से हर्ष आता ही दिख जाए ।
प्लेन में वो रोते रोते ही सो गई ।

Read more stories like this…..

 

Leave a comment